रेलवे से सम्बन्धित विभागों से प्रभावी समन्वय बनाकर रेलवे सुरक्षा को किया गया और मजबूत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुपालन में जी0आर0पी0 उ0प्र0 द्वारा विगत वर्ष रेलवे अपराध से जुड़े 215 अपराधियों के विरूद्ध गैंगस्टर तथा अन्य धाराओं के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए उन्हें जेल से बाहर नहीं आने दिया गया। इसके साथ ही आम यात्रियों से बेहतर संवाद स्थापित करके रेल यात्रा को और अधिक सुखद तथा सुरक्षित बनाया गया।
 
अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2020 में राजकीय रेलवे पुलिस के सभी 65 थानों में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना करके इन पर महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके माध्यम से महिला सम्बन्धी शिकायतों की समुचित ढंग से सुनवाई, उनकी समस्याओं का गुणात्मक समाधान तथा अनुश्रवण किया जा रहा है। रेल स्कोर्ट के सभी पुलिस कर्मी अब ट्रेन के गेट पर अपना मोबाइल नम्बर चस्पा कर रहे है रेल यात्रियों से अपना मोबाइल नम्बर शेयर कर रहे हैं, जिससे किसी भी आशंका या दुर्घटना पर आम यात्री स्कोर्ट कर्मियों से तत्काल सम्पर्क कर आवश्यक कार्यवाही करा सकते है।
 
अपर पुलिस महानिदेशक, जीआरपी पीयूष आनन्द से मिली जानकारी के अनुसार जी0आर0पी0 अपने तरह का एक अनूठा कार्यक्रम पूरे प्रदेश में चला रहा है जिसमें बहुत से पूर्व के अपराधी जो जेल में निरूद्ध है, उनसे क्षेत्राधिकारी/थाना प्रभारी जेल में सीधे मिल कर उनकी समस्या का आंकलन कर रहे है तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ मिल कर उन्हें पुनः अपराध न करने की सीख दे रहे हैं। जो अपराधी जेल से बाहर है पुलिस अधिकारियों द्वारा स्वयंसेवी संस्थाओं व उनके परिजनों के साथ उनके गृह स्थान एवं थानों पर सम्पर्क कर उनकी काउन्सिलिंग की जा रही है ताकि वे अपराध की दुनिया से हट कर समाज की मुख्य धारा में शामिल हो।
 
अपर पुलिस महानिदेशक ने यह भी जानकारी दी है कि जी0आर0पी0 की कार्य कुशलता तथा आम जनता से जुड़ाव को बेहतर बनाने के लिए फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्वीटर आदि सेवा का पूरा-पूरा उपयोग किया जा रहा है। आनन्द ने बताया कि कोविड 19 महामारी में लाकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकोें/यात्रियों को उनके गन्तव्य तक सकुशल पहुँचाने हेतु कुल 2289 रेलगाड़ियाॅ चलाई गयी थी, जिसके माध्यम से लगभग 20 लाख 55 हजार यात्रियों को विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर सकुशल उतरवाकर उनके गन्तव्य को रवाना करवाया गया। इस दौरान रेलवे स्टेशनों पर कोविड 19 के प्रोटोकाल के तहत यात्रियों को सुरक्षित ढंग से ट्रेनो में बैठाना एवं उतारना तथा शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक चुनौती पूर्ण कार्य था, जिसे राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा रेलवे विभाग, रेलवे सुरक्षा बल एवं स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन से समन्वय स्थापित कर सकुशल पूर्ण किया गया।

अपर पुलिस महानिदेशक ने यह जानकारी भी दी है कि ब्लूटूथ स्पीकर से पुलिस कर्मियों द्वारा स्टेशन एवं ट्रेन में एनाउन्समेंट करके सुरक्षित रेल यात्रा के बारे में यात्रियों को सतर्क एवं जागरूक किया जा रहा है। इसका परिणाम है कि अब किसी घटना - दुर्घटना के होने पर त्वरित कार्यवाही हो जाती है तथा एफ0आई0आर0 न लिखने की शिकायत प्राप्त नहीं हो रही है तथा अब रेल से जुड़े अपराधियों में भय व्याप्त हो रहा है कि पुलिस तथा आम यात्रियों में बेहतर तालमेल है अतः वे उत्तर प्रदेश की सीमा में अपराध करने से डर रहे है। इसके साथ ही साथ नीचे स्तर के स्कोर्ट कर्मी टी0टी0ई0ए टी0सी0 व गार्ड आदि से भी सीधा समन्वय स्थापित कर अपने मोबाइल नम्बरों तथा टेलीफोन नम्बरों का आदान-प्रदान कर एक दूसरे के साथ कंधे से कंधा मिला कर योगदान दिया जा रहा है, जिससे सुरक्षा के वातावरण में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।

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