मान्यता प्राप्त पत्रकारों को 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा देगी योगी सरकार


लखनऊ। उत्तर  प्रदेश  के मुख्यमंत्री  योगी  आदित्यनाथ ने कहा  कि  लोकतंत्र  की ताकत  संवाद  है।  लोकतंत्र  को इसीलिए  शासन की सबसे  अच्छी  प्रणाली  माना जाता है, क्योंकि संवाद के माध्यम से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान सम्भव है। संवाद  के माध्यम  से  संघर्ष  को  टाला  जा  सकता  है। 


मीडिया  संवाद  का  सशक्त  माध्यम  है।  इस  माध्यम  को  और  सुदृढ़  किये  जाने  की  आवश्यकता  है। इसके दृष्टिगत उन्होंने नविनर्मित  पं0  दीन  दयाल  उपाध्याय  सूचना  परिसर  में मीडिया कर्मियों को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त डिजिटल प्लेटफार्म उपलब्ध कराने पर बल देते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के मीडिया कर्मियों को 05 लाख रुपये तक के उपचार हेतु स्वास्थ्य बीमा तथा कोविड-19 के संक्रमण से दुर्भाग्यवश निधन  की  स्थिति  में दिवंगत  मीडिया  कर्मी  के  आश्रितों  को  10  लाख  रुपये  की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी।


मुख्यमंत्री ने  यह  विचार  आज  यहां पं0  दीन  दयाल  उपाध्याय जी की जयन्ती  पर सूचना  एवं  जनसम्पर्क  विभाग  के नवनिर्मित  भवन  पं0  दीन  दयाल उपाध्याय सूचना परिसर’के लोकार्पण के अवसर पर व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कार्याें को आमजन तक पहुंचाने का कार्य सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा किया जाता है। यह विभाग शासन व प्रशासन तथा आमजन के बीच में सेतु का कार्य करता है। सूचना विभाग का दायित्व है कि शासन की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाए, जिससे अधिक से अधिक प्रदेशवासी उनसे लाभान्वित हो सकें। महान देशभक्त और अन्त्योदय के प्रणेता के नाम पर सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग  के  नवीन  भवन  का नामकरण  किये  जाने  के  लिए  बधाई  देते  हुए  उन्होंने कहा कि यह भवन पं0 दीन दयाल उपाध्याय की भावना और व्यक्तित्व के अनुरूप है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की लोकल को वोकल की संकल्पना के अनुसार स्थानीय उत्पादों की ब्राॅण्डिंग की जानी चाहिए। इसे ध्यान में रखते हुए इस नवनिर्मित भवन में ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना के उत्पादाें को डिस्प्ले किया जाना चाहिए। ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना आत्मनिर्भर भारत पैकेज का आधार बन सकती है। उन्होंने कहा कि लोक भवन में ओ0डी0ओ0पी0 के उत्पादों को डिस्प्ले किया गया है। राज्य सरकार के सभी भवनों में इस तरह के डिस्प्ले की व्यवस्था की जानी चाहिए।सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग को इस नवीन भवन के निर्माण के लिए भूमि निःशुल्क शिक्षा विभाग से प्राप्त हुई है। सूचना विभाग द्वारा भी अपना पुराना भवन डाॅ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) चिकित्सालय के विस्तार के लिए स्वास्थ्य विभाग को प्रदान किया  जा रहा है। उन्होंने कहा कि चिकित्सालय के विस्तार से जनपद लखनऊ सहित प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी।


