खुशी दुबे की माँ ने बेटी को बचाने की लगाई गुहार, "आप" का मिला समर्थन

लखनऊ। खुशी दुबे की मां के साथ प्रेसवार्ता करके आप के प्रदेश प्रभारी राज्‍यसभा सांसद संजय सिंह ने योगी सरकार पर हमला बोला साथ में ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्‍यक्ष राहुल त्रिपाठी ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाये।

खुशी दुबे की मां गायत्री तिवारी ने पत्रकारों से कहा कि हमारी यही मांग है कि हमारी बेटी को रिहा किया जाए। आज 11 महीने हो गए हैं, हमारी बेटी अधमरी हो गई है। जबसे वहां गई, वह अधमरी हो गई है। पता नहीं वहां उसके साथ क्‍या किया गया। उसको खून की उल्‍टी होती है। संजय सिंह ने कहा कि परिवार को आशंका है कि खुशी की कहीं हत्‍या न कर दी जाए, इसलिए माता को यहां बुलाया, जिससे कि उनकी आवाज योगी सरकार के कानों तक पहुंचे। संजय सिंह ने कहा कि जब सरकार पर बन आती है तो बेबस नजर आने वाले घुटनाटेक मुख्‍यमंत्री खुशी दुबे के लिए ताकतवर बन जाते हैं।

अमर दुबे की मां के लिए ताकतवर हो जाते हैं। हीरू दुबे की मां, विकास की नौकरानी रेखा अग्निहोत्री और उसके ढाई साल के बच्‍चे को जेल भेजकर अपनी ताकत दिखाते हैं। संजय सिंह के साथ खुशी दुबे की मां और उनकी पैरवी कर रहे ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्‍यक्ष राहुल त्रिपाठी ने मामले की पूरी तस्‍वीर बयां करते हुए अपनी बात रखी। प्रेसवार्ता में ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्‍यक्ष राहुल त्रिपाठी ने कहा कि मामले में तीन दिन पहले अमर दुबे से ब्याही गई खुशी दुबे को गिरफ्तार किया। उस पर गिरोह चलाने के आरोप लगे। विकास दुबे के दबाव में तीन दिन पहले अमर से ब्‍याही गई नाबालिग खुशी दुबे भला कैसे गैंग चला सकती है।

जब मामले ने मीडिया में तूल पकड़ा तो वहां के तत्कालीन एसएसपी ने बयान दिया कि खुशी निर्दोष है और उसको छोड़ दिया जाएगा इसके बाद भी खुशी दुबे आज 10 महीने से जेल में यातनाएं झेल रही है। जिस खुशी दुबे को खुद तत्कालीन एसएसपी ने निर्दोष बताया था उस पर हत्या से लेकर विस्फोटक अधिनियम तक का मुकदमा दर्ज कर दिया गया। उस पर 17 धाराएं लगा डालीं। न कोई आरोप न कोई चार्जशीट जो यूपी पुलिस कहे, वही सही। पुलिस ने बिना किसी आरोप नाबालिग को जेल भेज दिया। जो धाराएं आतंकवादियों पर नहीं लगतीं, वो सोलह साल की लड़की पर लगा दी गईं। विष्‍णु तिवारी की बीस साल बेगुनाह होने के बाद कैद होने के मामले का उल्‍लेख करते हुए खुशी के मामले में भी पुलिस का वैसा ही खेल होने का आरोप राहुल ने लगाया। कहा, जब तक कोर्ट किसी को दोषी साबित नहीं करता, वह हमारी नजर में निर्दोष है।

पिछले पंद्रह दिन से अपनी सरकार बचाने के लिए दर-दर घूमकर मिन्‍नते करने में जुटे यूपी के 'घुटना टेक मुख्‍यमंत्री' गरीबों पर ही अपनी ताकत दिखाते हैं। उनके खिलाफ कोई आवाज उठाए तो उस पर मुकदमा दर्ज करके उसे जेल में सड़ा देते हैं, लेकिन जब उनकी सरकार जाने की बात है तो उनकी हालत उस स्‍कूली बच्‍चे सी हो जाती है, जो कोई गलती होने पर कान पकड़कर शिक्षक से माफी मांगता रहता है। उन्‍होंने बिकरू कांड में विधि विरुद्ध तरीके से 10 माह से कैद की गई चार खुशी दुबे सहित महिलाओं और ढाई साल के बच्‍चे की रिहाई के लिए आवाज बुलंद करने के साथ प्रदेश के सियासी माहौल को लेकर योगी आदित्‍यनाथ से इस्‍तीफा देने की अपील की। राज्‍यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि पिछले कई दिनों से उत्‍तर प्रदेश का सारा काम ठप है।

