कोविड नियंत्रण के संबंध में मुख्यमंत्री योगी ने टीम-09 को दिए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी का असर कम हुआ है। सभी जिलों में स्थिति नियंत्रण में है। आज कुल एक्टिव कोरोना मरीजों की संख्या 9806 रह गई है, जो कि 31 मार्च के पूर्व की स्थिति के समान है। दैनिक पॉजिटिविटी दर मात्र 0.2% है, जबकि रिकवरी दर बेहतर होकर 98.1% हो गया है। विगत 24 घंटे में कोविड संक्रमण के 524 नए केस आए हैं।

इसी अवधि में 1,757 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज भी हुए हैं। अब तक कुल 16 लाख 70 हजार लोग कोरोना संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं। ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट की नीति को अपनाने के संतोषप्रद परिणाम मिले हैं। उत्तर प्रदेश सर्वाधिक कोविड टेस्ट करने वाला राज्य है। बीते 24 घंटों में 02 लाख 74 हजार 811 टेस्ट हुए। अब तक यहां 05 करोड़ 30 लाख 55 हजार 495 सैम्पल की टेस्टिंग हुई है। एग्रेसिव टेस्टिंग की नीति लागू रखी जाए। दैनिक टेस्ट की संख्या और बढ़ाये जाने की जरूरत है।

प्रदेश में कोविड टीकाकरण तेजी से चल रहा है। बीते 24 घंटे में 04 लाख 61 हजार 412 लोगों ने वैक्सीन कवर प्राप्त किया है। प्रदेश में अब तक 02 करोड़ 25 लाख 08 हजार 802 कुल वैक्सीन डोज दिए जा चुके हैं। इसमें, 01 करोड़ 87 लाख 45 हजार 171 लोगों ने पहली डोज ली है, जबकि 37 लाख 63 हजार 631 लोग वैक्सीन के दोनों डोज को प्राप्त कर चुके हैं। वर्तमान में औसतन 04 लाख लोगों को हर दिन वैक्सीनेट किए जा रहे हैं। इस क्षमता को अगले माह तक 10 से 12 लाख प्रतिदिन तक बढ़ाये जाने की दिशा में काम किया जाए। वृहद टीकाकरण के लिए वैक्सीनेटर की जरूरत होगी। अतः वैक्सीनेटर का प्रशिक्षण समय से पूरा किया जाए।

ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के फायदों और जरूरतों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। ग्राम पंचायतों को सशक्त करने के लिए सरकार के स्तर से अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। नव निर्वाचित सभी ग्राम प्रधानों का विधिवत प्रशिक्षण कराया जाए। उन्हें ग्राम सभा की नियमित बैठकों के आयोजन, गांव के लिए उपयोगी प्रोजेक्ट के चयन आदि के बारे में बताया जाना चाहिए। ग्राम प्रधान गांवों में सामूहिक प्रयास से नवाचार के अच्छे उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं।गांव में आय के नए साधन बनाने की दिशा में ठोस प्रयास करने की जरूरत है। सभी नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों के बैंक खाते जल्द से जल्द एक्टिव हो जाएं। इसमें देर न हो।

पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत कोरोना महामारी के बीच गरीब परिवारों के सुचारू भरण-पोषण के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने को दीपावली तक बढ़ाने की घोषणा की है। सभी जरूरतममंदों को योजना का लाभ मिलना सुनिश्चित कराया जाए। बरसात का मौसम शुरू हो गया है। यह समय इंसेफेलाइटिस और मलेरिया जैसी बीमारियों के प्रसार का है। गोरखपुर, बस्ती और देवीपाटन मण्डल के साथ-साथ नेपाल से लगे जिलों में खास सावधानी की जरूरत है। बच्चों की सुरक्षा के लिए सभी इंतज़ाम किए जाएं। 15 जून से बच्चों के लिए उपयोगी दवाइयों का किट घर-घर भेजे जाने का विशेष अभियान शुरू हो रहा है। इस संबंध में सभी जरूरी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। सर्विलांस को और बेहतर करने की जरूरत है।

बेसिक शिक्षा विभाग में शेष शिक्षक पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया यथाशीघ्र पूरी कर ली जाए। शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को और सुचारू एवं पारदर्शी करने की आवश्यकता है। आपदा राहत हो अथवा राज्य सरकार द्वारा आम आदमी को दी जाने वाली अन्य किसी प्रकार की  किसी सहायता राशि, इसका वितरण स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से ही कराया जाए। इन कार्यक्रमों में स्थानीय सांसद-विधायकों की उपस्थिति हो। राहत/सहायता वितरण उन्ही के द्वारा कराया जाए।

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