मुख्यमंत्री  ने  कहा  कि  कोई  व्यक्ति  जैसे  परिवेश  में  रहता  है,  वैसी  ही उसकी सोच भी होती है। पं0 दीन दयाल उपाध्याय की संकल्पना अन्त्योदय की थी। पं0 दीन दयाल उपाध्याय ने आदि शंकराचार्य के सम्बन्ध में लिखा है कि वह एक संन्यासी थे। उन्होंने अपने मोक्ष के लिए संन्यास धारण किया था, लेकिन लोकमंगल के लिए चार धामों की स्थापना की।  आदि शंकराचार्य के सम्बन्ध में ही एक कथा की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि लोकमंगल के कार्याें के निष्पादन के लिए  संवेदनशीलता  सर्वाधिक आवश्यक  है। आखिरी  पायदान  के  व्यक्ति  के  प्रति संवेदनशीलता से ही पं0 दीन दयाल उपाध्याय के अन्त्योदय के स्वप्न साकार किये जा सकते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश का हर गरीब, किसान, नौजवान, महिला इस बात से खुश हैं कि प्रधानमंत्री उनके सपनों को मूर्तरूप देने  के  लिए  प्रयासरत  हैं।  प्रधानमंत्री ने  देशवासियों  को  आवास,  बिजली  का कनेक्शन,  गैस  की  सुविधा, जनधन  खाते  की  सुविधा, शौचालय  की  सुविधा  जैसी जीवन  में सकारात्मक  बदलाव  लाने  वाली  सुविधाएं  उपलब्ध  करायी  हैं।  यह प्रधानमंत्री की  गरीब  और  आखिरी  पायदान  के  व्यक्ति  के  लिए  गहरी संवेदनशीलता और दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही सम्भव हुआ है। गोरखपुर  मण्डल  सहित  पूर्वांचल  के  जनपदों  में प्रतिवर्ष इन्सेफेलाइटिस से बड़ी संख्या में मृत्यु होती थी। वर्ष 1977 में पहली मौत होने के पश्चात वर्ष 1998 तक प्रदेश के 38 जनपदों में इन्सेफेलाइटिस की बीमारी फैल चुकी थी। प्रधानमंत्री द्वारा 02 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की गयी।प्रधानमंत्री के प्रयास से स्वच्छ भारत मिशन के साथ सभी वर्गाें के लोग बड़ी संख्या में जुड़े। मिशन के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश में 05 वर्षाें में 03 करोड़  व्यक्तिगत  शौचालय  बनाने  का  लक्ष्य  था। प्रारम्भिक  ढाई  वर्षाें  में  मात्र  43 लाख  शौचालय  ही  बनाये  जा  सके  थे। वर्तमान  राज्य  सरकार  ने  कार्यभार  ग्रहण करने  के  पश्चात  मिशन  मोड  में  कार्य  करते  हुए  डेढ़  वर्ष  में  लक्ष्य  से  अधिक शौचालय बनाये।


मुख्यमंत्री  ने  कहा  कि बड़ी  संख्या  में शौचालयों  के  निर्माण  के परिणामस्वरूप गोरखपुर क्षेत्र में इन्सेफेलाइटिस से होने वाली मौतों की संख्या में बड़ी कमी आयी। वर्ष 2014 में गोरखपुर के बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज में 641 मृत्यु  हुई,  जबकि  2020  में  अब  तक  केवल  07  मौत  हुई  है।  वर्ष  2017  से इन्सेफेलाइटिस से होने वाली मौतों की संख्या में निरन्तर कमी होती गयी है। यह अन्तर्विभागीय समन्वय के माध्यम से कराये गये स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, संक्रमण के प्रति सर्विलान्स तथा उपचार की बेहतर व्यवस्था से सम्भव हुआ है। उन्होंने कहा कि इन्सेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण पूरी दुनिया के लिए एक सक्सेज स्टोरी है। आज पूर्वांचल सहित पूरे प्रदेश में इन्सेफेलाइटिस की बीमारी खात्मे की ओर है। मीडिया के लोगों को इस सक्सेज स्टोरी को दुनिया के सामने लाना चाहिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्सेफेलाइटिस के नियंत्रण में किये गये कार्य का अनुभव  कोविड-19  के  संक्रमण  के  दौरान  बहुत  उपयोगी  साबित  हुआ।  देश  में कोविड-19  के  संक्रमण  के  आगमन  के साथ  ही  प्रदेश  में  संक्रमण  के  अत्यधिक प्रसार को लेकर सभी को चिन्ता थी। राज्य सरकार द्वारा इन्सेफेलाइटिस नियंत्रण के सम्बन्ध में अपने अनुभवों को आधार बनाकर कार्य किया गया। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में  कोविड-19  की  स्थिति अन्य प्रदेशों  से  काफी अच्छी  है। राज्य में पाॅजिटिविटी रेट सबसे कम तथा रिकवरी दर सर्वाधिक है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण के लगभग 06 महीने पूर्ण हो  रहे  हैं।  प्रदेश  सरकार  द्वारा  इस  दौरान प्रधानमंत्री  गरीब  कल्याण  योजना  के तहत  12वीं  बार  निःशुल्क  खाद्यान्न  उपलब्ध  कराया  जा  रहा  है। विभिन्न  पेंशन योजनाओं  यथा  वृद्धावस्था,  निराश्रित  महिला, दिव्यांगजन  तथा  कुष्ठ  रोगी भरण-पोषण योजना के लाभार्थियों को सितम्बर, 2020 तक की पेंशन उपलब्ध करा दी गयी है। निराश्रित श्रमिकों को भरण-पोषण भत्ते के साथ ही काम भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने  कहा  कि  आत्मनिर्भर  पैकेज  के  तहत  7.5  लाख एम0एस0एम0ई0  इकाइयों  को  ऋण  उपलब्ध  कराया गया।  इससे  52  लाख  से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध प्राप्त हुआ। गरीब कल्याण पैकेज के अन्तर्गत 95 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।


