पुलिस कर्मियों को आवासीय सुविधाएं उनके कार्य स्थल के निकट ही उपलब्ध कराये जाए- मुख्यमंत्री

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश की कानून एवं व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाये जाने, अपराध स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण, विभिन्न स्थानों में तैनात पुलिस कर्मियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उनके कार्य स्थल के निकट उपलब्ध कराये जाने के प्रयास तेज किये गये हैं।

मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये निर्देशों एवं की गयी घोषणाओ में अब तक हुयी प्रगति की गत् दिवस उनके आवास पर सम्पन्न बैठक में पुलिस विभाग की विभिन्न इकाईयों द्वारा अब तक किये गये क्रिया-कलापों की गहन समीक्षा की गयी है। अग्नि दुघर्टनाओ से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नए फायर स्टेशन खोल जाने, विवेचना में वैज्ञानिक तथ्यों का अधिकाधिक समावेश किये जाने हेतु फोरेंसिक विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में किये जाने वाले प्रयासों में और अधिक तेजी लाये जाने के निर्देश दिये गये हैं।

उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग के लिए बेहतर आवासीय एवं अनावासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अभियान चलाकर कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री ने पुलिस कर्मियों को उनके कार्यस्थल पर बेहतर आवासीय सुविधाएं तथा उनके कार्य सम्पादन हेतु बेहतर कार्य संस्कृति के लिए उपयुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए अनावासीय भवनों के निर्माण कार्यो को भी प्राथमिकता से कराये जाने के निर्देश दिये हैं।

अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने उक्त जानकारी देते हुये बताया है कि प्रदेश की वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 243 आवासीय एवं अनावासीय निर्माण कार्य पूरा कर उन्हें सम्बन्धित इकाई को हस्तगत किया जा चुका है, जिसपर 1101 करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि व्यय की गयी है। उन्होंने किये गये प्रमुख निर्माण कार्यों का ब्यौरा देते हुये बताया कि 141 थानों पर पुरूष व महिला बैरकों का निर्माण, 16 थानों पर आवासीय भवन, 08 अग्निशमन केन्द्र, 04 पुलिस अधीक्षक कार्यालय, 08 पुलिस लाइन्स बैरक आदि प्रमुख हैं।

अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि इसके अलावा मुख्यमंत्री जी की घोषणा के परिप्रेक्ष्य में 66 अग्निशमन केन्द्रों के अलावा 37 थानों के नये प्रशासनिक भवन एवं 37 थानों के नये आवासीय भवन, 1425 थानों पर हाॅस्टल/बैरक व विवेचना कक्ष, 68 पुलिस लाइन्स में ट्रांजिस्ट हाॅस्टल एवं महिला व पुलिस बैरक, 31 पी0ए0सी0 वाहिनियों में 200 जवानों की क्षमता युक्त 31 बैरक, 13 नई चैकियों के प्रशासनिक भवन, 11 नई चैकियों के आवासीय भवन के निर्माण कार्य प्रस्तावित है।

कोरोना संक्रमण के दौरान तत्परता एवं दृढ़ता से पुलिस द्वारा पूरी लगन एवं निष्ठा से विषम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद पूर्ण मनोयोग एवं संवेदनशीलता के साथ भारत सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने के साथ-साथ पुलिस द्वारा जिस समर्पण की भावना से जनता की सेवा की गई उससे पुलिस का मानवीय चेहरा भी सामने आया है। लाॅकडाउन के दौरान नियमों का उल्लघंन करने पर अब तक 2,39,687 अभियोग पंजीकृत किये गये। 3,75,217 व्यक्तियों के विरूद्ध कार्यवाही की गयी, 64,85,715 वाहनों का चालान किया गया, 84,457 को सीज किया गया तथा 140 करोड़ 36 लाख, 65 हजार रूपये से अधिक शमन शुल्क वसूला गया। इस दौरान 66 पुलिस कार्मियों द्वारा अपने प्राणों का उत्सर्ग किया गया है।

यूपी 112 द्वारा जहां एक ओर लाॅक डाउन के दौरान नियमों के अनुपालन की दिशा में सराहनीय प्रयास किये गये वहीं प्रदेश पुलिस का मानवीय चेहरा भी उभर कर सामने आया है। डायल 112 के माध्यम से लाॅक डाउन के दौरान वर्ष 2020 में पी0आर0वी0 पर तैनात पुलिस कर्मियों द्वारा प्रदेश के कुल 6 लाख 40 हजार से अधिक जरूरतमंदों को मद्द पहुंचायी गई। लगभग 2,04,190 व्यक्तियों तक खाद्य सामग्री, 2434 लोगो तक जीवन रक्षक दवा तथा 29,781 व्यक्तियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने में सहायता की गयी।

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