आईजीआरएस एवं सीएम हेल्पलाईन के लम्बित प्रकरणों के निस्तारण में अधिकारीगण दें विशेष ध्यान- अपर मुख्य सचिव


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुपालन के क्रम मे प्रदेश की कानून एवं व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाये जाने, अपराध स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण लगाये जाने, पुलिस विभाग के आवासीय तथा अनावासीय भवनो के निर्माण कार्य व आई0जी0आर0एस0 एवं सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।
 
इन कार्यो के निष्पादन में और अधिक गति लाने हेतु अपर मुख्य सचिव, गृह ने आज लोक भवन स्थित कमाण्ड सेण्टर में एक उच्चस्तरीय बैठक की। अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने प्रदेश की कानून एवं व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाये जाने, अपराध स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण लगाये जाने, आवासीय तथा अनावासीय भवनो के निर्माण कार्य तथा आई0जी0आर0एस0 एवं सीएम हेल्पलाईन के लम्बित एवं डिफाल्टर प्रकरणों आदि पर की जा रही कार्यवाहियों की विस्तृत समीक्षा गृह विभाग के अधिकारियों व कर्मचारीगणों के साथ की।
 
 
बैठक में बताया गया कि आई0जी0आर0एस0 के कुल 19 हजार 367 प्रकरणों में से 15 हजार 953 प्रकरणों को निस्तारित किया जा चुका है तथा अवशेष प्रकरणों का निस्तारण अतिशीघ्र कर लिया जायेगा। अवस्थी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस एवं सीएम हेल्पलाईन के लम्बित एवं डिफाल्टर प्रकरणों को निस्तारित करने की कार्यवाही प्राथमिकता पर की जाय। अपर मुख्य सचिव, गृह ने अग्नि दुघर्टना से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नए फायर स्टेशन खोले जाने, विवेचना में वैज्ञानिक तथ्यों का अधिकाधिक समावेश किये जाने हेतु फाॅरेंसिक विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में किये जाने वाले प्रयासों में और अधिक तेजी लाये जाने के निर्देश दिये हैं।
 
उन्होंने पुलिस विभाग के लिए बेहतर आवासीय एवं अनावासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके कार्य सम्पादन हेतु बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निर्माण कार्यो को अभियान चलाकर प्राथमिकता से कराये जाने के निर्देश भी दिये हैं। अवस्थी ने अभियोजन की कार्यप्रणाली को और अधिक चुस्त दुरूस्त बनाने के साथ-साथ पाॅक्सो एक्ट सहित सभी गंभीर अभियोगों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करते हुये अभियुक्तों को शीघ्रातिशीघ्र अधिकतम सजा दिलाने के लिए पैरवी कार्य में तेजी लाये जाने के भी निर्देश दिये है।
 
उन्होंने कहा है कि ऐसे विचाराधीन प्रकरण, जिसमें अभियुक्त न्यायिक अभिरक्षा में निरूद्ध है, अभियोजन साक्षियों का साक्ष्य मा0 विचारण न्यायालय में प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित तिथि में ही सम्पन्न कराया जाय। उन्होंने थानों में सी0सी0टी0वी0 कैमरे लगवाये जाने के संबंध में भी जरूरी कार्यवाही शीघ्र पूर्ण किये जाने के भी निर्देश दिये है। इसके साथ ही यू0पी0 112 के आधुनिकीकरण पर बल देते हुए इस सम्बन्ध में होने वाली कार्यवाही में तेजी लाये जाने के निर्देश दिये हैं।

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