राज्यमंत्री ने पर्यटन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पर्यटन, संस्कृत एवं धर्मार्थ कार्य, उत्तर प्रदेश सरकार डॉ. नीलकंठ तिवारी द्वारा पर्यटन विभाग द्वारा किए जा रहे पर्यटन विकास के सभी राज्य/ केंद्र अनुमोदित तथा विश्व बैंक सहायतित, उत्तर प्रदेश प्रो-पुअर पर्यटन विकास परियोजना के कार्यों की समीक्षा बैठक कार्यदायी संस्थाओं के साथ पर्यटन निदेशालय के सभागार में की गई। बैठक में समस्त क्षेत्रीय परिवर्तन अधिकारी वर्चुअल रूप से सम्मिलित रहे। 

राज्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा कराए जा रहे समस्त कार्य प्रत्येक दशा में अक्टूबर 2021 तक पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य मानक के अनुरूप गुणवत्तापरक तथा समयबद्ध तरीके से पूर्ण किये जाए। कार्य में लापरवाही किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, गुणवत्तापरक कार्य न होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रमुख सचिव/ महानिदेशक पर्यटन मुकेश कुमार मेश्राम को निर्देश दिया कि जिन कार्यों की स्वीकृति तीन माह पूर्व दी जा चुकी है तथा उन कार्यों के लिए कार्यदायी संस्था को बजट आवंटित कर दिया गया है,उन कार्यों पर अगर कार्यदायी संस्था द्वारा अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है तो संबंधित कार्यदायी संस्था से स्पष्टीकरण प्राप्त करें कि उनके द्वारा अब तक कार्य क्यों प्रारंभ नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के एस्टीमेट में जिस कंपनी की सामग्री स्वीकृत की गई है वही लगाई जाए। राज्यमंत्री द्वारा निदेशक, आर.ई. एस. को पर्यटन विभाग के कराए जा रहे कार्यो की जानकारी न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तीन दिन के अंदर सभी कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के निदेशक एस.सी.राय के बैठक में उपस्थित न रहने पर उनका स्पष्टीकरण मांगे जाने के निर्देश राज्यमंत्री द्वारा दिए गए। उन्होंने कहा कि निदेशक द्वारा बैठक में उपस्थित न होने का संतोषजनक स्पष्टीकरण न दिया जाए तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाही की जाए।

पर्यटन विभाग के कार्य में उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की प्रगति खराब होने पर राज्यमंत्री ने प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश आवास विकास को पत्र जारी करने के निर्देश दिए तथा कहा कि प्रमुख सचिव द्वारा पर्यटन की योजनाओं की समीक्षा की जाए तथा 15 दिन के अंदर कार्यों की प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि कार्यों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ.नीलकंठ तिवारी ने मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों को 30 सितंबर 2021 से पूर्व पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 30 सितंबर को मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के अंतर्गत किए जा रहे सभी कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने पर्यटन विभाग द्वारा कराए जा रहे सभी कार्यों की लागत एवं गुणवत्ता की जांच टेक्निकल टीम द्वारा कराए जाने का निर्देश प्रमुख सचिव पर्यटन को दिया।

पर्यटन विकास के लिए केंद्रीय परियोजनाओं के अंतर्गत जिन जनपदों में डिजिटल गैलरी का कार्य किया गया है उनमें लगाई गई सामग्री की गुणवत्ता एवं लागत की भी जांच कराए जाने के निर्देश राज्यमंत्री द्वारा दिए गए। उन्होंने कहा कि स्वीकृत लागत से अधिक की सामग्री लगाई गई हो तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने समस्त क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारियों को निर्देशित किया गया निर्माण कार्यो का स्थलीय निरीक्षण करें तथा निरीक्षण रिपोर्ट महानिदेशक पर्यटन को उपलब्ध कराएं। 

प्रमुख सचिव/ महानिदेशक पर्यटन मुकेश कुमार मेश्राम ने समस्त क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि पर्यटन विभाग की सभी परियोजनाओं का कार्य तेजी के साथ पूर्ण करें। कार्य पूर्ण होने के पश्चात उपयोगिता प्रमाण पत्र अवश्य उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि  धार्मिक स्थलों का कार्य पूर्ण होने के पश्चात संबंधित संस्था/ ट्रस्ट को हैंड ओवर कर दें।उन्होंने कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

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