कोरोना के कुरुक्षेत्र में अभिमन्यु

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष पहल पर देश के युवा चिकित्सकों ने कोविड प्रबंधन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी शुरु कर दी है। लखनऊ के विश्व विख्यात किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्दालय के इंटर्न छात्रों ने इस दिशा में एक मिशाल पेश की है।253 छात्रों ने स्वेच्छा से कोविड मरीजों की सेवा में अपने को समर्पित कर दिया है।चिकित्सा अधीक्षक डा. हिमांशु ने पीआईबी को बताया कि ज्यादातर छात्रों को कोविड वार्ड में लगाया गया है।ये वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में कोविड मरीजों की मदद कर रहे हैं।

गौरतलब है कि किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्दालय में एक हजार बेड का कोविड अस्पताल बनाया गया है।300 बेड का आईसीयू अलग से है।इसके अलावा प्रसूति से जुड़ी सेवायें, आपात चिकित्सा और मेडिसिन विभाग भी पूर्व की भांति काम कर रहा है।डा. हिमांशु ने बताया कि इन सभी में बारी बारी से इन इंटर्न छात्रों की तैनाती की जाती है। डीन डा. उमा सिंह ने बताया कि जब इन इंटर्न छात्रों से उन्होंने प्रधानमंत्री की मंशा को बताते हुए कहा कि उन्हें कोविड मरीजों की सेवा में काम करने को कहा गया है तो ये काफी उत्साहित हुए और स्वयं को गौरवान्वित माना।छात्रों  ने इसे एक बड़ी चुनौती के रुप में लिया और कहा कि उनके चिकित्सकीय जीवन की शुरुआत वास्तव में इस चुनौती के साथ हो रही है।

हमने कोविड वार्ड में काम कर रहे कुछ इंटर्न से बात की तो पाया कि वे इस नयी जिम्मेदारी को लेकर काफी खुश थे।कोविड वार्ड में तैनात डा.आशीष ने कहा कि उन्हें यहां पर काफी कुछ सीखने को मिल रहा है।प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा अवसर है जो हम नये डाक्टरों के हिस्से में आया है।वहीं तैनात डा. प्रखर ने भी इस चुनौती को एक बड़ा अवसर बताया ।उन्होंने कहा कि वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में उन्हें मानवता की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है।कोविड-19 को लेकर उनके विचार काफी स्पष्ट दिखे। उन्होंने कहा कि अगर समय से इसका ईलाज शुरु कर दिया जाये तो इससे होने वाले खतरे को खत्म किया जा सकता है।

कोविड वार्ड में ही तैनात डा. महेंद्र ने किताबी शिक्षा के बाद इस प्रकार की तैनाती का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपने परिवार वालों को इसके बारे में बताया और यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की एसी ही इच्छा है तो उनके परिवारवालों ने भी उनका खुलकर समर्थन किया। कुछ भी हो नए डाक्टरों की यह नई फौज करोना के खिलाफ लड़ी जा रही जंग में कामयाब साबित होती दिख रही है। अभिमन्यु की तरह यह डाक्टर अपने लक्ष्य की ओर निरन्तर आगे बढ रहे है।

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