आबकारी विभाग की नई पॉलिसी को लेकर भारी हंगामा


लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार की नई विवादित आबकारी नीति का जमकर विरोध हो रहा है नई नीति के अनुसार अब घर पर शराब रखने के लिए भी लेना होगा लाइसेंस। आबकारी सिपाही कभी भी आप के घर में घुस कर कर सकता है जाँच आबकारी सिपाही आपके घर पर देख सकता है कि कितनी दारु रखे है आप के घर में

विपक्षी दल कर रहे है विरोध, जब से नई आबकारी नीति की खबर आई है तब से उत्तर प्रदेश सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर आ गयी है। आप नेता संजय सिंह ने वीडियो जारी करके सरकार से पूछा की आप के कितने मंत्री, विधायक, अफसर पीते है शराब, उत्तर प्रदेश की नई आबकारी नीति आम जन में काफी आक्रोश है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति को मंजूरी कर दी है। नई आबकारी नीति 2021-22 से राजकीय कोष को 6,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है। नई आबकारी नीति के तहत अगर आप घर में तय मात्रा से अधिक शराब रखते हों तो आपको विभाग से लाइसेंस लेना जरूरी होगा। यह लाइसेंस 12,000 में एक साल के लिए दिया जाएगा। लाइसेंस के अलावा आपको योगी सरकार को 51,000 रुपये की सिक्यॉरिटी भी जमा करनी होगी। नई नीति का पालन नहीं करने वालों पर ऐक्शन भी होगा। नई आबकारी नीति के तहत घर में शराब रखने का लाइसेंस लेने के वे लोग ही अधिकृत होंगे जो बीते पांच साल से इनकम टैक्स भर रहे हों।

आवेदक को लाइसेंस के आवेदन के समय ही इनकम टैक्स भरने का प्रमाणपत्र देना जरूरी होगा। इनकम टैक्स प्रमाणपत्र के साथ आधार कार्ड और पैन कार्ड की प्रति भी जमा करनी होगी। घर में शराब रखने का लाइसेंस लेने के लिए आवेदकों को एक शपथपत्र देना अनिवार्य किया गया है। इस शपथपत्र में उन्हें यह बताना होगा कि घर में जिस जगह शराब रखी जाएगी वहां पर 21 वर्ष से कम उम्र के लोगों को प्रवेश नहीं देंगे। इस लाइसेंस को सिर्फ शराब रखने के लिए ही मंजूर किया जाएगा। शपथपत्र में यह भी बताना होगा कि शराब के अलावा वह कोई अन्य मादक पदार्थ घर पर नहीं रखेंगे।

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