कोरोना के कारण जो लोग बेरोजगार हुए उनको कैसे राहत दी जाएगी, सरकार को इसकी चिंता नहीं है। जिन लोगों की मृत्‍यु हुई और उन्‍हें लकडि़यां न मिलने के कारण दफनाया गया, उनके परिजन की सरकार को चिंता नहीं है। अनाथ बच्‍चों के भविष्‍य की सरकार को चिंता नहीं है। पिछले पंद्रह दिन से उत्‍तर प्रदेश में भाजपा और योगी आदित्‍यनाथ का पूरा वक्‍त लड़ाई  झगड़े में बीत रहा है। देश के सबसे बड़े सूबे के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ जो अपने को सबसे ताकतवर मुख्‍यमंत्री बताते हैं, कभी अमित शाह तो कभी प्रधानमंत्री या बीएल संतोष आदि अन्‍य नेताओं के यहां घुटना टेक रहे हैं। वह अपनी कुर्सी बचाने के लिए दर-दर मिन्‍नतें करते फ‍िर रहे हैं। योगी आदित्‍यनाथ आप खुद को महाराज कहलवाते हैं। मैंने वह दौर भी देखा है जब गोरखपुर के मठ में लालकृष्‍ण आडवाड़ी आया करते थे।

मैंने वह भी दौर देखा है जब देश के प्रधानमंत्री गोरखपुर के मठ में आते थे। आप उत्‍तर प्रदेश में रहने वाले गरीब आदमी के लिए ताकतवर और मजबूत बन जाते हैं। जब कोई आपके खिलाफ बोलता है तो आप उस पर मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेज देते हैं, लेकिन आज अपनी कुर्सी बचाने के लिए इतने बेबस और लाचार नजर आ रहे हैं कि आपका नाम 'घुटना टेक मुख्‍यमंत्री' रख देना चाहिए। इसे लेकर मुख्‍यमंत्री सोशल मीडिया पर उपहास का पात्र बन रहे हैं। मुख्‍यमंत्री अभी मौका है, मजाक बनने से बचिए। इतने अपमान से अच्‍छा है कि आप यूपी के मुख्‍यमंत्री के पद से इस्‍तीफा दे दीजिए, जिससे प्रदेश का काम आगे बढ़ सके। संजय सिंह ने एक महत्‍वपूर्ण ज्‍वाइनिंग की जानकारी देते हुए कहा कि पिछले दिनों हमने गंगा और गोमती में प्रदूषण का मुद्दा उठाया।

पर्यावरणविद डॉ संजय चौधरी इससे प्रभावित होकर पार्टी से जुड़ रहे हैं। हम गंगा और आदिगंगा से जुड़े जिन मुद्दों को उठा रहे हैं, उसे डाॅ संजय चौधरी के आने और मजबूती मिलेगी। इसके बाद प्रदेश प्रभारी ने पर्यावरणविद डॉ संजय चौधरी को पार्टी की सदस्‍यता ग्रहण कराई। इस मौके पर उनके साथ डॉ. प्रवीन, अमित श्रीवास्तव, सुशील तिवारी, कमल कपूर, मनोज शाश्वत, चंद्रभान सिंह सहित कई लोगों ने पार्टी सदस्‍यता ग्रहण की। संजय सिंह ने इस मौके पर एक सवाल का जवाब देते हुए कहा बीएसपी को असलियत में भारतीय जनता पार्टी बताते हुए पंजाब में अकाली दल और बसपा के गठबंधन पर निशाना साधा। कहा, पंजाब में ये सब मिलकर आम आदमी पार्टी से लड़ रहे हैं। उन्‍होंने प्रदेश के बंटवारे की बातों को गासिप करार दिया। प्रेसवार्ता के दौरान प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह, प्रदेश सहप्रभारी ब्रज कुमारी सिंह, प्रदेश प्रवक्ता महेंद्र सिंह, महिला विंग प्रदेश अध्यक्ष नीलम यादव मौजूद रहे।

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