टी0बी0 रोग से देश का हर 5वां संक्रमित मरीज उत्तर प्रदेश से - अजय कुमार लल्लू



लखनऊ। एक तरफ जहां केन्द्र एवं राज्य की भाजपा सरकारें टी0बी0 उन्मूलन का कार्यक्रम होर्डिंग, पोस्टर, विज्ञापन और प्रचार माध्यमों से बड़े जोर-शोर से चला रही है और वर्ष 2025 तक भारत को टी0बी0 मुक्त बनाने का ढिंढोरा पीट रही है और इसे लेकर सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है। वहीं केन्द्र सरकार द्वारा टी0बी0 के मरीजों को हर महीने इलाज के साथ पोषण के लिए दिये जाने वाले पोषण भत्ते 500 रूपये की योजना कागजों तक सिमट कर रह गयी है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने आज जारी बयान में कहा कि आज से शुरू हुए विश्व टी0बी0(क्षय) रोग दिवस को योगी सरकार बड़े-बड़े विज्ञापनों के माध्यम से प्रचारित कर रही है और केन्द्र सरकार ने वर्ष 2025 तक भारत को पूर्णरूपेण टी0बी0 मुक्त करने का अपने वादे का लक्ष्य निर्धारित किया है वहीं टी0बी0 के मरीजों को पोषण के लिए दी जाने वाली रकम तो दूर, मरीजों को उचित इलाज भी नहीं मिल पा रहा है। उन्होने कहा कि शायद यही कारण है कि देश में हर साल 4 लाख से ज्यादा लोगों की मौतें टी0बी0 से हो रही हैं।

श्री लल्लू ने कहा कि उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं पहले से ही वेंटिलेटर पर हैं। यहां अस्पतालों में ना तो डॉक्टर हैं और ना ही नर्स। टी0बी0 की दवाओं का भी पूर्णतया अभाव है जिसकी वजह से यहां के हालात और भी ज्यादा बदतर होते जा रहे हैं। देश का हर 5वां टीबी से संक्रमित मरीज उत्तर प्रदेश से है और ये संख्या लगातार बढ़ रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2017 में पूरे देश में 17 लाख 34 हजार 905 टीबी मरीज मिले थे जिनमें से 17 प्रतिशत सिर्फ उत्तर प्रदेश से थे। यानी 2 लाख 96 हजार 910 संक्रमित मरीज उ0प्र0 से थे। वर्ष 2018 में देश में 21 लाख 1 हजार 82 मरीज मिले थे। इसके 20 फीसदी मरीज सिर्फ यूपी से थे। यूपी में 2018 में मरीजों की संख्या 4 लाख 11 हजार 6 थी। वर्ष 2019 में देश में चिन्हित मरीजों की संख्या 24 लाख 1 हजार 589 थी, जबकि यूपी में 4 लाख 87 हजार 653 मरीज मिले थे।

वर्ष 2020 में चिन्हित टी0बी0 संक्रमित मरीजों की संख्या काफी गिर गई। पिछले साल देश में 18 लाख 11 हजार 105 मरीज मिले थे, जबकि यूपी में 3 लाख 68 हजार 112 मरीज मिले थे। इस साल मरीजों की संख्या गिरने का कारण कोरोना था। मरीज चिन्हित नहीं हो पाए थे जिसकी वजह से यह संख्या कम होना प्रतीत हो रही थी जबकि सच्चाई तो यह है कि टी0बी0 के मरीजों को कोरोना के नाम पर भगवान के भरोसे छोड़ दिया गया और आज स्थिति भयावह हो चुकी है।

Popular posts from this blog

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आॅनलाईन ट्रांसफर सिस्टम विकसित किये जाने की प्रगति की समीक्षा बैठक की गई संपन्न

स्वस्थ जीवन मंत्र : चैते गुड़ बैसाखे तेल, जेठ में पंथ आषाढ़ में बेल

एकेटीयू में ऑफलाइन परीक्षा को ऑनलाइन कराए जाने के संबंध में कुलपति को सौंपा गया ज्ञापन