प्रधानमंत्री ने मैरीटाइम इंडिया समिट 2021 का किया उद्घाटन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मैरीटाइम इंडिया समिट 2021 का उद्घाटन किया। डेनमार्क के परिवहन मंत्री बेनी एंगलब्रेच, गुजरात और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और मनसुख मंडाविया भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने विश्व को भारत में आने और भारत की विकास गति का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि भारत समुद्री क्षेत्र में प्रगति के लिए बहुत गंभीर है और विश्व की एक अग्रणी ब्लू इकोनॉमी के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के उन्नयन, सुधार यात्रा को बढ़ावा देने जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत का लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूत बनाना है।

उन्होंने कहा कि थोड़ी-थोड़ी पहुंच के बजाए पूरे क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रमुख बंदरगाहों की क्षमता जो 2014 में 870 मिलियन टन थी उसे बढ़ाकर अब 1550 मिलियन टन कर दिया गया है। भारतीय बंदरगाहों में अब डाइरेक्ट पोर्ट डिलीवरी, डाइरेक्ट पोर्ट एंट्री और उन्नत पोर्ट कम्युनिटी सिस्टम (पीसीएस) जैसे उपाए किए गए हैं ताकि डेटा का सरल प्रवाह रहे। हमारे बंदरगाहों में आनेवाली और बाहर जाने वाली कार्गो के लिए प्रतीक्षा समय कम कर दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि वधावन पारादीप और कांडला में दीनदयाल बंदरगाह में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ मेगा बंदरगाहों को विकसित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार एक ऐसी सरकार है जो बंदरगाहों में इस प्रकार निवेश कर रही है जैसा इससे पहले कभी नहीं देखा गया था। घरेलू जलमार्ग माल ढुलाई के लिए सस्ते और पर्यावरण के अनुकूल हैं। हमारा लक्ष्य 2030 तक 23 जलमार्गों को चालू करने का है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में विशाल तट रेखा पर 189 प्रकाश स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि हमने 78 प्रकाश स्तंभों के आसपास की भूमि पर पर्यटन विकसित करने के लिए एक कार्यक्रम तैयार किया है। इस पहल का प्रमुख उद्देश्य मौजूदा प्रकाश स्तंभो का विकास करना और इनके आसपास के क्षेत्रों को विशिष्ट समुद्री पर्यटन स्थलों में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि कोच्चि, मुंबई, गुजरात और गोवा जैसे प्रमुख राज्यों और शहरों में शहरी जल परिवहन प्रणालियां शुरू करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने हाल ही में शिपिंग मंत्रालय को बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय का नया नाम देकर समुद्री क्षेत्र के दायरे का विस्तार किया है ताकि काम समग्र तरीके से हो सके। भारत सरकार घरेलू जहाज निर्माण और जहाज मरम्मत बाजार पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। घरेलू जहाज निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए भारतीय शिपयार्ड के लिए जहाज निर्माण वित्तीय सहायता नीति को मंजूरी दी गई है।

प्रधान मंत्री ने बताया कि बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने 400 निवेश योग्य परियोजनाओं की एक सूची तैयार की है। इन परियोजनाओं में 31 बिलियन डॉलर या 2.25 लाख करोड़ रुपये की निवेश क्षमता है। मैरीटाइम इंडिया विजन 2030 के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करता है।

प्रधानमंत्री ने वैश्विक निवेशकों के साथ परामर्श से यह निष्कर्ष निकाला कि "भारत की लंबी तटरेखा आपका इंतजार कर रही है।" भारत के मेहनती लोग आपका इंतजार कर रहे हैं। हमारे बंदरगाहों में निवेश करें, हमारे लोगों में निवेश करें। आइए भारत को अपना मनपसंद व्यापार गंतव्य बनाएं, ताकि भारतीय बंदरगाह व्यापार और वाणिज्य के लिए आपके अवसर के बंदरगाह बन जाए।

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