बापू , सरकार को सद्बुद्धि दो - लखनऊ सिविल सोसाइटी





लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की सिफारिश पर केंद्र सरकार द्वारा हमेशा जनहित में काम करने वाले आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को जबरन सेवानिवृत्त करना बेहद अफसोसजनक है। अमिताभ ठाकुर उन चुनिंदा अधिकारियों में से है जो संविधान की शपथ लेने के बाद देश के आम नागरिक को बिना किसी दबाव के निष्पक्ष रहकर न्याय  दिलाने का प्रयास करते हैं। ऐसे अधिकारियों के साथ सौतेला व्यवहार करना सरकार की फितरत बन चुकी है। ऐसे अधिकारियों के आभाव में ही विकास दुबे और तमाम बाहुबली  उत्तर प्रदेश में पनपते रहे हैं और पुलिस के भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से गुंडागर्दी, अवैध कामों का व्यापार चलाते हैं।  

संविधान की शपथ लेकर जनहित में ड्यूटी करने वाले, पार्टीतंत्र के सामने नहीं झुकने वाले लोकतंत्र प्रहरी और  अंतिम आदमी की आवाज़, सत्ता की आंख में आँख मिलाकर जनता की सेवा का प्रण करने वाले सीनियर आईपीएस अमिताभ ठाकुर को जबरन सेवानिवृत करना, सरकार की हालत घोड निन्दनीय व चिंताजनक बताती है। 





रविवार को छुट्टी के दिन जबरन सेवानिवृत करने के विरोध में और सरकार को सद्बुद्धि मिले इसके लिए लखनऊ के हजरतगंज स्थित GPO गाँधी प्रतिमा पर "सद्बुद्धि प्रार्थना" सभा का आयोजन लखनऊ सिविल सोसाइटी द्वारा किया गया। सभा मे उपस्थित सोसाइटी के पदाधिकारियों के अलावा  राष्ट्रीय राष्ट्रवादी पार्टी के "राष्ट्रीय अध्यक्ष" प्रताप चन्द्र, सामाजिक कार्यकर्ता आलोक सिह जिम्मेदार, मिथिला मंच लखनऊ के जितेन्द्र झा, सत्येंद्र पांडेय, विपिन तिवारी,अजय सिंह "अध्यक्ष" राज्य पुलिस कर्मचारी परिषद उ प्र , परशुराम कश्यप,अविनाश पाठक, दीना भाई गाँधी विचार मंच व लखनऊ की आमजनो ने भी सरकार के इस फैसले का घोर निंदा करते हुए विरोध जताया। 

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