राज्य सरकार गरीबों, किसानो, मजदूरों एवं महिलाओं सभी के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कर रही है कार्य- मुख्यमंत्री

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान, मजदूर, महिलाओं, नौजवानों आदि के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। वर्तमान राज्य सरकार ने अब तक के अपने 03 वर्ष 10 माह के कार्यकाल में बिना भेदभाव के शासन की योजनाओं से प्रदेशवासियों को लाभान्वित करने का प्रयास किया है। प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी नौकरियों में चयन हेतु योग्यता और प्रतिभा को अवसर प्रदान किया गया। आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए समाज के गरीब और वंचित वर्गों को आगे बढ़ाने का कार्य किया गया।  

योगी अपने सरकारी आवास पर मिशन रोजगार के अन्तर्गत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के नव चयनित 436 प्रवक्ताओं तथा सहायक अध्यापकों के ऑनलाइन पदस्थापन एवं नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। प्रवक्ताओं एवं सहायक अध्यापकों का चयन उ0प्र0 लोक सेवा आयोग द्वारा किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 06 प्रवक्ता व सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। उन्होंने नियुक्ति पत्र डाउनलोड करने हेतु माध्यमिक शिक्षा विभाग की वेबसाइट का शुभारम्भ भी किया।

मुख्यमंत्री योगी ने शिक्षा को व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने नवनियुक्त शिक्षकों से विद्यार्थियों को स्वावलम्बन हेतु तैयार करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा स्वावलम्बन को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। शिक्षकों को योजनाओं की जानकारी होनी चाहिए, जिससे वह विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने हेतु मार्गदर्शन कर सकें। मुख्यमंत्री से संवाद के लिए जुड़े सभी चयनित शिक्षकों ने त्वरित, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया।

योगी ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये गये हैं। अब तक पौने चार लाख से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्ति प्रदान की गयी है। बेसिक शिक्षा विभाग एवं पुलिस में बड़ी संख्या में भर्तियां की गयी हैं। पुलिस के 01 लाख 37 हजार जवानों की भर्ती की गयी है। आज का कार्यक्रम भी पौने चार साल से अनवरत चल रही प्रक्रिया की नवीनतम कड़ी है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में 34 वर्षों के पश्चात 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020' घोषित हुई है। यह नीति भारत को दुनिया में ज्ञान के केन्द्र के रूप में स्थापित करने का माध्यम बन सकती है। नीति के क्रियान्वयन के लिए अध्यापकों एवं शिक्षण संस्थाओं से आगे आने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि अध्यापकों को नयी शिक्षा नीति का अध्ययन कर उसे अपने विद्यालयों में लागू करने का प्रयास करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों को अपने पाठ्यक्रम में पारंगत होने के साथ ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करना चाहिए। शिक्षकों को छात्र-छात्राओं की जिज्ञासाओं के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि 04 फरवरी, 2021 से 04 फरवरी, 2022 तक चौरी-चौरा की घटना के शताब्दी वर्ष में सभी शहीद स्मारकों एवं शिक्षण संस्थाओं में कार्यक्रम आयोजित किये जाने हैं। इसी प्रकार, 15 अगस्त, 2021 से 15 अगस्त, 2022 तक स्वाधीनता के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाने हैं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह दोनों अवसर अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं।

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