हम सभी अपने लक्ष्य से भटक चुके है


आज मानव में दृढ़ विश्वास की कमी है यही कारण की हम किसी की बात नही मानते है क्योंकि हम खुद ही ज्ञानी बन जाते है हम दूसरों को उपदेश देने लगते है यही एक विशेष कारण है कि हम सभी अपने लक्ष्य से भटक चुके है। हमे लक्ष्य को प्राप्त करना है तो सहनशील बने दृढ़ विश्वासी बने तभी आप अपने लक्ष्य तक पहुँच सकते है मेरे में सामर्थ है ये जानते हुए भी मैं किसी को बोध नही करा सकता क्यो आप में पात्रता दृढ नही है।

ज्ञान पात्र को ही देना चाहिए पात्र में दृढ विश्वास की कमी नही होनी चाहिए दूसरी बात जब कोई भोग सामने आवे जब किसी भोगशक्ति का मन में उदय हो तो उसे वैराग्य रूपी दृढ़ शस्त्र से नष्ट करता चले तभी रक्षा हो सकती है अन्यथा भोग अपना प्रभाव जमा ही लेते हैं भजन चिन्तन संकीर्तन करते रहिए आपका कल्याण सुनिश्चित है।

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