बेसिक शिक्षा मंत्री के प्रभाव में हुआ फर्जीवाड़ा, मुख्यमंत्री तत्काल करें बर्खास्त- संजय सिंह

लखनऊ। चोरी की घटना का खुलासा हुआ, चोरी का माल बरामद हुआ, मगर चोर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने फर्जीवाड़ा करके बनवाए गए ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट से असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी पाने वाले बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी के भाई डॉक्टर अरुण कुमार के इस्तीफे पर ये प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बेसिक शिक्षा मंत्री के प्रभाव में यह फर्जीवाड़ा हुआ, इसलिए मुख्यमंत्री तत्काल उन्हें बर्खास्त करें।

सतीश द्विवेदी पर बेसिक शिक्षा मंत्री पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपये की जमीनें खरीदने की बात कहते हुए राज्यसभा सांसद ने कहा कि वह इसकी शिकायत उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त से करेंगे। संजय सिंह ने बुधवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी बार-बार मांग की है कि बेसिक शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें। इस्तीफा फर्जीवाड़ा करने वाले का होना चाहिए, इस्तीफा जिनके प्रभाव से गरीब कोटे में अपने भाई को नौकरी दिलाई गई उनका होना चाहिए, लेकिन आज जब पकड़ी गई चोरी तो मंत्री के भाई का इस्तीफा करवा दिया गया। मंत्री का भाई चोरी चोरी की घटना है, जिसका खुलासा हो गया। मंत्री का भाई तो चोरी का माल है, जो बरामद हो गया। जिसने इस प्रदेश के गरीब नौजवान की नौकरी खाई वह बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री सतीश द्विवेदी हैं।

उनको एक मिनट भी इस पद पर रहने का हक नहीं है। उनको इस्तीफा देना चाहिए। आज एक नहीं अनेकों प्रमाण सामने हैं, जिससे मंत्री के भ्रष्टाचार भी सामने आएंगे। उनके भाई कैसे नौकरी पाए, कैसे ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट बनाया और लगाया गया, यह भी सामने आएगा। मंत्री के भाई का जो सर्टिफिकेट बना, वह 2019 का है। इसकी वैधता 1 साल की होती है। यह सर्टिफिकेट अगर 2 साल बाद लगाकर नौकरी के लिए लगाया जाता है और उसे स्वीकार करके नौकरी दी जाती है तो जिस के प्रभाव में ऐसा किया जाता है और जिसने ऐसा किया उसे गिरफ्तार करके जेल भेजा जाना चाहिए। मंत्री के भाई की पत्नी असिस्टेंट प्रोफेसर, मंत्री के भाई भी राजस्थान में  तैनात थे। सतीश द्विवेदी के प्रभाव में उनके भाई का ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट जारी करने वाले एसडीएम और दो साल पुराने EWS प्रमाण पत्र को स्वीकार कर नियुक्ति कराने वाले कुलपति को भी गिरफ्तार करके जेल भेजा जाना चाहिए।  

संजय सिंह ने कहा कि सतीश द्विवेदी खुद को गरीब बताते हैं। वह कितने गरीब हैं इसका प्रमाण मेरे पास है। 2017 में मंत्री बनने के बाद तमाम अनाप-शनाप जमीन खरीद के अकूत संपत्ति बनाई। मैं पूछना चाहता हूं योगी आदित्यनाथ से भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे ऐसे मंत्री को कैसे आपने अपनी सरकार में रखा हुआ है। मुख्यमंत्री आप कहते हैं ईमानदारी से सरकार चला रहे हैं तो क्या यह आपकी ईमानदार सरकार है। बीटीसी के अभ्यर्थी नौकरी मांगने आएं तो उन्हें लाठियों से पीटा जाएगा। शिक्षामित्रों ने नौकरी मांगी तो उन्हें लाठियों से पीटा गया, ग्राम विकास अधिकारी की नौकरी के लिए आए नौजवानों के साथ भी ऐसा ही हुआ। पुलिस भर्ती के नौजवान है तो उन्हें भी खूब पीट-पीटकर लहूलुहान किया गया और मंत्री के भाई को फर्जी ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट पर नौकरी दे दी जा रही है। योगी आदित्यनाथ यह हो रहा है आपकी ईमानदारी की सरकार में।

जफर अली की सात करोड़ की जमीन मंत्री ने मात्र 20 लाख में खरीदी इनकम टैक्स वाले चाहे तो आज बेसिक शिक्षा मंत्री का छापा मारकर गिरफ्तारी करा सकते हैं। माता के नाम पर मंत्री द्वारा महज 15 लाख रुपए में इतनी ही कीमत की जमीन खरीद सहित अन्य प्रमाण मीडिया के सामने रखते हुए संजय सिंह ने शीघ्र उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त से मिलकर बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री सतीश द्विवेदी के भ्रष्टाचार की शिकायत करने की बात कही। संजय सिंह ने सवाल उठाया कि मंत्री बनने के बाद अचानक आपकी आमदनी इतनी कहां से बढ़ गई। इसका स्कूलों में जूतों की सप्लाई करने वालों ने इन जमीनों का पेमेंट किया है। संजय सिंह ने कहा कि जब उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के दौरान संक्रमित होकर 1621 शिक्षक मर जाते हैं तो यह मंत्री 03 शिक्षकों के मरने की बात करते हैं।

प्रयागराज में बालू के रेत में दफनाएं गए शवों के ऊपर से राम नामी चादर नोचे जाने की घटना को लेकर घेरते हुए संजय सिंह ने योगी आदित्यनाथ को सच्चाई स्वीकार ने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि भाजपा जिंदा लोगों से  राम के नाम पर वोट मांगती है और मरने के बाद शव के ऊपर से राम नामी चादर भी नोच लेती है ये भाजपा का दोहरा चरित्र है यही भाजपा का असली चेहरा है।उन्होंने परंपरा के नाम पर शवों की बेकद्री के मामले में सरकार की ओर से किए जा रहे बचाव पर सवाल किया कि यह कहां की परंपरा है कि शवों को कुत्ते नोचें? कहा कि यह सिर्फ सियासी गिद्धों की परंपरा है। मुख्यमंत्री को शवों की बेकद्री के लिए प्रदेश की जनता से माफी मांगना चाहिए और पद छोड़ देना चाहिए।

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