पंचायत चुनावों को स्वच्छ एवं निष्पक्ष कराने के लिए हुई चर्चा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य में होने वाले आगामी पंचायत चुनावों में कैसे निष्पक्षता सुनिश्चित हो, कैसे धनबल-बाहुबल से मतदान प्रभावित ना हो, कैसे विभाजक मुद्दों को उभारने से रोका जाए आदि बिन्दुओं को ध्यान में रखकर कृष्णा टावर, कैसरबाग में स्थित एडवोकेट बृजभान सिंह के कार्यालय में व्यापक चर्चा हुई। इस परिचर्चा में एडवोकेट बृजभान सिंह, बिजय कुमार सक्सेना, रितेश श्रीवास्तव, धीरेन्द्र प्रताप सिंह 'प्रधान जी' मनोज त्यागी, जितेन्द्र तिवारी, कमलेन्द्र तिवारी, अभिषेक सोनकर, दिलीप सिंह, अतुल शुक्ला, मनीष कुमार, मनीष कुमार तिवारी सहित लोकशक्ति अभियान' एक स्वैच्छिक संगठन' के अध्यक्ष नैमिष प्रताप सिंह ने भागीदारी किया।
 
04 मार्च की देर रात तक चली इस बैठक में बहस की शुरूआत करते हुए नैमिष प्रताप सिंह ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जैसे-जैसे लोकतंत्र की आयु बढ़ रही है वैसे-वैसे इसे कमजोर करने वाली प्रबृत्ति भी मजबूत होती जा रही है। उन्होंने कहा कि धनबल-बाहुबल के बढ़ते प्रभाव के चलते आम आदमी का चुनावों में भागीदारी करना मुश्किल होता जा रहा है। एडवोकेट बृजभान सिंह ने कहा कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने में अधिवक्ता समाज की केन्द्रीय भूमिका होती है और हम अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए अपना योगदान करेंगे। एडवोकेट बिजय कुमार सक्सेना ने कहा कि चुनाव में जो कोई भी गैर कानूनी कार्यों को अंजाम दे उसके खिलाफ चुनाव आयोग को कठोर कदम उठाना चाहिए।
 
 
बताते चले कि उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसमें आरक्षण की घोषणा भी हो चुकी है जिसमेँ रोटेशन पद्धति को आधार बनाया गया है। आरक्षण को लेकर 08 मार्च तक आपत्तियां दर्ज की जा सकती है, 12 मार्च तक निस्तारण करने के बाद 15 मार्च तक लिस्ट फाइनल कर दी जायेगी। राज्य में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रशासन ने तैयारी तेज कर दिया है।
 
 
प्रस्तुति: जितेन्द्र झा

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