संस्कृत दिवस के उपलक्ष्य में संगीत संध्या का भव्य आयोजन


लखनऊ। उत्तरप्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ ने जूम मीटिंग के माध्यम से संस्कृत दिवस के मौके पर संगीत का सरस आयोजन किया। जिसमें समस्त भारत के संस्कृत संगीत गीतकारों ने अपने मनोहर स्वचित व बाॅलीवुड के संस्कृत डब गीतों से सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। सुप्रसिद्ध गीतकारों में हरिकृष्ण मेहर उड़ीसा,राजेश उपाध्याय , डॉ.पंकज झा, डॉ प्रियंका वैदिक, सलोनीआनन्द,डॉ.फिरोज खान बी.एच्.यू.,आशा श्रीवास्तव लखनऊ,शुभम् इत्यादि ने गीत प्रस्तुत किये। व्याख्यान माला के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय महामन्त्री श्रीश देव पुजारी ने संस्कृत को पारिवारिक से आरम्भ करने के लिए प्रेरित किया। प्रधानमन्त्री की मन की बात का उल्लेख कर समाज में बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों का निग्रह संस्कृत सुभाषित से बताया।


समागत अतिथियों का स्वागत संस्थान के उपाध्यक्ष शोभन लाल ने तथा डॉ अरविंद तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। तथा संस्कृत दिवस पर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री योगी के ट्वीट्स की चर्चा की ।सलोनी ने मंगलाचरण गीत व डाॅ.प्रियंका वैदिक ने स्वागत गीत गाया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पंकज झा ने किया।मौके पर प्रो. मुरली मनोहर गोरखपुर,प्रो.रास बिहारी प्रयागराज गरिमा मयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम संस्थान के अध्यक्ष डॉ. वाचस्पति मिश्र के निर्देशन में संयोजक मण्डल के सदस्यों डॉ॰ नवलता,डाॅ.अरविन्द कुमार तिवारी, मधुसूदन पाण्डेय, अनामिका सिंह, उदित पाण्डेय, अभिनव शंकर,पीयूष शुक्ल, अनन्या श्रीवास्तवा, आयुष तिवारी ,सुधीष्ट कुमार मिश्र, जगदानन्द झा ,अंशु गुप्ता,धीरज मैठाणी, रत्नेश त्रिपाठी का सहयोग रहा।


Popular posts from this blog

स्वस्थ जीवन मंत्र : चैते गुड़ बैसाखे तेल, जेठ में पंथ आषाढ़ में बेल

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ गौरी रूपेण संस्थिता।  नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

!!कर्षति आकर्षति इति कृष्णः!! कृष्ण को समझना है तो जरूर पढ़ें