नौजवान को नालायक समझने वाली आदित्यनाथ सरकार खुद निकम्मी और नालायक है - वंशराज दुबे



लखनऊ : युवाओं को रोजगार दिलाने में नाकाम उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्री अपनी नाकामी छिपाने के लिए झूठ का सहारा लेने लगे हैं। एक तरफ प्रदेश के युवा नौकरी के लिए दर-दर भटक रहे हैं तो दूसरी तरफ सरकार के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या सदन अपनी सरकार में दिए गए नौकरियां का झूठा आंकड़ा पेश कर में उन्हें रोजगार देने का ढिंढोरा पीट रही है। 

दरअसल बीते दिन उत्तर प्रदेश की विधनसभा की कार्यवाही के दौरान सरकार के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने नौकरियों के आकड़े जारी कर रहे थे कि कितनी नौकरियां सरकार ने अपने चार सालों में दी है ,उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और तमाम अन्य तरीके से जिसपर आम आदमी पार्टी की छात्र विंग सीवाईएसएस उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष वंशराज दुबे ने सदन में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या द्वारा नौकरियों के दिए गए आकड़े पर योगी सरकार पर हमला बोल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्री जिन भर्तियों का जिक्र चयनित करने की बात कर रहे है दरअसल उन भर्तियों की सच्चाई कुछ और है। जितनी भर्तियों के नाम सदन में गिनाये गये उनमें से ज्यादातर पिछली सरकारों की हैं इनके शासनकाल में निकाला गया एक भी विज्ञापन अभी तक पूरा नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि सदन के अदंर मंत्री ने कहा कि ग्राम विकास अधिकारी में 3113 पदों पर चयनित किये गए जबकि सच्चाई यह है कि यह भर्ती साल 2016 की पूर्व सरकार की, कनिष्ठ सहायक में 4964 पदों की यह भर्ती साल 2015 की है,गन्ना पर्यवेक्षक 862यह भर्ती 2015 की है, प्रयोगशाला बौद्धिक में 921 पदों की यह भर्ती 2016 की है ,फार्मासिस्ट एलोपैथिक में 78 पदों की यह भर्ती 2016 की है, सहायक लेखाकार 845 पदों की यह भर्ती 2015 की है ,विधान भवन रक्षक 578 पदों की यह भर्ती 2016 की है,नलकूप चालक 3210 पदों की यह भर्ती 2016 की है , नक्शा नविश मानचित्र कार में 10 पदों की यह भर्ती 2016 की है ,तकनीकी सहायक  सहायक अनुदेशक 46 पदों की यह भर्ती 2016 की है,अधीनस्थ कृषि प्राथमिक सहायक 2059पदों की यह भर्ती अभी तक पूरी नहीं हुई है ,होम्योपैथिक फार्मासिस्ट 420 पदों की यह भर्ती अभी तक पूरी नहीं हुई है ,कनिष्ठ सहायक 115 पदों की यह भर्ती जनवरी 2017 की है गन्ना पर्यवेक्षक 420 पदों की यह भर्ती 2016 की है। इसका मतलब इस सरकार में अभी तक 14 में से लगभग 12 भर्तियां विभिन्न कारणों से लंबित पड़ी है। 

वंशराज दुबे ने कहा, सरकार के झूठ का पर्दाफाश एक आरटीआई से हो चुका है। नौजवानों को धोखा देने के लिए सरकार ने आकड़े भी बढ़ाकर बताए। कहा, प्रदेश के अन्य आयोगों की भर्तियों का भी यही हाल है। उत्तर प्रदेश का नौजवान इस सरकार में किस कदर ठगा गया, आरटीआई से मिली जानकारी इसका प्रमाण है। इस बात से यह सिद्ध होता है कि उत्तर प्रदेश का नौजवान होनहार और लायक है। उन्हें नालायक समझने वाली आदित्यनाथ सरकार खुद निकम्मी और नालायक है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में चाहे वह ग्राम पंचायत अधिकारी 2018 की भर्ती हो या एग्रीकल्चर टेक्निकल असिस्टेंट की भर्ती हो या दरोगा और लेखपाल की भर्ती, नौजवान चयनित होकर अपनी नियुक्ति पत्र के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। नए विज्ञापन भी नहीं निकाले जा रहे हैं। नौजवानों के रूप में गांव, गरीब, किसान, मजदूरों के बच्चों की आवाज को यह सरकार निरंतर दबाने पर तुली हुई है।



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