सिद्धांतों पर चलकर हारना, झूठ के दम पर जीतने से कई गुना बेहतर है

 



जितने भी हमारे महान पुरूष हुए हैं, उनकी महानता के पीछे बस एक ही कारण था कि उन्होंने जीतने के बजाय हारना स्वीकार किया मगर अपने सिद्धांतों का परित्याग कभी भी नहीं किया।


सत्य का पथ सुगम तो नहीं होता, हाँ श्रेष्ठ जरूर होता है। पग-पग में आपकी परीक्षाएं होंगी, कदम-कदम पर आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, अनेक मुश्किलों से आपको गुजरना पड़ेगा, अनेक अटकलों से आपको जूझना पड़ेगा। फिर तब जाकर इन सबके बाद एक समय वो भी आयेगा जब हर जुबान पर आपके ही किस्से होंगे। निश्चित समझना अगर आप सिद्धांतवादी हैं तो जीत से भी ज्यादा चर्चे तो आपकी हार के होंगे।


जीवन में एक बात हमेशा स्मरण रखना कि सिद्धांतों पर चलकर हारना, झूठ के दम पर जीतने से कई गुना बेहतर है। जीवन में हार-जीत से भी कोई ज्यादा महत्वपूर्ण चीज है तो वो है आपके सिद्धांत। सिद्धांत अर्थात सत्य का पथ, श्रेष्ठता का पथ और शास्त्रानुकूल पथ।


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