उ०प्र० में जाति और धर्म की नहीं बुनियादी मुद्दों की राजनीति होगी- सभाजीत सिंह

लखनऊ। आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार ने दिल्ली में जो विकास के काम किए, विकास का जो मॉडल पूरे देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है, आज न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में उसकी चर्चा हो रही है।

दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने बिजली के क्षेत्र में, पानी के क्षेत्र में, शिक्षा के क्षेत्र में, महिला सुरक्षा के क्षेत्र में, किसानों के लिए, सरहद पर  तैनात जवानों के लिए जो विकास के कार्य किए हैं, उन कार्यों से प्रभावित होकर उत्तर प्रदेश में भिन्न-भिन्न संगठनों के और भिन्न-भिन्न राजनीतिक दलों के लोग आम आदमी पार्टी में शामिल हो रहे हैं। इसी कड़ी में आज फैजाबाद से सामाजिक कार्यकर्ता छात्र युवा आम आदमी पार्टी में शामिल हुए। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह ने सभी को पार्टी की टोपी एवं पटका पहनाकर आम आदमी पार्टी में शामिल होने पर सभी का स्वागत किया।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए सभाजीत सिंह ने कहा, कि दिन प्रतिदिन विभिन्न राजनीतिक दलों से आम आदमी पार्टी में आकर लोग शामिल हो रहे हैं। आज भी जो सम्मानित लोग पार्टी में शामिल हुए हैं, इनके पार्टी में आने से उत्तर प्रदेश में पार्टी संगठन को बहुत मजबूती मिलेगी। यह सभी लोग अपने अपने क्षेत्रों में एक लंबे समय से जनसेवा के काम कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि भविष्य में भी यह सभी लोग आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर इसी प्रकार से जनता के अधिकारों की आवाज उठाते रहेंगे, जनता के हक के लिए लड़ते रहेंगे।

जिस दिन से दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, उस दिन से भारतीय जनता पार्टी कि उत्तर प्रदेश सरकार और उनके मंत्रियों में एक खलबली सी मच गई है। भाजपा के नेता और मंत्री आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार के मॉडल को खराब बता रहे हैं। यही नहीं भाजपा की बौखलाहट इतनी बढ़ गई है, कि भाजपा के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने दिल्ली सरकार के शिक्षा मॉडल को फेल बताते हुए, दिल्ली के स्कूलों और उत्तर प्रदेश के स्कूलों की तुलना करने के लिए आम आदमी पार्टी को बहस की चुनौती भी दे दी।

उनकी चुनौती को स्वीकार करते हुए दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया जी लगभग 24 घंटे तक उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रहे और सिद्धार्थ नाथ सिंह का इंतजार करते रहे, परंतु भाजपा के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह अपनी ही चुनौती से भागते हुए नजर आए। यही नहीं जब मनीष सिसोदिया ने उत्तर प्रदेश के एक स्कूल का दौरा करने की कोशिश की, तो इस डर से कि कहीं उत्तर प्रदेश के टूटे-फूटे खंडहर हो चुके स्कूलों की पोल ना खुल जाए, पूरा का पूरा प्रशासन मनीष सिसोदिया को रोकने में जुट गया।

यही नहीं भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश सरकार इतनी डर गई है कि दिल्ली के एक विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी सिद्धार्थनगर में एक कार्यक्रम में शामिल हुए और कार्यक्रम के पश्चात, जब वह एक स्कूल को देखने के लिए पहुंचे तो सिद्धार्थ नगर के सरकारी अफसरों ने एक अजीब सा नया फरमान जारी कर दिया, कि कोई भी व्यक्ति सरकारी स्कूलों की तस्वीरें नहीं खींच सकता। उन्होंने कहा कि आज तक उत्तर प्रदेश में केवल जाति और धर्म की राजनीति होती आई है। परंतु आम आदमी पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता उत्तर प्रदेश के एक-एक व्यक्ति के घर तक जाएगा और दिल्ली में आम आदमी पार्टी की केजरीवाल सरकार के विकास मॉडल की चर्चा करेगा और उत्तर प्रदेश की जाति और धर्म की राजनीति को बुनियादी मुद्दों की राजनीति में बदलने का काम करेगा।

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