भगवान का एक नाम प्रियश्रवा है



भगवान का एक नाम प्रियश्रवा है। उनको अपनी कीर्ति अच्छी लगती है। अतः जो उनकी कीर्ति का गायन करता है उसके लिए वे अपेक्षित सभी सामग्री का सम्पादन कर देते हैं।

भक्त के द्वारा किये गए भगवत स्मरण को प्रभु अपने लिए दिया गया निमंत्रण मानते हैं और कीर्ति प्रिय होने के कारण भक्त के बुलाने पर अविलम्ब उपस्थित हो जाते हैं।

भगवान श्री कृष्ण की सेवा से ही प्रत्यक्ष शांति की प्राप्ति होती है। भगवान के विमल यश का गान करने से ही उद्विग्न मन शांत होता है।

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