मुख्यमंत्री  ने  कहा  कि  यह कार्य  टीम  वर्क  से  सम्भव  हुआ  है।  राज्य सरकार की विभिन्न टीम अलग-अलग कार्य सम्पादित कर रही हैं। कोई टीम गरीब मजदूरों के सम्बन्ध में विचार-विमर्श कर निर्णय लेती है। कोई टीम इन्फ्रास्ट्रक्चर को तेजी से आगे बढ़ाने के सम्बन्ध में कार्ययोजना तैयार करती है। कोई टीम शिक्षा के क्षेत्र में ऑनलाइन पढ़ाई की कारगर व्यवस्था के लिए कार्य करती है। विभिन्न टीमों द्वारा किये गये कार्याें पर मंत्रिपरिषद द्वारा निर्णय लिया जाता है और प्रशासन द्वारा लिये गये निर्णयों को लागू किया जाता है। इस प्रकार, निरन्तर प्रयास कर हम अच्छे परिणाम अर्जित कर पाए हैं। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के निरन्तर प्रयास के कारण आज प्रदेश में स्वच्छता एवं सेनिटाइजेशन का कार्य, एक्सप्रेस-वे, हाई-वे, ग्रामीण सड़कों, मेट्रो  रेल,  सिंचाई  परियोजनाओं,  विश्वविद्यालयों,  महाविद्यालयों  के  निर्माण  कार्य युद्धस्तर पर संचालित हो रहे हैं। कृषि क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव का कार्य किया जा रहा है। इस तरह किये जा रहे समग्र प्रयास से हम अधिक से अधिक लोगों की जीवनरक्षा भी करेंगे और उनकी आजीविका भी बचाएंगे।कार्यक्रम  के  दौरान  मुख्यमंत्री  ने  सूचना  एवं  जनसम्पर्क  विभाग  की पुस्तिका ‘पं0 दीन दयाल उपाध्याय सूचना परिसर’ का विमोचन किया। इस अवसर पर प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा कराये गये प्रमुख विकास कार्याें तथा उपलब्धियों पर आधारित एक डाॅक्यूमेंट्री भी प्रस्तुत की गयी। कार्यक्रम  को  सम्बोधित  करते  हुए  उप  मुख्यमंत्री  ने कहा  कि पं0  दीन  दयाल  उपाध्याय  के  एकात्म मानववाद और अन्त्योदय  की संकल्पना को साकार करने का कार्य प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा किया जा रहा  है।उन्होंने  कहा  कि  ‘सबका  साथ, सबका विकास तथा सबका विश्वास’ ही वर्तमान में अन्त्योदय का वास्तविक स्वरूप है।  उन्होंने सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के नवीन भवन का निर्माण तय लागत से कम धनराशि व समय में पूर्ण होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उप मुख्यमंत्री  ने सूचना  एवं  जनसम्पर्क  विभाग  के  नवीन भवन ‘पं0 दीन दयाल उपाध्याय सूचना परिसर’ के लोकार्पण पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नवीन भवन राज्य सरकार की उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार में उपयोगी सिद्ध होगा। कार्यक्रम के दौरान अपने विचार व्यक्त करते हुए विधान परिषद सदस्य ने कहा कि गांव, गरीब, किसान के उत्थान के सपने को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा पूरा किया जा रहा है। केन्द्र व राज्य सरकारें आखिरी पायदान के लोगों के लिए छत, शौचालय, शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का कार्य कर रही हैं।


कार्यक्रम के अन्त में, अपर मुख्य सचिव ने अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने पं0 दीन दयाल उपाध्याय की जयन्ती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि पंडित की संकल्पना अन्तिम व्यक्ति के उत्थान  की थी। सूचना तंत्र  भी अन्तिम व्यक्ति तक सूचना पहुंचाने का कार्य करता  है। उन्होंने  कहा  कि  सूचना  विभाग  मुख्यमंत्री  के  निर्देश  के  अनुरूप मीडिया  के लिए अत्याधुनिक  तकनीक  से  युक्त  सुविधाएं  उपलब्ध  कराएगा। ‘एक जनपद, एक  उत्पाद’  योजना  के  उत्पादों  को  नवनिर्मित  भवन  में  प्रदर्शित  किया जाएगा।


उन्होंने कहा कि समाज के अन्तिम पायदान के व्यक्ति को आगे ले जाने में योगदान कर उत्तर प्रदेश को नम्बर एक राज्य बनाना ही हमारा उद्देश्य है। इस अवसर पर वित्त मंत्री, जल शक्ति सहित  जनप्रतिनिधिगण,  मुख्य  सचिव,  निदेशक  सूचना  सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


Popular posts from this blog

अनेक बातें जो हम समझ नहीं पाते

पीसीएस मणि मंजरी राय आत्महत्या मामले में नया खुलासा, ड्राइवर गिरफ्तार

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आॅनलाईन ट्रांसफर सिस्टम विकसित किये जाने की प्रगति की समीक्षा बैठक की गई संपन्न