यूपी में चौथे नंबर पर आ चुकी है AAP - संजय सिंह


लखनऊ : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि यूपी की जनता ने पंचायत चुनाव में भाजपा को नकार दिया है और आम आदमी पार्टी के 83 जिला पंचायत सदस्य, 300 प्रधान और 232 बीडीसी प्रत्याशियों को जीता कर दिल्ली में केजरीवाल माॅडल पर मुहर लगा दी है। यूपी के 40 लाख मतदाताओं ने वोट देकर ‘आप’ में विश्वास जताया है। हम यूपी की जनता के अभारी हैं। 

आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस से आगे निकल चुकी है और चौथे नंबर की पार्टी बन गई है कांग्रेस का वोट बैंक लगातार आम आदमी पार्टी को मिल रहा है । उन्होंने कहा कि यूपी की जनता को श्मशान की राजनीति नहीं चाहिए, बल्कि दिल्ली की तरह ही मुफ्त बिजली, पानी, अस्पताल और शिक्षा चाहिए। श्री सिंह ने कहा कि यूपी में लोगों को अस्पताल जाने के लिए एंबुलेंस का घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इसलिए ‘आप’ लखनऊ समेत कई जिलों में आॅटो एंबुलेंस सेवा शुरू करेगी। यूपी सरकार लोगों की मदद करने की बजाय उन पर मुकदमे दर्ज कर रही है, यह निंदनीय और हिटलरशाही है। सर्वोच्च न्यायालय से अपील है कि यूपी में ऑक्सीजन आदि की शिकायत करने वालों पर दर्ज मुकदमे का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों पर कार्रवाई करें। 

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के संबंध में ‘आप’ के प्रदर्शन की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी के इस मुश्किल वक्त में पंचायत चुनाव हुए और उस पंचायत चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता ने जो चुनाव परिणाम दिया है, वह स्पष्ट संकेत है कि आदित्यनाथ की सरकार से, भारतीय जनता पार्टी की सरकार से लोगों में घोर निराशा है और लोगों ने भारतीय जनता पार्टी को पूरी तरह से नकार दिया है। पंचायत चुनाव के जो परिणाम आए हैं, उसने यह भी साबित किया है कि इस कोरोना महामारी के दौरान उत्तर प्रदेश की आदित्यनाथ सरकार श्मशानों को ढंकने में लगी रही, ऑक्सीजन बेड और जांच का इंतजाम नहीं किया और शव जलाने के लिए भी लोगों को लंबी-लंबी कतारें लगानी पड़ी। ऐसा मुश्किल दौर उत्तर प्रदेश के लोगों ने शायद कभी नहीं देखी होगी, जो इस समय देख रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि यह वक्त कोई जुलूस निकालने, जश्न और उत्सव मनाने का नहीं है। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी के 83 जिला पंचायत के सदस्य जीते हैं। लगभग 300 के करीब प्रधान जीते हैं और 232 के करीब बीडीसी जीते हैं और उत्तर प्रदेश के इस चुनाव में लगभग 40 लाख मतदाताओं ने आम आदमी पार्टी को वोट दिया है। आम आदमी पार्टी के प्रति अपना विश्वास और भरोसा जताया है। मैं उत्तर प्रदेश की जनता के प्रति हृदय से आभारी हूं। उनको नमन करता हूं। 

संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हम लोग जल्द ही लखनऊ के अंदर और कुछ जिलों में ऑटो एंबुलेंस की शुरुआत करने जा रहे हैं। क्योंकि यह देखने को मिल रहा है कि अस्पतालों में लोगों को पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है, लोगों को घंटो इंतजार करना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश में इस कोरोना के दौरान ऐसी-ऐसी तस्वीरें सामने आईं, जो आपके दिल को दहला देती हैं। बेटा पुलिस वालों के सामने गिड़गिड़ा रहा है। वह अपनी मां को बचाने के लिए ऑक्सीजन का सिलेंडर मांग रहा है, लेकिन पुलिस के लोग वह ऑक्सीजन के सिलेंडर छीन कर लेकर चले जाते हैं। उत्तर प्रदेश के श्मशानों में शवों को जलाने के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कल माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी की है और साफ तौर से कहा है कि ऑक्सीजन की कमी के चलते जो उत्तर प्रदेश में मौतें हुई हैं, वह किसी नरसंहार से कम नहीं है, लेकिन अफसोस होता है कि हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कहीं कुछ नहीं दिख रहा है। उनको चारों तरफ हरियाली दिख रही है। उन्होंने बेशर्मी भरा बयान दिया और कहा है कि उत्तर प्रदेश में न के बराकर केस हैं, ऑक्सीजन की कमी नहीं है, बेड की कमी नहीं है। 

उन्होंने कहा कि सीएम योगी प्रधानमंत्री के साथ मीटिंग करते हैं, तो उसमें उत्तर प्रदेश की जनता के लिए ऑक्सीजन नहीं मांगते हैं। उत्तर प्रदेश की जनता के लिए सुविधाएं नहीं मांगते हैं। खुद कोई सुविधाएं दे नहीं पाते हैं, लेकिन विक्की जैसा व्यक्ति अपनी पत्नी का गहना बेच कर लोगों को ऑक्सीजन मुहैया कराता है, तो उस पर मुकदमा लिखने का काम जरूर करते हैं। अगर रायबरेली के पत्रकार ऑक्सीजन की कमी पर सच खबर दिखाते हैं, तो उन पर मुकदमा जरूर लिखते हैं। अगर लखनऊ के प्राइवेट अस्पताल के लोग ऑक्सीजन की कमी पर गुहार लगाते हैं, तो उन पर मुकदमा जरूर लिखा जाता है। आदित्यनाथ सत्ता का इतना अहंकार अच्छा नहीं है। सरकारें तो आती-जाती रहती हैं, लेकिन जनता के प्रति आपका यह आपराधिक आचरण न सिर्फ निंदनीय है, बल्कि मैं यह कहूंगा कि यह हिटलरशाही से कम नहीं है।  

राज्यसभा सांसद ने दिल्ली के संबंध कहा कि कल माननीय दिल्ली हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि केंद्र सरकार शुतुरमुर्ग की तरह अपना मुंह छुपा रही है, लेकिन दिल्ली को ऑक्सीजन मुहैया नहीं कराई जा रही है। दिल्ली को जो प्रतिदिन 976 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत है, उसके मुकाबले हमें ऑक्सीजन नहीं दी जा रही है। दिल्ली हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट, इलाहाबाद हाईकोर्ट, पटना और कर्नाटक की कोर्ट समेत चारों तरफ से न्यायालयों द्वारा भाजपा की केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारों को केवल लताड़ मिल रही है, लेकिन उनकी आंखें नहीं खुल रही है।


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