विश्व-भारती की यात्रा प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है- प्रधानमंत्री मोदी

  

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेन्स के माध्यम से विश्व-भारती विश्वविद्यालय, शांतिनिकेतन के शताब्दी समारोह को संबोधन किया।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि विश्व-भारती की 100 वर्ष की यात्रा बहुत विशेष है और यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय मां भारती के लिए गुरूदेव के विचार, विजन और परिश्रम का मूर्त रूप है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि गुरूदेव द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में विश्व-भारती, श्रीनिकेतन और शांतिनिकेतन निरन्तर प्रयास कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा देश पूरे विश्व में विश्व-भारती से निकले संदेश को फैला रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत अंतर्राष्ट्रीय सौर-गठबंधन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में विश्व का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत पेरिस समझौते के पर्यावरण लक्ष्यों को प्राप्त करने में सही दिशा में चलने वाला एक मात्र बड़ा देश है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि रामकृष्ण परमहंस के कारण भारत को स्वामी विवेकानंद मिले। स्वामी विवेकानंद में समर्पण, ज्ञान और कर्म तीनों समाहित थे। मोदी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने समर्पण के क्षेत्र को बढ़ाते हुए प्रत्येक व्यक्ति में देवत्व देखा तथा व्यक्ति और संस्थान सृजन पर बल देते हुए कर्म को अभिव्यक्ति दी। भक्ति आंदोलन काल के देश भर के महान संतों ने मजबूत आधारशिला रखी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सैकड़ों वर्ष के भक्ति आंदोलन के साथ-साथ देश में कर्म आंदोलन भी चला। प्रधानमंत्री ने छत्रपति शिवाजी, महाराणा प्रताप, झासी की रानी, रानी सिनेम्मा, भगवान बिरसा मुंडा के कार्यों जैसे अनेक उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि भारत की जनता गुलामी और साम्राज्यवाद से लड़ रही थी। उन्होंने कहा कि अन्याय और शोषण जब चरम पर था तब सामान्य नागरिकों ने कर्म यानी दृढ़ता और बलिदान को अपनाया और इससे भविष्य में हमारे स्वतंत्रता संघर्ष को बहुत बड़ी प्रेरणा मिली। 

फोकस भारत को विश्व से अलग नहीं रखने का था। इस विजन में यह बात थी कि विश्व भारत की श्रेष्ठ बातों का लाभ उठाए और विश्व कीअच्छाई से भारत को सीखना चाहिए। विश्व-भारती नाम भारत और विश्व के बीच के संपर्क को जोड़ता है। विश्व-भारती के लिए गुरूदेव का विजन आत्मनिर्भर भारत का मूल तत्व भी है। आत्मनिर्भर भारत अभियान विश्व कल्याण के लिए भारत कल्याण का मार्ग भी है। यह अभियान भारत को सशक्त बनाने का अभियान है, यह अभियान भारत को समृद्ध बनाकर विश्व को समृद्ध बनाने का अभियान है।

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