प्रदेश में आक्सीजन की मांग व आपूर्ति की निगरानी हेतु गृह विभाग में बनाया गया विशेष नियंत्रण कक्ष


लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कोविड के दौरान प्रदेश में उत्पन्न हुयी ऑक्सीजन की समस्या से निपटने के लिए तैयार कराये गये ‘‘ऑक्सीजन माॅनिटरिंग सिस्टम फाॅर यू0पी0’’ नामक डिजीटल प्लेटफार्म द्वारा कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।

कोविड से बचाव के सम्बन्ध में भारत सरकार के साथ आज हुई वीडियों कान्फ्रेन्सिंग में अपर मुख्य सचिव, गृह, अवनीश कुमार अवस्थी ने प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई उक्त ऑक्सीजन मानीटरिंग व्यवस्था के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी। वस्थी ने बताया कि उ0प्र0 सरकार ने तकनीकी का उपयोग कर राज्य मे ऑक्सीजन की कालाबाजारी को रोकने तथा प्रदेश के सरकारी एवं निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग व पूर्ति में पारदर्शिता लाने तथा जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन की आपूर्ति भी प्राथमिकता के आधार पर कराये जाने के उद्देश्य से उक्त कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है।

उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा शुरू की गयी इस पारदर्शी व्यवस्था की सराहना हुई है। कई राज्यों यथा बिहार, पंजाब, तमिलनाडु, महाराष्ट्र आदि ने प्रदेश सरकार की इस नयी व्यवस्था के सम्बन्ध में गहरी रूचि भी दिखाई है। उल्लेखनीय है कि यह व्यवस्था देश के अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाये जाने पर ऑक्सीजन की मांग व आपूर्ति के सम्बन्ध में राज्यों के मध्य भी समन्वय बढ़ेगा। अपर मुख्य सचिव, गृह, अवनीश कुमार अवस्थी ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के गृह विभाग में पृथक से एक ‘‘विशेष नियंत्रण कक्ष’’ बनाकर ऑक्सीजन की मांग व आपूर्ति के सम्बन्ध में लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस कार्य में गृह विभाग को प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं  परिवहन विभाग का सहयोग मिल रहा है।

इन विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी इस दिशा में लगातार उक्त विशेष नियंत्रण कक्ष के माध्यम से कार्यरत है। इस व्यवस्था का उत्तर दायित्व राज्य सरकार द्वारा रोड़िक कंसल्टेंट प्रा0लि0 (Rodic Consultants Pvt. Ltd) को दिया गया है, जिसके प्रतिनिधि भी लगातार क्रियाशील है। ऑक्सीजन सप्लाई में लगे टैंकर की ऑनलाइन ट्रैकिंग की व्यवस्था इस पोर्टल के माध्यम से लगातार की जा रही है तथा जरूरत के अनुसार निकटस्थ ऑक्सीजन वाहन को सम्बन्धित अस्पताल के लिए प्राथमिकता के आधार पर भेजा जा रहा है।

अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में ऑक्सीजन की सप्लाई को देने वाले वाहनों की रियल टाइम लोकेशन की इस डिजीटल प्लेटफार्म के माध्यम से माॅनिटरिंग व ट्रेकिंग होने से अस्पतालों की माॅग पर यथाशीघ्र ऑक्सीजन की व्यवस्था सुलभ होगी।

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