पराली के नाम पर किसानों का शोषण और अत्याचार तत्काल बन्द करे सरकार - अजय कुमार लल्लू


लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बेमौसम बारिश से हुई फसलों की बर्बादी पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा है कि एक तरफ जहां धान की सरकारी खरीद न होने से किसान त्राहि-माम कर रहे थे वहीं दूसरी तरफ बेमौसम बारिश से भीगने के कारण धान की बर्बादी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों के साथ ही खलिहानों और घरों पर सूखने के लिए रखा धान भी भीगकर खराब हो गया है जिससे किसानों की हालत और भी दयनीय हो गयी है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार किसानों के प्रति कतई संवेदनशील नहीं है। यदि सरकार ने समय से सरकारी क्रय केन्द्र खोले होते तो आज किसानों को यह दिन न देखना पड़ता। जहां खेतों में धान वर्षा के चलते बर्बाद हो रहा है वहीं सरकारी क्रय केन्द्रों में व्याप्त भ्रष्टाचार और क्रय केन्द्रों की बदहाली के चलते किसानों का धान बेमौसम वर्षा की भेंट चढ़ गया है। सरकारी क्रय केन्द्रों पर समुचित धान की खरीद न होने से किसानों की हालात सबसे ज्यादा खराब हो गयी है। बरसात के कारण किसानों को आने वाली दलहन और तिलहन की फसलों का भी नुकसान उठाना पड़ा है। प्रदेश के रायबरेली, अमेठी व सुल्तानपुर आदि जनपदों में अभी भी धान की खेतों में कटाई चल रही है। धान की मड़ाई न हो पाने से धान भीगकर खराब हो रहा है वहीं अगेती फसल मटर और सरसों की बुआई की गयी फसल वर्षा के कारण बर्बाद हो गयी है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पराली को लेकर भी प्रदेश की योगी सरकार किसानों के साथ दोहरा मापदण्ड अपना रही है। एक तरफ तो आये दिन बयान देकर कि किसानों का उत्पीड़न न किया जाए, दूसरी ओर रोजाना पराली के मुद्दे पर किसानों का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। पराली जलाने को लेकर कभी पुलिस तो कभी लेखपाल आदि सरकारी कर्मचारी किसानों का दोहन करने में जुटे हुए हैं।



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