संगठन निर्माण : कांग्रेस की 'मौन क्रांति'

 


इस साल यूपी की सियासत में कांग्रेस पार्टी को कई नज़रिए से राजनीतिक टिप्पणीकारों ने देखा। साल में शुरू हुआ किसान जन जागरण अभियान अपने उरूज पर था कि कोरोना की वजह से रोकना पड़ गया। पूरी कांग्रेस पार्टी लोगों की सेवा में उतर गई। हाइवे पर टास्क फोर्स बनाकर पैदल आ रहे मजदूरों की मदद शुरू हुई। हेल्पलाइन नंबर जारी हुए। लगभग 1 करोड़ 20 लाख लोगों तक कांग्रेसजनों ने खाना, राशन पहुंचाया। सांझी रसोईघर संचालित हुए। सिर्फ इतना ही नहीं प्रदेश अध्यक्ष को कोरोना में जेल भेजा गया। महासचिव प्रियंका गांधी के निजी सचिव पर फ़र्ज़ी मुकदमे दर्ज हुए। 

एक तरफ सेवा तो दूसरी तरफ सड़कों पर कांग्रेस खूब लड़ती नज़र आई। प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लु, अल्पसंख्यक कांग्रेस के चेयरमैन शाहनवाज़ आलम, प्रवक्ता अनूप पटेल समेत कई नेताओं को आंदोलनों में जेल जाना पड़ा। 

संघर्ष के साथ संगठन को मजबूत करने की रणनीति

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में प्रदेश पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और जबावदेही तय है। हर पदाधिकारी को निश्चित प्रभार दिया गया है। इसी तर्ज पर जिला कमेटियों बनी हैं और हर पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और जबाबदेही तय की गई। हर जिले में पांच उपाध्यक्ष, एक कोषाध्यक्ष, एक प्रवक्ता और हर विधानसभा के स्तर पर महासचिव और ब्लाक के हिसाब से जिला सचिव बनाये गए हैं। 

2 अक्टूबर के बाद कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान का दूसरा चरण शुरू किया जिसमें 823 ब्लाकों में नए ब्लाक अध्यक्षों की चयन की प्रकिया शुरू हुई। बाकायदा इसपर प्रदेश कमेटी ने सर्कुलर जारी करके राजनीति बनी। 

हर ब्लाक पर दो दो मीटिंग करके बाकायदा तीन तीन नामों का पैनल बनाकर प्रदेश मुख्यालय भेजा गया। 

ब्लाक अध्यक्षों के चयन में मीटिंगों में शामिल लोगों से रायसुमारी की गई। इसके साथ ही साथ प्रदेश उपाध्यक्ष, महासचिव और प्रदेश सचिव ने स्क्रूटनी करके ब्लाक अध्यक्षों का चयन हुआ। प्रदेश के 80 फीसदी ब्लाकों में सामाजिक- राजनीतिक समीकरणों के आधार पर नए ब्लाक अध्यक्षों का चयन हो गया है। 

प्रदेश अध्यक्ष से लेकर ब्लाक अध्यक्ष तक सभी संगठन निर्माण

प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू लगभग 20 दिनों से लगातार प्रदेश के दौरे पर हैं। जिसमें वे 16 जिलों की न्याय पंचायत स्तर की बैठकों में शामिल होकर ब्लाक कांग्रेस कमेटी और न्याय पंचायत कमेटियों के गठन में शामिल रहे हैं। प्रदेश में 2300 न्याय पंचायतों का गठन हो चुका है। जल्दी ही प्रदेश की 8000 हज़ार न्याय पंचायत में कांग्रेस अपनी 21 सदस्यों की कमेटियों का गठन पूरा कर लेगी। 

संगठन में तेजी लाने के लिए कांग्रेस आगामी दिनों में हर जिले में 15 दिवसीय प्रवास की योजना बना रही है, जिसमें पार्टी के पदाधिकारी निश्चित जिले में रहकर संगठन की निर्माण की प्रकिया को अन्तिम रूप देंगे। फिलहाल पूरी पार्टी संगठन निर्माण की प्रक्रिया में बहुत व्यस्त है। कांग्रेस का लक्ष्य है कि प्रदेश की 60 हज़ार ग्राम सभाओं पर ग्राम कांग्रेस कमेटियों का गठन जल्द पूरा किया जाए।

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