फीस पर चल रहे विवाद को देखते हुए मिथिला मंच लखनऊ ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र


लखनऊ। कोरोना महामारी की वजह से देश व प्रदेश में महीनों तक चले लॉकडाउन के कारण देश की सरकारों की ही नहीं जनता की भी आमदनी घटी है। आज पेट चलाने और रोजगार बचाने के लिए सभी संघर्ष कर रहे हैं। विद्यालय मार्च महीने से अभी तक खुली नहीं। बच्चों की पढाई प्रभावित हो रही है। स्कूल वाले किसी तरह ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं। स्कूल में बैठकर कर पढ़ना और 6 इंच के मोबाइल पर पढ़ना (उसमे भी नेटवर्क का आना जाना लगा रहना) में काफी अंतर है। खैर बच्चों की पढाई तो कुछ ना कुछ चल ही रही है। और पढ़ाने वालों को उसका वेतन मिलना ही चाहिए। 



अभिवावक स्कूल को ट्यूशन फीस देने को तैयार हैं परन्तु विद्यालय संचालक ट्यूशन फीस के साथ कंप्यूटर,पुस्तकालय, विद्यालय देख-रेख आदि का फीस भी अभिवावक से मांग रहें हैं और पूरी फीस नहीं मिलने पर बच्चों को ऑनलाइन क्लास से बाहर कर देने की धमकी देते हैं। जिसकी वजह से अभिवावक काफी परेशान है। जिसको मुद्दा बनाकर मिथिला मंच लखनऊ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की है।  


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