अन्य सभी अवतारों एवं श्री कृष्ण में यही अंतर है


भगवान षडगुण युक्त हैं लेकिन भगवान श्री कृष्ण सातवें धर्मी रूप हैं। अन्य सभी अवतारों एवं श्री कृष्ण में यही अंतर है। अन्य सभी अवतार षड़गुण सम्पन्न हैं।


नंदनंदन जब भक्तों के ऊपर लीला करने के लिए कृपाकर षङ्गुणो को छिपाकर सप्तम धर्मी में प्रकट कर देते हैं। यद्यपि उनमें ये गुण रहते हैं तथापि वे उनका प्रकाशन नहीं करते। 


जैसे भक्त में महात्म्य ज्ञान रहता है लेकिन प्रकट नहीं होता। महात्म्य ज्ञान प्रकट हो जाय तो रस ही चला जाता है। उसी प्रकार भगवान ने गुण विद्यमान होते हुए भी प्रकट नहीं होते तभी तो रसात्मक लीला होती है।


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