टेम्पों जबरन न लौटाने वाले रमेश व अन्यों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज न करवाने के लिए अंतू पुलिस ने पीड़ित पर बनाया दबाव 


प्रतापगढ़। यह महादेश वैसे तो विधि द्वारा शासित है लेकिन राजनीतिक लिहाज से सर्वाधिक महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश की पुलिस अपने आचरण से ' कानून का राज्य '  खत्म  करके प्रदेश में जंगल राज्य लाने के लिए लगातार प्रयत्नशील है. उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रायोजित अराजकता का नमूना देखना हो तो जिला  प्रतापगढ़ के अंतू थाने में बृजेंद्र बहादुर सिंह के टेम्पों को लगभग 02 साल तक अपने कब्जे में लेकर अबैध रूप से संचालित करने वाले रमेश यादव व अन्यों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई में पुलिस द्वारा की जा रही हीलाहवाली से समझा जा सकता है.


बताते चले कि अंतू टाउन एरिया के जालिपा नगर के रहने वाले बृजेंद्र बहादुर सिंह का टेम्पों जिसे रमेश यादव लगभग 02 वर्ष से अपने कब्जे में ले रखा था , उसे बड़े प्रयासों के बाद कल 13 सितंबर को पुलिस द्वारा बरामद किया गया है , जो कि बहुत ही जर्जर हालात में है . यह वाहन टेंपो तिपहिया (बजाज ) पंजीकरण संख्या U P 72 T 9537 बृजेंद्र बहादुर सिंह के परिवार के जीविकोपार्जन का एकमात्र साधन था ,  जिसको रमेश यादव द्वारा 10/10/2018 को धोखे से उठा ले जाया गया . इसके बाद जब भी बृजेंद्र बहादुर सिंह या उनके परिजनों ने रमेश यादव से बार - बार टेंपो वापस करने के लिए कहा तो उन्होंने रू. 50000 की मांग किया गया .उन्होंने इसकी शिकायत पूर्ववर्ती थाना अध्यक्षों  से लेकर वर्तमान थाना अध्यक्ष मनोज तिवारी  तक से भी पूर्व मेँ किया . इसके अलावा उन्होंने पुलिस अधीक्षक / जिला अधिकारी और आईजी ( रेंज ) , एडीजी (जोन) और डीजीपी को निरंतर प्रार्थना पत्र भेजकर टेंपो वापस करवाने हेतु विनम्र आग्रह किया . इसमें उनका बहुत समय और पैसा नष्ट हुआ. यहां तक कि अभी हाल में कुछ लोगों ने उनसे आकर कहा कि दारा सिंह ने कहा है कि यदि रू. 20000 वे दे तो उनको टेंपों वापस मिल जायेगा लेकिन दारा सिंह इस मामले में शामिल होने से इंकार कर रहे है .अब जबकि निरन्तर प्रयासो के बाद उनका टेंपो बरामद हुआ है तब सर्वाधिक अाश्चर्य का विषय यह है कि पुलिस बृजेंद्र बहादुर सिंह का जबरन लगभग 02 वर्ष तक टेम्पों  न लौटाने वाले रमेश यादव सहित इस षडयंत्र में जितने भी लोग शामिल है उनको चिन्हित करके उनके खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय मामलें को रफा - दफा करने में क्यों लगी है ? इसके अलावा उनके टेम्पों को जबरन लगभग 02 वर्ष तक व्यवसायिक उपयोग करने वाले रमेश यादव सहित इस षडयंत्र में शामिल अन्य लोगों से बृजेंद्र बहादुर सिंह का जो हर्जा - खर्चा हुआ , उसको कौन दिलायेगा ? 


* प्रस्तुति - नैमिष प्रताप सिंह *


Popular posts from this blog

अनेक बातें जो हम समझ नहीं पाते

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आॅनलाईन ट्रांसफर सिस्टम विकसित किये जाने की प्रगति की समीक्षा बैठक की गई संपन्न

पीसीएस मणि मंजरी राय आत्महत्या मामले में नया खुलासा, ड्राइवर गिरफ्तार