प्रस्तावित नवीन परियोजनाओं पर प्रशासकीय विभागों की सहमति प्राप्त की जाये- मुख्य सचिव

लखनऊ। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें नवीन परियोजनाओं के प्रस्ताव, पूर्व स्वीकृत परियोजनाओं में स्थल परिर्वतन के प्रस्ताव, निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति आदि पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

अपने सम्बोधन में मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत जितनें भी प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, उन सभी पर सम्बन्धित प्रशासकीय विभागों की सहमति अवश्य प्राप्त कर ली जाए। उन्होंने कहा कि जो परियोजनाएं निर्माणाधीन एवं अनारंभ हैं, सम्बन्धित प्रशासकीय विभाग उसकी समीक्षा कर लें तथा यदि उनमें अनावश्यक विलम्ब हुआ हो तो इसके लिए सम्बन्धितों का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए कार्यवाही की जाये।

उन्होंने कहा कि स्वीकृत परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा में ही पूर्ण की जाएं ताकि उन परियोजनाओं का लाभ जन सामान्य को जल्द से जल्द मिल सके। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत ऐसे ही प्रस्ताव लिए जाएं, जिनमें सृजित परिसम्पत्तियों के रख-रखाव व संचालन के लिए प्रशासकीय विभागों की स्पष्ट सहमति हो। मुख्य सचिव ने सम्बन्धित सभी प्रशासकीय विभागों से समय से धनराशि के उपभोग प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने को कहा ताकि केन्द्रांश समय से मिल सके और परियोजनाओं को पूरा करने में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलम्ब न हो।

प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत जारी गाइडलाइन में चिन्हित अल्पसंख्यक बाहुल्य जनपद एवं ब्लाॅक की प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि ऊर्जा विभाग से अंडरग्राउण्ड केबलिंग एवं ट्रांसफार्मर स्थापना के 5191 यूनिट लागत 93058.34 लाख रुपये, सोलर स्ट्रीट लाइट व हाईमास्ट लाइट की स्थापना यूनिट 2055 लागत 770.22 लाख रुपये, स्मार्ट क्लास सुविधाओं की स्थापना यूनिट 3062 लागत 7703.48 लाख रुपये, विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण यूनिट 844 लागत 15105.79 लाख रुपये, विद्यालयों में बाउण्ड्रीवाॅल का निर्माण यूनिट 356 लागत 5149.42 लाख रुपये, विद्यालयों में फर्नीचर की स्थापना यूनिट 21463 लागत 4466.17 लाख रुपये, विद्यालयों में शाौचालय ब्लाॅक की स्थापन यूनिट 70 लागत 1420.18 लाख रुपये आदि सम्मिलित हैं। 

इसके अलावा उन्होंने ऐसी परियोजनाओं का विवरण भी प्रस्तुत किया, जिनके लिए पदों के सृजन, संचालन एवं आवर्ती व्यय पर प्रशासकीय विभाग की सहमति आवश्यक हैं, उनमें प्रमुख रूप से महिला कल्याण, आयुष विभाग, बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग, पशुपालन, प्राविधिक शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार, नगर विकास, उच्च शिक्षा, खेल, औद्योगिक विकास विभाग के प्रस्ताव शामिल है। इन परियोजनओं की कुल यूनिट 4349 लागत 148314.23 लाख रुपये है। इसी प्रकार पूर्व में अनुमोदित क्लस्टरों में विभिन्न विभागों की 28 यूनिट लागत 17031.61 लाख रुपये के प्रस्ताव भी बैठक में प्रस्तुत किये गये। नवीन चिन्हित क्लस्टरों के लिए विभिन्न विभागों की परियेाजनाएं यूनिट 1373 लागत 51289.691 लाख रुपये के प्रस्ताव भी बैठक में रखे गये।

Popular posts from this blog

अनेक बातें जो हम समझ नहीं पाते

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आॅनलाईन ट्रांसफर सिस्टम विकसित किये जाने की प्रगति की समीक्षा बैठक की गई संपन्न

पीसीएस मणि मंजरी राय आत्महत्या मामले में नया खुलासा, ड्राइवर गिरफ्तार