वर्चुअल एग्जिबिशन 2020 के 3 दिवसीय वेबिनार की श्रृंखला का हुआ दूसरा आयोजन

लखनऊ। बुधवार को फिक्की द्वारा यूपीआई और ईपीसीएच के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित वर्चुअल एग्जिबिशन 2020 के 3 दिवसीय वेबिनार की श्रृंखला का दूसरा आयोजन किया गया। इस स्तर का विषय था, "डिजिटल वैल्यू चेन के जरिये वित्त व बजार की सरल उपलब्धता। "सिडबी(आरओ लखनऊ) के जनरल मैनेजर राजीव कुमार ने कहा, “ओडीओपी और एमएसएमई को कीमत के साथ-साथ गुणवत्ता के लिहाज से भी प्रतिस्पर्धात्मक होना चाहिए। सिडबी निरंतर एमएसएमई को सिबिल (CIBIL) के साथ मिलकर अपनी आसान ऋण परिनियोजन योजनाओं के जरिये उत्तर प्रदेश में छोटे क्षेत्र के व्यवसाय को विकसित कर विश्व-स्तर पर अपनी उपस्थिति बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।


मिशन स्वालम्बन  उदयमित्रा, ऑनलाइन पीएसबी ऋण, एमएसएमई सक्षम, एमएसएमई पल्स, माइक्रोफाइनेंस पल्स और क्रिसिडेक्स के जरिये हमारा उद्देश्य ओडीओपी क्षेत्र का निर्माण और उसे विकसित करना है। सिडबी कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य कर रही है और एंड-टू-एंड डिजिटल समाधान प्रदान कर रही है। वर्तमान में हमने इस क्षेत्र के उत्थान के लिए 1200 से अधिक एमएसएमई उद्योगों को 424 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान किया है। हम विक्रेताओं को 28500 से ग्राहकों और एजेंसियों से जोड़ते हैं।


इन क्षेत्रों के व्यवसायियों को त्वरित ऋण उपलब्ध कराने के लिए Psbloansin59minutes.com भारत का सबसे बड़ा ऑनलाइन ऋण देने वाला वित्त मंच है। "सिडबी के एनर्जी ऑडिटर, सचिन वर्मा ने बताया कि उत्पादन प्रक्रिया के दौरान असीमित अवसर प्राप्त करने के लिए ऊर्जा का संरक्षण कैसे किया जा सकता है और बताया कि उत्तर प्रदेश ने ओडीओपी क्षेत्र के तहत पूरे राज्य में 2 करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर पैदा किए हैं। अमेज़न इंडिया के बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर अरुण कौल ने कहा, “अमेज़न का उद्देश्य स्थानीय एमएसएमई द्वारा निर्यात बढ़ाने के लिए बाज़ार का उपयोग करना है। हमारा लक्ष्य वैश्विक स्तर पर मेक इन इंडिया उत्पादों ’को बढ़ावा देना है। एमएसएमई को उनका प्रॉफिट बढ़ाकार दुनिया भर में लाखों ग्राहकों तक सीधी पहुंच प्रदान करें। एमएसएमई अमेज़न की दुनिया भर में अपनी वैश्विक उपस्थिति के जरिये पूंजीगत व्यय (CapEx) के बजाय ऑपरेटिंग व्यय (OPEX) के माध्यम से कई देशों में निर्यात कर सकते हैं। मैकेंज़ी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ई-कॉमर्स निर्यात ने वर्ष 2020 में लगभग 1 अरब डॉलर के वैश्विक अवसर पैदा किए हैं। एमएसएमई का पिछले साल भारतीय निर्यात में लगभग 49% योगदान है, और हम इस वर्ष के अंत तक इसे 60% तक बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं।"


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