पूर्व मुख्यमंत्री ने मुरैना के चौसठ योगिनी मंदिर जाकर किया सुखद अनुभव

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुरैना के चौसठ योगिनी मंदिर जाकर सुखद अनुभव किया। यादव ने इस प्राचीन एवं महत्वपूर्ण मंदिर के इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं की कमी को देखकर दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा सरकार को इसके रख रखाव के लिए सर्वोत्तम प्रबन्ध करना चाहिए। 
 
अखिलेश यादव की दृष्टि नयी पीढ़ी को समृद्ध विरासत हस्तांतरित करने की है। यही कारण है कि राजनीति से इतर सार्वजनिक जीवन में उनका व्यवहार एवं भूमिका जिम्मेदार सचेत नागरिक के रूप में दिखती है। साहित्य, संस्कृति और परम्पराओं को लेकर उनकी दृष्टि एक संवेदनशील व्यक्ति के रूप में प्रदर्शित होती है। मुरैना स्थित चौंसठ योगिनी मंदिर का अवलोकन एवं उसके संरक्षण की चिंता अखिलेश यादव के वास्तुकला के प्रति गम्भीरता का उदाहरण है। चम्बल के बीहड़ों के बीच बना यह मंदिर प्राचीनता और स्थापत्य कला का अनुपम उदाहरण है। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से 40 किलोमीटर दूर मितावली पहाड़ी में 300 फीट की ऊंचाई पर स्थापित 64 योगिनी मंदिर को इकोत्तरसो या इकंतेश्वर महादेव मंदिर भी कहा जाता है।
 
 
मंदिर का निर्माण 9वीं सदी में प्रतिहार वंश के राजाओं ने करवाया था। मंदिर प्रांगण में पहले सभी देवी-देवताओं की मूर्तियां थी। एक हजार साल पहले इसकी ख्याति तांत्रिक अनुष्ठान विश्वविद्यालय के रूप में थीं जहां देश-विदेश से लोग शिक्षा ग्रहण करने आते थे। दिल्ली स्थित संसद भवन के वास्तुकार सर एडविन लुटियंस और हरबर्ट बेकर ने पार्लियामेंट की डिजाइन चौंसठ योगिनी मंदिर से ही ली थी। संसद भवन का निर्माण 1921 में शुरू होकर 1927 में पूरा हुआ। अखिलेश यादव की रूचि पुरातात्विक स्थलों के संवर्धन एवं संरक्षण में रही है। बतौर मुख्यमंत्री उन्होंने उत्तर प्रदेश के प्राचीन स्थलों को प्रमुखता से पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया।
 
 
समाजवादी पार्टी की सरकार में धार्मिक-पौराणिक एवं बौद्धकालीन स्थलों के उन्नयन को विशेष प्राथमिकता दी गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में विधान भवन के सामने उत्तर प्रदेश की जनता के हित में कल्याणकारी फैसलों के लिए लोकभवन का निर्माण कराया था। लोकभवन का वास्तुशिल्प विधानसभा पर ही आधारित है। इसके पीछे जनता को अविलम्ब न्याय दिलाने की मंशा है लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार ने लोकभवन को अन्याय करने वाले फैसलों का केन्द्र बना दिया है। बीते 4 मार्च 2021 को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के मुरैना आगमन पर चौसठ योगिनी मंदिर में सर्वश्री मुकेश कौरव, संजय कौरव, पवन सक्सेना ने स्वागत किया।

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