बहन, बेटियों की सुरक्षा करने में असमर्थ है योगी सरकार- अशोक सिंह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कल उन्नाव में 13, 14 व 16 वर्ष की दलित बेटियों के साथ हुई घृणित व हृदय विदारक घटना के लिये योगी आदित्यनाथ की सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बहन, बेटियों की सुरक्षा के स्थान पर आरोपियों और अपराधियों को खुलकर संरक्षण दे रही है जिस कारण उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और उत्तर प्रदेश में जंगलराज कायम हो चुका है। प्रदेश की योगी सरकार में बहन, बेटियां पूरी तरह असुरक्षित है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अशोक सिंह ने आज जारी बयान में कहा कि योगी सरकार अपराधियों और बलात्कारियों के पक्ष में हर जगह खड़ी नजर आती है। उन्नाव में पहले भी तत्कालीन भाजपा विधायक को बचाने के लिये एक बेटी को दुश्चरित्र साबित करने के लिये अपना सब कुछ दांव पर लगाया। न्याय के लिये संघर्ष कर रहे परिवार को खत्म करने का षड्यंत्र किया गया। हाथरस में बेटी के साथ हुई दरिंदगी को आनर किलिंग साबित करने का प्रयास कामयाब नहीं हुआ। भाजपा सरकार में पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को बचाने के लिये एक बेटी के साथ षड्यंत्र किया गया।

बाराबंकी, गोंडा, आजमगढ़, बदायूं, वाराणसी, कानपुर, फतेहपुर, महोबा, गोरखपुर, कुशीनगर, कौशाम्बी, बुलन्दशहर, मेरठ सहित सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में बहन बेटियों के साथ हुए वीभत्स दुष्कर्मो में आरोपियों को बचाने के लिये सरकार सक्रिय रही। अब पुनः उन्नाव में तीन मासूम दलित बेटियों के साथ जो कुछ हुआ है उससे इंसानियत थर्रा उठी है। प्रवक्ता ने कहा कि सवाल यह उठता है कि विज्ञापन, इवेंट मैनेजमेंट पॉलिटिक्स व झूठ का प्रचार करने वाली भाजपा व उसकी योगी सरकार में जब अपराधी जेलों में है या उत्तर प्रदेश की सीमा के बाहर है तो यह घृणित घटनाएं कैसे हो रही हैं? इसका जवाब उत्तर प्रदेश की जनता मांग रही है।

उंन्होने कहा कि उन्नाव की 13, 14 व 16 साल की मासूम दलित बेटियों के साथ यह घृणित अनहोनी कैसे हुई? अपराधियो के हौसले किसके संरक्षण में इतने बुलंद हुए कि मासूमो के साथ अनहोनी करके उन्हें चिर निद्रा में सुला दिया गया? एक बेटी जिंदगी मौत से संघर्ष कर रही है और योगी सरकार सब कुछ ठीक होने का दावा कर रही है। कांग्रेस प्रवक्ता अशोक सिंह ने योगी सरकार पर हमला बोलते व आरोप जड़ते हुए कहा कि उत्पीड़न दरिंदगी का शिकार होने वाली बहन, बेटियों को दुश्चरित्र साबित करने की सोच ने अपराधियों के हौसले बढ़ाये है। योगी व उनकी सरकार में मानवीय संवेदना नाम की चीज नही बची है। उनमें साहस या आत्मबल है तो वह पद से इस्तीफा देकर मठ जाएं।

उन्होने उत्तर प्रदेश की संवैधानिक मुखिया आनंदी बेन पटेल से कहा कि महिलाओं, बहन, बेटियों पर उनकी चुप्पी यह साबित करती है वह उत्तर प्रदेश की जनता की संरक्षक के रूप में नहीं बल्कि भाजपा नेता के रूप में कार्य कर रही है और अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करने में विफल हैं। अशोक सिंह ने उन्नाव में हुई दलित बेटियों के साथ जघन्य घटना के आरोपी अपराधियों की गिरफ्तारी व पीड़ित परिवार को 50-50 लाख की सहायता राशि प्रदान की जाए। इसके साथ ही प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने व घटना की निष्पक्ष जांच कराये जाने की मांग की है।

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