मेले में स्वच्छता व सुरक्षा के लिये किये जायें पुख्ता इंतजाम: मुख्य सचिव


लखनऊ।  वृन्दावन (मथुरा) में आयोजित होने वाले संत समागम कार्यक्रम के लिए समुचित व्यवस्थाएं कराये जाने के सम्बन्ध में आवश्यक बैठक मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें नगर विकास, पर्यटन, लोक निर्माण विभाग, वित्त, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवहन, ऊर्जा, गृह, संस्कृति, सूचना, खाद्य एवं रसद, जल शक्ति आदि विभागों के अधिकारियों एवं वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से मण्डलायुक्त आगरा, एडीजी आगरा, एमडी दक्षिणांचल विद्युत कारपोरेशन, जिलाधिकारी मथुरा एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

 

अपने सम्बोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि हरिद्वार कुंभ के आयोजन से पूर्व संतों द्वारा वृन्दावन (मथुरा) में संत समागम का आयोजन किया जाता रहा है तथा आगामी संत समागम मेला दिनांक 16.02.2021 से दिनांक 28.03.2021 तक वृन्दावन में आयोजित किया जायेगा, जिसमें बड़ी संख्या में संतों के आने की संभावना के दृष्टिगत समुचित एवं जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी हैं। उन्होंने कहा कि संत समागम मेला में विभिन्न विभागों द्वारा जो भी कार्य कराये जाने हैं, उनसे सम्बन्धित पत्रावलियां वित्तीय स्वीकृति हेतु अगले 2-3 दिनों में अवश्य प्रस्तुत कर दी जायें।

 

उन्होंने कहा कि मेले की सभी व्यवस्थाएं सम्बन्धित विभाग अपने-अपने विभागीय बजट से निष्पादित करायेंगे। मेला के आयोजन सम्बन्धी व्यवस्थाओं के लिए नगर विकास विभाग नोडल विभाग होगा। उन्होंने कहा कि मेले के लिए प्रस्तावित कार्यों के लिए निविदाएं आमंत्रित कर ली जायें ताकि धनराशि प्राप्त होते ही कार्य प्रारंभ हो जायें। मुख्य सचिव ने कहा कि संत समागम के लिए स्वच्छ व निर्मल जल की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाये तथा इसके लिए नालों की टेपिंग आदि की कार्यवाही समय रहते पूरी कर ली जाये। सुरक्षा एवं स्वच्छता के लिए सभी जरूरी इंतजाम किये जायें तथा सभी कार्य मेला प्रारंभ होने से पूर्व पूरे कर लिये जायें तथा इसके लिए टाइम लाइन निर्धारित कर तद्नुसार प्रगति की समीक्षा की जाये।


इससे पूर्व संत समागम के लिए प्रस्तावित कार्यों की जानकारी देते हुए मण्डलायुक्त, आगरा अनिल कुमार ने बताया कि पूर्व में यह यह आयोजन वर्ष, 2010 व वर्ष, 1998 में किया गया था। यह आयोजन वृन्दावन परिक्रमा मार्ग तथा यमुना नदी के मध्य भू-भाग पर होता है, जिसके लिए इस वर्ष लगभग 56 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गयी है। मेला में 145 प्लाॅट तथा 250 दुकानें प्रस्तावित की गयी हैं। उक्त मेले में गृह, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, नगर विकास, पर्यटन, संस्कृति, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग, ऊर्जा, खाद्य एवं आपूर्ति आदि विभागो द्वारा जरूरी सभी व्यवस्थाएं की जायेंगी, जिसके लिए कार्य योजना व तद्विषयक प्रस्ताव पे्रेषित किये गये हैं।

 

इसके अतिरिक्त बैठक में बताया गया कि मेले में शुद्ध जलापूर्ति सुनिश्चित कराई जायेगी। सफाई व्यवस्था, ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन, पब्लिक टाॅयलेट्स, स्ट्रीट लाइट व जल निकासी के लिए सभी जरूरी कार्य कराये जायेंगे। जरूरत की वस्तुएं एवं खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए उचित दर की दुकानें, गैस सिलिण्डरों की व्यवस्था, केरोसीन आयल, आटा, चावल आदि के लिए सभी जरूरी उपाय समय से कर लिये जायेंगे। सड़कों की मरम्मत, सुदृढ़ीकरण, पाण्टून ब्रिज, चैकर्ड प्लेट, बैरिकेडिंग आदि के कार्य भी कराये जायेंगें। गृह विभाग द्वारा मेला में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जायेंगे। परिवहन विभाग द्वारा अतिरिक्त बसों का संचालन किया जायेगा। संस्कृति विभाग द्वारा प्रदर्शनी, एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटक स्थलों का प्रचार-प्रसार व प्रदर्शनी का आयोजन, सूचना विभाग द्वारा एलईडी, होर्डिंग्स के द्वारा मेले का प्रचार-प्रसार, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल, चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ, शौचालय, एम्बुलेन्स, जरूरी दवाओं आदि की व्यवस्थाएं की जायेंगी। इसके अलावा सिंचाई विभाग द्वारा अस्थायी स्नान घाटों का निर्माण कराया जायेगा।

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