नए भारत का नया यूपी देश को राह दिखाने के लिए तैयार- उपमुख्यमंत्री

लखनऊ। उपमुख्यमंत्री डा दिनेश शर्मा ने कहा है कि यूपी सरकार का 2021-22 का बजट प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में अहम कदम साबित होगा। बजट उपायों से यूपी में आत्मनिर्भरता की नई क्रान्ति आएगी। उन्होंने कहा कि इस बजट के जरिए प्रदेश के समग्र विकास का खाका खींचा गया है। एक ऐसे यूपी के निर्माण की दिशा में कदम बढाए गए हैं जो हर तरह से सक्षम व आत्मनिर्भर होगा।
 
उप मुख्यमंत्री ने सर्वसमावेशी बजट के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि नए भारत का नया यूपी देश को राह दिखाने के लिए तैयार है। किसान, युवा, महिला, गांव, गरीब, किसान के साथ हर वर्ग के कल्याण व स्वस्थ यूपी व ढांचागत विकास बजट का केन्द्र बिन्दु है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बह रही विकास की गंगा व नव निर्माण को इस बजट से और अधिक तेजी मिल सकेगी। प्रदेश के हर व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान व संतोष का भाव आए यही इस बजट और सरकार का संकल्प है। नागरिकों को आवगमन की बेहतर सुविधा के लिए एक्सप्रेस वे के निर्माण में तेजी के साथ ही सडक़ों का जाल बिछाने व मेट्रो के विस्तार के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
 
डॉ शर्मा ने कहा कि अन्नदाता की खुशहाली के लिए चौतरफा उपायों का प्राविधान किया गया है जिससे कि उसकी आय दोगुनी हो सके। हर गांव को डिजिटल बनाया जाएगा। कोरोना वैक्सीनेशन के लिए 50 करोड का प्रविधान स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रथमिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यूपी को ज्ञान के केन्द्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। शिक्षा के मामले में यूपी के पुराने गौरव को स्थापित करने की दिशा में प्रयास जारी है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यूपी को आकर्षण के केन्द्र के तौर पर विकसित किया जा रहा है। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था की जा रही है। गुणवत्तापूर्व शिक्षा के जरिए ऐसे युवा तैयार किए जा रहे हैं जो आत्मनिर्भर भारत व यूपी के  निर्माण में योगदान दे सकें।
 
डॉ शर्मा ने बताया कि राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत अतिथि विषय विशेषज्ञ के मासिक मानदेय की धनराशि हाई स्कूल स्तर पर 8000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये तथा इण्टर पर 10,000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये की गयी है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा असेवित क्षेत्रों में विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। प्रदेश के असेवित मण्डलों में प्रत्येक मण्डल में एक राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना करायी जायेगी। जनपद सहारनपुर, आजमगढ़ एवं अलीगढ में 03 नये राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना हेतु भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है।
 
नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अन्तर्गत उच्च शिक्षा संस्थानों को बड़े बहुविषयक विश्वविद्यालयों, कालेजों और एचईआई क्लस्टरों व नालेज हबों में स्थानान्तरित करके उच्च शिक्षा के विखण्डन को समाप्त करना है। इस हेतु संसाधनों, सामग्री और मनुष्य की कार्यकुशलता की बढोत्तरी में मदद करने पर बल दिया गया है। लखनऊ में एयरपोर्ट के सामने नादरगंज में 40 एकड़ क्षेत्रफल में  पीपीपी मॉडल पर अत्याधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी कॉम्प्लेक्स का निर्माण प्रस्तावित है जिसमें देश का सबसे बड़ा इन्क्यूबेशन सेन्टर बनाये जाने हेतु सहमति हो गयी है।

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