प्रदेश में अपराध की बाढ़ , कब जागेगी सरकार - संजय सिंह


लखनऊ। प्रदेश की राजधानी के बंथरा थाना क्षेत्र के बैती में मन्दिर के पुजारी की पत्नी की निर्मम हत्या और लूट के मामले की जानकारी पर आदमी पार्टी के सांसद और उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह ने गांव पहुंच पीड़ित परिवार से मुलाकात की। शोक संवेदना प्रकट की और इस जघन्य हत्या व लूट में शामिल आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के साथ परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाए जाने की मांग की।


आम आदमी पार्टी सांसद व उत्तर प्रदेश प्रभारी ने कहा कि योगी सरकार में अब आस्था के केंद्र भी अब सुरक्षित नहीं रहे। बंथरा के बैती गांव स्थित गोपेश्वर मंदिर पौराणिक शिव मंदिर है। इतना ही नहीं केंद्र में गृह मंत्री रहे वर्तमान में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस गांव को गोद लिया था। सांसद आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जाना था। यहां आसपास के क्षेत्र के लोग ही नहीं दूरदराज के लोग दर्शन पूजन करने आते हैं।पूर्व गृह मंत्री के गोद लिए इस गांव स्थित पौराणिक शिव मंदिर में कुछ ही समय में लगातार चोरी की घटनाएं हुई। कभी चोर मन्दिर से गेहूं उठा ले गए तो कभी सरसों। हद तो यह हो गई कि योगी सरकार की पुलिस की लापरवाही के चलते बदमाशों ने धावा बोल मंदिर के पुजारी दीप नारायण की पत्नी दीपिका त्रिवेदी की जघन्य हत्या कर दी। बेखौफ बदमाशों ने पौराणिक मंदिर और पास स्थित यज्ञशाला को भी अपना निशाना बनाया। कीमती चांदी का छत्र और मंदिर व यज्ञशाला से दानपात्र तोड़ नगदी लूट ले गए। किसी भी हाल में इसकी भरपाई नहीं की जा सकती। मेरी योगी सरकार से मांग है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाए और वारदात में शामिल अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी हो। साथ ही पीड़ित परिवार को सरकार 50 लाख रुपये का मुवावजा दे।


प्रदेश की योगी सरकार पर हमला बोलते हुए श्री सिंह ने कहा कि लगता है प्रदेश में हत्या की बाढ़ सी आ गई है।आये दिन,लूट,हत्या,बलात्कार, छोटी-छोटी बच्चियों के साथ बलात्कार और हत्या, यह एक आम घटना हो गई है। रोज अखबार की सुर्खियां इसी तरह की घटनाओं से भरी रहती हैं। सरकार के ही डीएम एसपी रंगदारी वसूल रहे हैं और रंगदारी न देने पर हत्या कर दी जाती है। महोबा के व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी की हत्या इसका जीता जागता उदाहरण है। सरकार की कानून व्यवस्था का आलम यह है कि मरने के पहले वीडियो बनाकर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी सीएम योगी से जान माल की सुरक्षा की गुहार करता है। कहता है कि उसकी हत्या करा दी जाएगी, लेकिन सरकार तक जागती है जब उसकी हत्या हो जाती है। हद तो यह है कि मीडिया में वायरल एसआईटी रिपोर्ट इस जघन्य वारदात को आत्महत्या साबित करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में दीपिका त्रिवेदी की हत्या कोई इकलौता मामला नहीं है।औरैया जनपद में कैलाश नारायण दीक्षित की निर्मम हत्या कर दी गई थी ।


Popular posts from this blog

अनेक बातें जो हम समझ नहीं पाते

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आॅनलाईन ट्रांसफर सिस्टम विकसित किये जाने की प्रगति की समीक्षा बैठक की गई संपन्न

पीसीएस मणि मंजरी राय आत्महत्या मामले में नया खुलासा, ड्राइवर गिरफ्तार