बंगाल की दक्षिण-पश्चिम खाड़ी में तूफान "निवार" के चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना


बंगाल की दक्षिण-पश्चिम खाड़ी में चक्रवाती तूफ़ान 'निवार' पिछले छह घंटों के दौरान 11 किमी प्रति घंटे की गति के साथ उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और 25 नवम्‍बर, 2020 को भारतीय समयानुसार 11:30 बजे यह बंगाल के दक्षिण-पश्चिम खाड़ी से 180 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में कुड्डलोर के दक्षिण-पूर्व तट पर स्थित था जो पुदुचेरी से 190 किमी दक्षिण पूर्व और चेन्नई से 250 किमी दक्षिण पूर्व में स्थित है। अगले 06 घंटों के दौरान इसके एक बहुत ही गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है।



नई दिल्ली में मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. एम. महापात्रा और एनडीआरएफ के महानिदेशक एस. एन प्रधान ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ने बताया कि यह चक्रवाती तूफान निवार के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और तमिलनाडु को पार करने की बहुत संभावना है। उन्होंने बताया कि तूफान के 25 नवंबर 2020 मध्यरात्रि और 26 नवंबर 2020 के शुरुआती घंटों के दौरान इस तूफान के पुदुचेरी के आसपास कराईकल और ममल्लापुरम के बीच तमिलनाडु और पुदुचेरी के तटों को पार करने की संभावना है। इस दौरान इस  चक्रवाती तूफान की रफ्तार  120-130 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक हो सकती है।



एनडीआरएफ के महानिदेशक एस. एन प्रधान ने मीडिया को बताया कि इस प्रणाली पर कड़ी नजर रखी जा रही है, और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) मुख्यालय और तमिलनाडु तथा आंध्र प्रदेश में स्थित बटालियनों के कमांडेंट संबंधित राज्य के साथ संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि आईएमडी के पूर्वानुमान और राज्य अधिकारियों द्वारा अनुमानित आवश्यकताओं के मद्देनजर, 22 टीमों (तमिलनाडु में 12 टीमे, पुडुचेरी में 03 टीमें और आंध्र प्रदेश में 07 टीमे) को संभावित प्रभावित क्षेत्रों में पहले से तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त जरूरतों को पूरा करने के लिए गुंटूर (आंध्र प्रदेश), त्रिशूर (केरल) और मुंडली (ओडिशा) में  टीमों को रिजर्व रखा गया है।


एनडीआरएफ के महानिदेशक एस.एन प्रधान ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो सभी टीमों के पास तूफान के बाद सामान्य बहाली के लिए विश्वसनीय वायरलेस और सैटेलाइट संचार, पेड़ों को काटने वाले कटर / पोल कटर हैं। वर्तमान कोविड -19 परिदृश्य के मद्देनजर, एनडीआरएफ की टीमें उपयुक्त पीपीई से सुसज्जित हैं।


उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ जिला और स्थानीय प्रशासन के साथ बराबर तालमेल के साथ काम कर रहा है। सभी नागरिकों के लिए चक्रवात के दौरान क्या करें और क्या न करें के बारे में जानकारी देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों में कोविड-19 के बारे में जानकारी तथा रोकथाम के उपायों के बारे में जानकारी दी जा रही है। सभी तैनात दल चक्रवात से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में लोगों को बाहर निकालने में स्थानीय प्रशासन की मदद कर रहे हैं। एनडीआरएफ की टीम लोगों के बीच सुरक्षा की भावना पैदा कर रही है और यह बता रही है कि टीम उनकी सेवा में तब तक उपलब्ध है जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती  टीम लगातार लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील कर रही है।


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