आयुष मंत्रालय में वित्तीय प्रबंधन और शासन सुधार संबंधी पहल


आयुष मंत्रालय ने वित्तीय प्रबंधन बेहतर करने और शासन सुधार में तेजी लाने के लिए कई पहल की हैं। इन पहलों में दो क्षेत्रों पर जोर दिया गया है, सरकारी योजनाएं (केंद्रीय क्षेत्र और केंद्र प्रायोजित दोनों) और मंत्रालय के स्वायत्त निकाय। सितंबर, 2020 में मंत्रालय में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में वैद्य राजेश कोटेचा, सचिव (आयुष) और धर्मेन्द्र सिंह गंगवार, अतिरिक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार, ने इस पहल के लिए रोडमैप तैयार किया था। विभिन्न इकाइयों ने प्राथमिकता के साथ इनके कार्यान्वयन का जिम्मा लिया।


वित्तीय और प्रशासन सुधारों की सूची तैयार करना, और यह सुनिश्चित करने के लिए कार्यक्रम/योजनाएं तैयार करना कि कोष का प्रवाह निर्बाध और प्रत्यक्ष तरीके से परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी तक हो, चिन्हित की गयी जमीनी कार्य गतिविधियों में शामिल हैं। इनके साथ राज्य सरकारों को मैचिंग शेयर और प्री-डिफाइंड ट्रिगर के साथ समय पर धन जारी किया जाएगा ताकि किसी भी स्तर पर धन का प्रवाह न रुके। इस प्रकार, ये कदम सरकारी परियोजनाओं में अक्सर देरी करने वाली बाधाओं को हटाने का काम करते हैं।


इस पहल का एक तात्कालिक प्रभाव मंत्रालय के स्वायत्त निकायों और योजनाओं इकाइयों द्वारा सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली, सरकार के आधुनिक और त्वरित लेखा प्रबंधन प्रणाली को तेजी से अपनाना है। प्रदर्शन के लक्ष्य के साथ स्वायत्त निकायों (एबी) के आयुष मंत्रालय के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के चलन को भी अपनाया गया है और कई स्वायत्त निकायों के संबंध में कार्यान्वयन किया गया है। ये समझौता ज्ञापन मंत्रालय के लक्ष्यों और उद्देश्यों के साथ स्वायत्त निकायों के परिणामों को संरेखित करने और प्रयासों एवं संसाधनों के ऑवरलैप और अपव्यय को समाप्त करने में मदद करेंगे।


लीकेज को रोकने और गति को बढ़ाने के लिए, छात्रों को वृत्ति जैसे सभी भुगतान, इलेक्ट्रॉनिक मोड से प्रत्यक्ष लाभ हस्तातंरण (डीबीटी) प्लेटफॉर्म पर किए जाएंगे। मंत्रालय की सभी सरकारी योजनाओं के तीसरे पक्ष के मूल्यांकन की शुरुआत एक और कदम है, और इसे नवंबर, 2020 तक पूरा किया जाएगा। इससे परिणामों का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन होगा और इसके परिणामस्वरूप प्रदर्शन में सुधार होगा।


यह देखते हुए कि राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) आयुष प्रणालियों को बढ़ावा देने के देशव्यापी प्रभाव वाली एक प्रमुख परियोजना है, इसके संचालन को कारगर बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम)- मार्च, 2021 के लिए एन-एफएएमएस (एनएचएम फाइनेंशियल अकाउंटिंग मैनेजमेंट सिस्टम) की तर्ज पर एक पोर्टल विकसित करने के लिए कदम उठाए गए हैं। धन के प्रवाह की रियल टाइम निगरानी के लिए एक डैशबोर्ड विकसित करने का भी फैसला किया गया।


मंत्रालय में सितंबर 2020 में शुरू किए गए ये वित्तीय शासन सुधार पहले से ही केंद्र प्रायोजित और केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के परिणामों के साथ-साथ स्वायत्त निकायों के कामकाज में नतीजे दे रहे हैं। विभिन्न इकाइयों ने यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट, फिजिकल एंड फाइनेंशियल रिपोर्ट, राज्य वार्षिक कार्य योजना और डीबीटी संबंधित जानकारी ऑनलाइन जमा करने के लिए पोर्टल का इस्तेमाल बढ़ाया है।


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