ऐश्वर्य पाकर जीव मोह को प्राप्त हो जाता है


प्रभु ने इस संसार की रचना ऐसी की है कि अधिकतर सबका मन संसार में ही लगा रहे इसलिए प्रभु की माया ने संसार के विषयों में ऐसा आकर्षण भरा है कि बड़े बड़े ज्ञानी भी भूल जाते हैं माया बहुत प्रबल है फिर भी कोई संसार की माया को पीछे करके बहुत भक्ति करने लगे तो भगवान, लक्ष्मी जी को आज्ञा करते हैं कि तुम इन पर दृष्टि डालो लक्ष्मी जी की कृपा से उनको ऐश्वर्य, कीर्ति की प्राप्ति हो जाती है।

ऐश्वर्य पाकर जीव मोह को प्राप्त हो जाता है भगवान की भक्ति छोड़ देते हैं, प्रभु से विमुख हो जाते हैं माया में फँस जाते हैं संसार सुंदर नहीं है संसार की रचना जिस प्रभु ने की है वे श्री हरि अतिशय सुंदर हैं।

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