मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से ‘इण्डिया इकोनाॅमिक काॅन्क्लेव’ को किया सम्बोधित


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था को 05 ट्रिलियन डाॅलर की बनाने का संकल्प लिया है। उत्तर प्रदेश की आबादी देश में सर्वाधिक है। देश का हर छठा व्यक्ति प्रदेश से सम्बन्ध रखता है। राज्य सरकार प्रधानमंत्री के संकल्प के साथ जुड़कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 01 ट्रिलियन डाॅलर की बनाएगी।

मुख्यमंत्री आज वर्चुअल माध्यम से ‘इण्डिया इकोनाॅमिक काॅन्क्लेव’ में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विगत 01 वर्ष का कालखण्ड अत्यन्त चुनौतीपूर्ण रहा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इस अवधि में अर्जित की गई सफलताएं पूरे विश्व को आश्चर्य में डालने वाली हैं। प्रधानमंत्री ने कोरोना कालखण्ड में आपदा को अवसर में बदलने तथा आत्मनिर्भर भारत का मंत्र दिया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश ने कोविड-19 से बचाव व उपचार के लिए निर्धारित गाइडलाइन्स का पूर्णतया पालन करते हुए कोरोना प्रबन्धन में उल्लेखनीय सफलता हासिल की। कोरोना प्रबन्धन में प्रदेश की सफलता को सभी ने सराहा। डब्ल्यू0एच0ओ0 ने भी राज्य में कोविड प्रबन्धन की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 04 वर्षों में प्रदेश में व्यापक परिवर्तन हुआ है। हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आया है। वर्ष 2015-16 में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था देश में छठें स्थान पर थी। वर्तमान में यह देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। यह उपलब्धि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा मार्च, 2017 में सत्ता ग्रहण करने के बाद किये गये लगातार प्रयास से प्राप्त हुई है। प्रदेश सरकार द्वारा राज्य की आय में वृद्धि के लिए क्षेत्रों को चिन्हित कर कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भूमि अत्यन्त उर्वरा है, यहां पर्याप्त जल संसाधन हैं। इसके दृष्टिगत कृषि और किसानों को ध्यान में रखकर प्रदेश सरकार द्वारा कार्य किया गया। कृषि उपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की नीति बनाकर इसे लागू किया गया। दशकों से लम्बित सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में देश का सबसे बड़ा एम0एस0एम0ई0 सेक्टर है। एम0एस0एम0ई0 सेक्टर में कम पूंजी में ज्यादा रोजगार का सृजन होता है। राज्य सरकार ने वर्ष 2018 में ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना प्रारम्भ की। योजना के अन्तर्गत प्रत्येक जनपद के विशिष्ट उत्पादों को चिन्हित कर प्रोत्साहित किया गया। गोरखपुर में टेराकोटा के कार्य को चिन्हित कर प्रोत्साहित करने के लिए तकनीकी सहायता, सोलर चाक आदि कारीगरों को उपलब्ध कराए गए। पूरे प्रदेश के लिए माटी कला बोर्ड का गठन किया गया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में प्रदेश में 40 लाख श्रमिक अन्य राज्यों से वापस आए। राज्य सरकार ने उन्हें सुरक्षित और सम्मान सहित घर पहुंचाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2015-16 व वर्ष 2016-17 में प्रदेश में बेरोजगारी की दर 17.5 प्रतिशत थी, जो वर्तमान में घटकर 4.1 प्रतिशत रह गई है। बेरोजगारी दर में कमी राज्य सरकार द्वारा कृषि एवं एम0एस0एम0ई0 सेक्टर में बड़े पैमाने पर नौकरी और रोजगार के अवसर सृजित करने से हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी क्षेत्र में निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया माध्यम से 04 लाख लोगों को नियोजित किया गया। विगत 04 वर्षों में प्रदेश में बड़े पैमाने पर हुए निवेश से 35 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला। एम0एस0एम0ई0 सेक्टर में 1.5 करोड़ रोजगार का सृजन हुआ है। इसके अलावा बड़ी संख्या में स्वरोजगार के माध्यम से भी लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापक रूप में रोजगार सृजन से लोगों की आय में वृद्धि हुई है। वर्ष 1947 से वर्ष 2017 तक प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 47 हजार रुपए तक हुईं। वर्ष 2017 से वर्ष 2021 तक के 04 वर्षों में राज्य में प्रति व्यक्ति आय दोगुनी बढ़कर 95 हजार रुपए हो रही है। प्रति व्यक्ति आय में तीव्र वृद्धि प्रदेश में ग्रोथ की गति को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा व्यवसाय की सुगमता के लिए अनेक सुधार करते हुए इन्हें समयबद्ध ढंग से लागू किया। फलस्वरूप वर्ष 2015-16 में ‘ईज ऑफ़ डुइंग बिजनेस’ रैंकिंग में 14वें स्थान से प्रदेश वर्तमान में देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवसाय की सुगमता के कारण राज्य में व्यवसाय व निवेश का वातावरण बना है। 04 साल में, 01 साल कोरोना से संघर्ष के बावजूद, प्रदेश में 03 लाख करोड़ रुपए का निजी निवेश हुआ है।

कोविड काल में भी प्रदेश में लगभग 60 हजार करोड़ रुपए का निवेश हुआ है। देश की पहली डिस्प्ले यूनिट की स्थापना एवं उत्तर भारत के पहले डेटा सेन्टर पार्क का निर्माण प्रदेश में हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ‘ईज ऑफ़ डूईंग बिजनेस’ के साथ ही, ‘ईज ऑफ़ लिविंग’ पर ध्यान दिया है। बेहतर ‘ईज ऑफ़ लिविंग’, व्यवसाय तथा आय दोनों की बढ़ाने में मददगार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन को प्रदेश में मूर्तरूप दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने विगत 04 वर्षों में गांव, गरीब, किसान, मजदूर, नौजवान सहित सभी वर्गों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया है। 40 लाख गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराया गया। 1.21 करोड़ गांवों का विद्युतीकरण कराया गया। 2.61 करोड़ शौचालयों का निर्माण कराया गया।

‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ व्यवस्था के अन्तर्गत प्रदेश के सभी राशन कार्ड धारकों को पोर्टेबिलिटी की सुविधा सुलभ करायी गई। आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत गरीब परिवारों को चिकित्सा के लिए 05 लाख रुपये का कवर सुनिश्चित किये जाने के साथ ही, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए पूरी तेजी से कार्य किया गया है। सीमावर्ती मार्गों को 04 लेन बनाने के साथ ही, जिला मुख्यालयों को 04 लेन मार्गों से जोड़ा गया है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे तथा बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे पर इस वर्ष यातायात प्रारम्भ होगा। मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस-वे का भूमि अधिग्रहण कार्य चल रहा है।

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का कार्य युद्ध स्तर पर संचालित है। बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में मात्र 02 एयरपोर्ट फंक्शनल थे। वर्तमान में 08 एयरपोर्ट फंक्शनल है तथा 17 पर कार्य चल रहा है। जनपद गौतमबुद्धनगर के जेवर में एशिया का सबसे बड़ा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट निर्माणाधीन है। जनपद आयोध्या में इन्टरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कराया जा रहा है। लखनऊ तथा वाराणसी में पहले से ही अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। शीघ्र ही कुशीनगर में इन्टरनेशनल एयरपोर्ट फंक्शनल होगा। उन्होंने कहा कि देश का पहला वाॅटर-वे हल्दिया-वाराणसी के मध्य क्रियाशील है। कोरोना काल के दौरान यह मार्ग सब्जी, फल तथा चीनी के निर्यात में सहायक सिद्ध हुआ।

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