सिंचाई हेतु नलकूपों के लिए सब्सिडी का प्रावधान समाप्त किया सरकार ने- अजय कुमार लल्लू

लखनऊ। उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने आज योगी सरकार द्वारा पेश किये बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आज फिर नये जुमलों के साथ उ0प्र0 के बजट को पेश किया जो पूरी तरह निराशजनक, किसानों के साथ धोखा, नौजवानो के विश्वास के साथ विश्वासघात और गरीब, शोषित, वंचितों के लिए कोई योजना लाने का काम नहीं किया विकास से यह बजट कोसों दूर दिखा।

सरकार ने अपने बजट में कहा कि हम किसानों की आय 2022 तक दो गुना करेंगे गन्ने का हमने रिकार्ड तोड भुगतान किया है पिछले साल तक गन्ने के भुगतान का बकाया 8 हजार करोड़ से अधिक था और इस साल यह 10 हजार करोड़ के पार पहुंच गया। पिछले साल जब 2017 में सरकार आयी थी। इन्होने कृषक सम्बंधित आयोग का गठन किया और आयोग में खुद मुख्यमंत्री अध्यक्ष और मुख्य सचिव से लेकर प्रमुख सचिव सदस्य बने। 2017 से लेकर आज तक एक भी बैठकें नहीं हुईं। किसानों के संवृद्धि के लिए जो आयोग बना ऐसी कोई भी योजना नहीं बनाई गयी जो किसानेां का भुगतान कर सके। अब इस साल एक नया जुमला आत्मनिर्भर कृषि समन्वित विकास योजना लाई गई है।

पिछले वर्ष जो आयोग बनाया उसकी एक भी बैठक नहीं कर पाये और अब जो आयोग बनाया है। यह भी पूरी तरह दिखावा, छलावा और ब्रान्डिंग के अलावा कुछ भी नहीं है। सरकार ने कहा कि गेहूं, धान और मक्का की रिकार्ड तोड़ खरीद की है और आगे भी खरीद कर रहे हैं। उन्होने दावा किया कि कहीं भी धान की खरीद नहीं हो रही है, किस खरीद की बात सरकार कर रही है रिकार्ड के नाम पर केवल आंकड़ों की बाजीगरी और डाटा को पेश करने का पीआर कंपनी द्वारा प्रायोजित डाटा को उ0प्र0 की जनता के सामने रखने का काम कर रही है।

हमें उम्मीद थी कि यह सरकार किसानों के लिए कोई योजना लेकर आयेगी, किसानों के लिए विशेष पैकेज लाने की व्यवस्था करेगी। ओलावृष्टि, अतिवृष्टि, बेमौसम वर्षा, से जो किसानेां की फसल बर्बाद हुई है। उसके लिए एक रूपया मुआवजे के नाम पर इस सरकार ने नहीं दिया सिर्फ दिखावा किया। बिजली के बढ़े हुए दाम को भी सरकार ने किसानों के लिए निजी नलकूप में कोई छूट का प्राविधान नहीं किया। उर्वरक, खाद उपलब्ध कराने की बात की, कहीं भी पिछले समय में यह बात साफ है कि किसान यदि खाद के लिए कहीं गया तो उसे लाठी के सिवा खाद नहीं मिली। खाद और डीजल का दाम मंहगा हो गया लेकिन इस सरकार ने एक रूपया फसल में बढ़ाने का काम नहीं किया।

युवा रोजगार के नाम पर इस सरकार ने एक शेर के माध्यम से बात कहीं, अंतिम शब्द था-हम जो चाहेंगे वह होने दो, यह सरकार रोजगार को तो चाहती ही नहीं 14 लाख प्रतिवर्ष का वादा था 56 लाख के सापेक्ष मुख्यमंत्री ने अपने टिव्टर के माध्यम से बताया कि 4 लाख दे पाये हैं। यूपीएसी की भर्ती 24 में 22 भर्ती अटकी पड़ी है रोज आन्दोलकारी सड़कों पर हैं, चाहे वह शिक्षक भर्ती हो, पुलिस भर्ती हो, बीडीओ, सिपाही, दरोगा भर्ती हो अधर में लटकी पड़ी है भर्ती के नाम पर सरकार ने नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का काम किया है।

सरकार ने मत्स्य को बढ़ाने की बात की है जो हमारे निषाद भाई है कांग्रेस की सरकार में उन्हें नदियों पर पट्टे का अधिकार था, उनकी जमीन का अधिकार था, बालू पर अधिकार था इस सरकार ने उनके बालू का अधिकार और उनके पट्टे का अधिकार छीन लिया उनकी जमीन से जो उनकी जीविका उपार्जक थी छीन ली। यह स्पष्ट दिखा कि यह सरकार निषाद परिवार के लोगों के लिए पूरी तरह उदासीन है और उसके लिए कोई योजना नहीं है। बजट में जो योजना बनाई है जितने रूपये लगने चाहिए उसके मुकाबले वह ऊँट के मुंह में जीरे के समान है। उ0प्र0 की जनता स्वयं को इस बजट से पूरी तरह ठगा और छला समझ रही है।

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