अपने-अपने घरों में ही पूजा, अघ्र्य आदि करने को करें प्रेरित - मुख्य सचिव


लखनऊ। मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से प्रदेश के समस्त मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था, छठ पर्व की तैयारी, कोविड-19 की रोकथाम, पराली प्रबन्धन सहित विभिन्न बिन्दुओं की विस्तार से समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिये। बैठक में पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव, गृह, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, अपर मुख्य सचिव, कृषि, प्रमुख सचिव, वन एवं पर्यावरण, विशेष सचिव, वन एवं पर्यावरण, सचिव, कार्यक्रम क्रियान्वयन, आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारी भी उपस्थित थे। 

 

अपने सम्बोधन में मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि गंभीर घटनाओं के घटित होने पर जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तत्काल मौके पर पहुंचे। पंचनामा एवं पोस्टमार्टम में अनावश्यक विलम्ब न हो। परिस्थितियों के अनुसार जिलाधिकारी की अनुमति से रात्रि में भी पोस्टमार्टम किया जा सकता है। विलम्ब होने पर असामाजिक तत्व मौके का फायदा उठाते हैं, और गलत तथ्य सोशल मीडिया एवं मीडिया में फ्लैश होने लगते हैं। अतः किसी भी प्रकार की गंभीर घटना घटित होेने पर जिलाधिकारी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तत्काल मौके पर पहुंचे और उच्चाधिकारियों को भी उससे अवगत कराएं और मीडिया को भी सही जानकारी दें। 

 

उन्होंने कहा कि छठ पर्व के सम्बन्ध में गृह विभाग द्वारा निर्देश जारी कर दिये गये हैं। सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क का कड़ाई से पालन कराएं। परम्परागत आयोजन स्थलों नदी, तालाब अन्य वाटर बाॅडी में प्रकाश, सुरक्षा, सफाई आदि की पुख्ता व्यवस्था की जाये। उन्होंने कहा कि छठ पर्व के आयोजनकर्ता एवं छठ पर्व से जुड़ी संस्थाओं से अपने-अपने घरों में ही पूजा, अघ्र्य आदि करने को प्रेरित व अनुरोध किया जाये, इससे कोविड को रोकने में मदद मिलेगी। 

 

कतिपय जिलों में जहरीली व अवैध शराब के मामले प्रकाश में आने पर उन्होंने कहा कि जहरीली एवं अवैध शराब को सख्ती से रोका जाये। छापेमारी की जाये तथा दोषियों पर गैंगस्टर्स एवं एनएसए की कार्यवाही की जाये। अवैध शराब के मामलों में दोषियों के साथ-साथ आबकारी पुलिस का भी उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाये और उनके विरूद्ध भी कठोर कार्यवाही की जाये। 

 

मुख्य सचिव ने तालाबों, झीलों एवं वेटलैण्ड्स के सम्बन्ध में एनजीटी की गाइडलाइन्स की जानकारी देते हुए कहा कि तालाबों, झीलों एवं वेटलैण्ड्स में अवैध कब्जों को सख्ती से रोका जाये। जिलों में सभी वेटलैण्ड्स, तालाबों आदि का सर्वे कर उनका चिन्हांकन कर लिया जाये तथा अभियान चलाकर व समस्त अवैध कब्जों को हटाकर 28 नवम्बर, 2020 तक प्रमाण दें कि अब तालाबों आदि पर कोई अवैध कब्जा नहीं है। 

 

पराली जलाने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जिन जिलों से अधिक शिकायतें आ रही हैं, उनमें अधिकारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जायेगा, और इसमें कूड़ा जलाना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि पराली व कूड़ा जलाने वालों से जुर्माना वसूला जाये तथा सम्बन्धित ब्लाॅक/तहसील स्तर के अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही भी की जाये।

 

कोविड-19 के संक्रमण में आई कमी तथा इसके लिए जिलों में किये गये कार्यों की सराहना करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी प्रदेश की तारीफ की है, लेकिन कोरोना अभी समाप्त नहीं हुआ है। अतः किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाये। सर्विलान्स, कान्टेक्ट ट्रेसिंग एवं फोकस्ड टेस्टिंग की गति को स्पीड-अप करना है। गंभीर मरीज को तुरन्त इलाज मिले, इसके लिए सर्विलान्स को बेहतर बनाना है। जिलाधिकारी निजी नर्सिंग होम्स के संचालकों के साथ बैठकें करें। कोविड चिकित्सालयों में तैनात तथा राउण्ड पर जाने वाले चिकित्सक व स्टाफ अपने नाम का बैज अवश्य लगाएं, इसको सुनिश्चित किया जाये। दिल्ली में इधर कुछ दिनों से संक्रमण बढ़ा है, अतः सीमावर्ती, जनपदों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। दिल्ली से हवाई जहाज, बस व ट्रेन से आने वाले लोगों की रैण्डम टेस्टिंग की जाये। सभी जिलाधिकारी प्रतिदिन प्रातः कोविड हाॅस्पिटल में तथा सायं इन्टीग्रेटेड कमाण्ड सेन्टर पर रिव्यू बैठक अवश्य करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं भीड़-भाड़ वाले शहरी इलाकों में सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क का पालन नहीं हो रहा है, इसके लिए चालान हो तथा लाउडस्पीकर्स से जनता को लगातार जागरूक किया जाये। 

 

वायु प्रदूषण के सम्बन्ध में उन्होंने जिला पर्यावरण समिति की नियमित बैठक कर एक्शन प्लान बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रदूषण फैलाने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही हो। 

 

बढ़ते ठण्ड के दृष्टिगत मुख्य सचिव ने कहा कि कोई भी व्यक्ति खुले में न सोये, सभी रैन बसेरे चालू हो जायें। बेसिक स्कूलों में इस माह के अन्त तक स्वेटर का वितरण अवश्य हो जाये।

 

बैठक को सम्बोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक हितेश कुमार अवस्थी ने कहा कि छठ पर्व में पब्लिक प्लेसेस पर कम से कम लोग जमा हों। नदियों तालाबों में पेट्रोलिंग, प्रकाश, बैरीकेडिंग एवं पिकेटिंग की पर्याप्त व्यवस्था की जाये। तैरना जानने वाले वालंटियर्स, पी.ए.सी. की तैनाती रहे। डाॅक्टर्स, एम्बुलेन्स की भी व्यवस्था रहे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर नजर रखी जाये तथा शरारत करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाये। 

 

उन्होंने कहा कि गंभीर अपराध घटित होने पर वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर जायें तथा वस्तुस्थिति की जानकारी तत्काल उच्चाधिकारियों को दें। उन्होंने कहा कि मीडिया ब्रीफिंग इफेक्टिव व उसमें क्लैरिटी बहुत जरूरी है। इंजरी के मामलों में मेडिकल हेल्प तत्काल मिले तथा उसमें किसी भी प्रकार का विलम्ब नहीं होना चाहिए।

 

अपर मुख्य सचिव, गृह ने अपने सम्बोधन में कहा कि विस्तृत दिशा-निर्देश जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी एवं एसएसपी क्राइम एवं अभियोजन की नियमित बैठकें करें। पंचायत चुनाव आ रहे हैं, 107/16 की प्रभावी कार्यवाही की जाये। दो से ज्यादा असलहा रखने वालों को शस्त्र सरेण्डर करने को कहें अथवा लाइसेन्स निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाये। 

 

बैठक को अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, अपर मुख्य सचिव, कृषि, प्रमुख सचिव, वन एवं पर्यावरण, आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद, विशेष सचिव, वन एवं पर्यावरण आदि ने भी सम्बोधित किया एवं शासन के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी।

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