किसानों को आतंकवादी और राष्ट्रद्रोही कहने वाले भारतीय संस्कृति का कर रहे है अपमान- प्रियंका गांधी

 
सहारनपुर। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज माँ शाकम्बरी देवी के दर्शन करने के उपरान्त सहारनपुर पहुंचकर चिलकाना में आयोजित विशाल किसान पंचायत को सम्बोधित करते हुए कहा कि- मैं माता शाकम्बरी देवी से आर्शीवाद लेके आयी हूं। आप सबको मालूम होगा कि माता शाकम्बरी देवी की कथा क्या है। एक समय दुर्गम राक्षस थे। उस समय भीषण अकाल पड़ा बारिश नहीं आयी माता शाकम्बरी देवी अपनी सौं आखों से दुनिया को देख रही थीं। उनके दिल में दुनिया के लिए दया आयी और उन सौं आंखों से उन्होने आंसू बहाये जिससे नदियों में पानी आया और किसानों को बारिश मिली और आर्शीवाद मिला और उपज हुईं।
 
आज जो तीन कानून इस सरकार ने बनाये हैं। वह राक्षस रूपी कानून, जो किसान को मारना चाहते हैं। आप इन कानूनों के बारे में अच्छी तरह जानते होंगे। पहला कानून, भाजपा के नेतृत्व में, भाजपा के पूंजीपति मित्रों के लिए जमाखोरी के दरवाजे खोलेगा। आपको मालूम हेागा कि 1955 में जवाहर लाल नेहरू ने जमाखोरी बंद करवायी थी, कानून बनवाया था जमाखोरी बंद होनी चाहिए। उस कानून को आज बदला गया है। यह नया कानून बड़े-बड़े खरबपतियों को मदद करेगा। आपको उपज का दाम क्या मिलना है। आपसे कब खरीदा जायेगा, कैसे खरीदा जायेगा, यह वह तय करेंगे।


दूसरा कानून, एक ऐसा कानून है जो सरकारी मंडियों कोे बन्द कर खत्म कर डालेगा। क्योंकि उस कानून के तहत जो बड़े बड़े खरबपति हैं वह अपनी प्राइवेट मंडिया खोलेंगे। जबकि सरकारी मंडी में आपको टैक्स लगेगा, प्राइवेट मंडी में आपको टैक्स नहीं लगेगा। इसका मतलब है कि तमाम किसान सबसे पहले प्राइवेट मंडियों में चले जायेंगे लेकिन आस्ते आस्ते यह होगा कि जेा बड़े बड़े खरबपति हैं वह उन मंडियों में सामान स्टाक में रखेंगे उन मंडियों में सामान इकट्ठा करके रखेंगे और जब मन चाहेगा तब आपसे खरीदेंगें। जिस दाम पर चाहेंगे आपसे खरीदेंगे केाई न्यूनतम प्राइस नहीं होगी एमएसपी नहीं होगी। ऐसा कुछ कानून नहीं होगा जिसके जरिए आपको अपनी उपज का सही दाम मिल पायेगा।

तीसरा कानून यह है जिसे कहते हैं कान्ट्रैक्ट फार्मिंग का कानून। इसका मतलब है कि ठेके पर आपके साथ एक योजना बनायी जायेगी कि आपके गांव करोड़पति आ सकता है, अरबपति आ सकता है। आपके गांव में 25 किसान हैं सब गेहू उगायेंगे, आपको हम 20 रूपये का दाम देंगे। बाद में जब आप गेहूं उगायेंगे तब सब उस पर निर्भर होगा कि वह आपसे गेहूं खरीदना चाहेगा 20 रूपये में दाम देगा या 10 रूपये का दाम देगा या आपसे कहता है कि आपको गेहूं ठीक नहीं है हमें गेहूं चाहिए नहीं। यह सब उसी पर निर्भर होगा। जो तीन कानून है यह तीनों कानून इस तरह बनाये गये हैं कि सरकारी मंडिया बन्द होंगी। न्यूनतम समर्थन मूल्य बंद होगा, नहीं मिलेगा आपको और पूरी तरह से जमाखोरी बढ़ेगी। इसका मतलब है कि किसान की आवाज झुकेगी और बड़े-बड़े करोड़पति और बड़े-बड़े खरबपतियों की आवाज बुलन्द होगी।

प्रधानमंत्री ने खुद संसद में सिक्खों का अपमान किया। क्या कहा उन्होने- हंसे, किसानों को आन्दोलनजीवी कहा। क्या मतलब है इसका? क्या मतलब है आन्दोलनजीवी का? किसान आन्दोलन कर रहा है अपने जीवन के लिए, अपनी मिट्टी के लिए, अपने देश के लिए, अपने बेटे के लिए जो हमारी सीमा में खड़ा हुआ है। उसका मजाक उड़ाने वाला, उसको देशद्रोही कहने वाला, उसको आतंकवादी कहने वाला, वह देशभक्त नहीं है। वह देशभक्त कभी नहीं हो सकता, जो किसान के दिल को नहीं पहचान सकता, इस देश को किसान ने बनाया है। 78 दिनों से किसान दिल्ली बार्डर पर बैठा है। उनका अपमान किया लेकिन जो इस देश को बेंच डालता है जो हवाईअड्डे, रेलवे, एलआईसी, बीएसएनएस, एमटीएनएल, बीएचईएल, सेल, ओएनजीसी बेंच रहा है, उससे आप क्या उम्मीद रखते हैं।


मैं आज यहां आयी हूं आपको बताने, कि कांग्रेस पार्टी और मैं और कांग्रेस का एक-एक नेता आपके साथ खड़े हैं। आपके साथ इस आन्दोलन में हम खड़े हैं। हमारी शक्ति आपकी शक्ति है लेकिन मैं यह भी बताने आये हैं भाईयों और बहनों, आप जाग जाइये। जिससे आप उम्मीद रख रहे हैं उसने आपके लिए कुछ नहीं किया अब समझदार बन जाइये, समझ लीजिए सच्चाई क्या है। जब यह आपसे बड़े-बड़े वादे करते हैं तेा समझ जाइयें- ये वादे खोखले हैं, यह शब्द खोखले हैं। इन्होने अपने बड़े बड़े खरबपति मित्रों के लिए सब कुछ किया है। उनके लिए सारे दरवाजे खोल दिये।

अब समय आ गया है, आप जागिये, पीछे मत हटिए। आपने आन्दोलन शुरू किया है यह आपके अस्तित्व का आन्दोलन है। यह आपकी जमीन का आन्दोलन है। एक भी कदम पीछे मत हटिये। हम आपके साथ खड़े हैं आपके साथ लड़ेंगे। जब तक यह कानून रद्द नहीं होंगें, तब तक हम पीछे नहीं हटेंगे। आपको मालूम है कि कांग्रेस की सरकार के समय आपके लिए क्या क्या किया गया था। अगर कांग्रेस की सरकार आयेगी तो यह कानून रद्द किये जायेंगे। आपको उपज का समर्थन मूल्य मिलेगा। आपकी मदद के लिए कानून बनेेंगे, आपको पीसने के लिए नहीं बनेंगे। हम आपके दिलों के साथ, आपके जीवन के साथ राजनीति नहीं करेंगे। एक-एक किसान जुड़े, चाहे किसी भी मजहब का हो किसी भी जाति का हो, पूरे उ0प्र0 के किसान की आवाज होनी चाहिए।

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