डाॅ0 अखिलेश दास गुप्ता की 60वीं जयन्ती के अवसर पर विशाल भण्डारे का किया गया आयोजन

लखनऊ। पूर्व केन्द्रीय मंत्री डाॅ0 अखिलेश दास गुप्ता की आज 60वीं जयन्ती के अवसर पर राजधानी लखनऊ में विभिन्न स्थानों पर विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक, खेल जगत से जुड़े संगठनों द्वारा सादगी के साथ जयन्ती कार्यक्रमों का आयोजन कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए किया गया। जयन्ती कार्यक्रम के तहत हुए विभिन्न कार्यक्रमों के क्रम में नई बस्ती, उदयगंज, लकड़ी मोहाल आदि मुहल्लों में गरीब परिवारों को राशन वितरित किया गया।

इसी क्रम में जयंती के मौके पर नाका चैराहे पर मास्क वितरण किया गया। पूर्व केन्द्रीय मंत्री डाॅ0 अखिलेश दास की जयन्ती पर स्पर्श दरबारी द्वारा मुंशी पुलिया चैराहे पर विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। जिसमें कानून मंत्री उ0प्र0 शासन ब्रजेश पाठक ने पहुंचकर डाॅ0 अखिलेश दास के चित्र पर माल्यार्पण कर भण्डारे में भाग लिया और पुष्पांजलि अर्पित की। उ0प्र0 शासन में कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने इस मौके पर कहा कि डाॅ0 अखिलेश दास ने अपने जीवन में सदैव गरीबों, असहायों, वंचितों की सेवा की। उन्होने शिक्षा के क्षेत्र में जो उल्लेखनीय योगदान दिया है वह सदैव याद किया जायेगा।

जयन्ती कार्यक्रम के तहत कैण्ट स्थित बाबू बनारसी दास वार्ड में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर कांग्रेस विधानमण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’, बीबीडी ग्रुप की चेयरपर्सन अलका दास, बीबीडी ग्रुप के चेयरमैन विराज सागर दास सहित कई गणमान्य नागरिकों, समाज सेवियों, पत्रकारों, खेल जगत से जुड़े लोगों ने डाॅ0 अखिलेश दास की जयन्ती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डाॅ0 अखिलेश दास ने खेल व शिक्षा के क्षेत्र में जो योगदान दिया है, उसे कभी भी विस्मृत नहीं किया जा सकता।
 
आराधना मिश्रा मोना ने संगोष्ठी में कहा कि डा0 अखिलेश दास गंगा-जमुनी तहजीब के बहुत बड़े पैरोकार रहे। उन्होने सामाजिक कार्यों को अपने जीवन में सबसे ऊपर रखा। राजधानी लखनऊ के विकास के लिए उनके द्वारा किये गये कार्य हमेशा याद किये जायेंगे। इस मौके पर विराज सागर दास ने कहा कि मैं अपने पिता के सपनों को साकार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं और उनके बताये रास्ते पर चलने के लिए तत्पर रहूंगा। उन्होने कहा कि मेरे पिता को शहर के लेाग बहुत चाहते थे। उनको लोगों ने बहुत सहयोग भी दिया।
 
उन्होने जो कार्य शुरू किये या उनके मन में जो भी आशंकाएं थीं शहर को लेकर, प्रदेश को लेकर, उन्होने जो सपने बुने थे उन सपनों को साकार करने के लिए हम और हमारा पूरा गु्रप पूर्ण प्रयास करेगा। अब पूज्य पिता डा0 अखिलेश दास गुप्ता एवं बाबा बाबू बनारसी दास का मिशन हमारा मिशन है। विराज सागर दास ने अपने पिता के उन ऐतिहासिक पलों की यादें ताजा करते हुए कहा कि मेरे पिता केा विरासत में मिली राजनीति, खेल का शौक, शिक्षा के प्रति जबर्दस्त जज्बा ही बीबीडी समूह की नींव का कारण बना। वर्ष 1993 में वे लखनऊ के सबसे युवा मेयर बने उनके कार्यकाल को लखनऊ के विकास का कार्यकाल कहा जाता है।

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