कोविड प्रबंधन हेतु टीम-11 को मुख्यमंत्री योगी ने दिए दिशा-निर्देश

लखनऊ। मास्क के अनिवार्य उपयोग के लिए प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई भी की जानी चाहिए। बिना मास्क सार्वजनिक स्थानों पर आवागमन करने वाले लोगों का यह कृत्य स्वयं के साथ-साथ समाज के लिए भी घातक है। ऐसे लोगों के साथ सख्ती की जाए। ऐसे लापरवाह लोगों के बारे में समाज को अवगत कराया जाना चाहिए। पहली बार पकड़े जाने पर ₹1,000 और दूसरी बार बिना मास्क पकड़े जाने पर ₹10,000 का जुर्माना लिया जाए।

प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति को और बेहतर करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर 10 नए ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जाने हैं। इस कार्य में डीआरडीओ का सहयोग मिल रहा है। इसके अलावा, भारत सरकार के स्तर से भी ऑक्सीजन आपूर्ति की मॉनिटरिंग की जा रही है। समन्वय बनाते हुए डिमांड भेजें। ऑक्सीजन के संबंध में अगले 15 दिनों की अनुमानित मांग के अनुरूप उपलब्धता बनाये रखी जाए। इसके साथ-साथ प्रदेश में ऑक्सीजन वितरण की प्रक्रिया में भी संतुलन बनाए रखा जाए। प्रत्येक अस्पताल में न्यूनतम 36 घंटे का ऑक्सीजन बैकअप होना चाहिए।

कुछ स्थानों पर ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी की सूचना प्राप्त हुई है। इस संबंध में तत्काल कार्यवाही की जाए। सिलेंडर क्रय करने की प्रक्रिया में कतई देरी न हो। भारत सरकार से भी इस संबंध में सहयोग प्राप्त किया जा सकता है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री ऑक्सीजन की आपूर्ति और वितरण के कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करेंगे। किसी भी जीवन रक्षक औषधि तथा होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के मेडिकल किट की दवाओं में कोई कमी न होने पाए। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग का कंट्रोल रूम निरन्तर कार्यशील रहते हुए रेमडेसिविर सहित विभिन्न औषधियों की उपलब्धता पर लगातार नजर रखे। रेमिडीसीवीर की अनुमानित आवश्यकता अनुरूप उत्पादनकर्ता कम्पनियों से संवाद स्थापित करते हुए मांग भेजी जाए।

यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी दशा में यह सप्लाई चेन बाधित न होने पाए। स्वास्थ्य मंत्री औषधियों की उपलब्धता और आपूर्ति की पूरी चेन पर नजर रखें। इसकी लगातार समीक्षा की जाए।रायपुर (छत्तीसगढ़) में अस्पताल में आग लगने की हृदयविदारक घटना घटित हुई है। इस घटना में कोविड मरीजों की दुःखद मृत्यु हुई है। हमें इस घटना से सीख लेना चाहिए। प्रदेश के सभी जिलों के सभी सरकारी व निजी चिकित्सा संस्थानों में फायर सेफ्टी के उपकरणों का परीक्षण कर लिया जाए। यह कार्य आज ही सम्पन्न करा लिया जाए। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं है। प्रदेश में औद्योगिक कार्य सतत जारी रहें। साप्ताहिक रविवार बंदी के दिन केवल उन्हीं इकाइयों में बंदी रहेगी, जहां पहले से ही रविवार को अवकाश होता है। सभी औद्योगिक इकाइयों में भी श्रमिकों की सुविधाओं/जरूरतों का ध्यान रखा जाए।

लखनऊ, प्रयागराज, मुरादाबाद, झांसी, कानुपर सहित संक्रमण से अति प्रभावित करीब 12 जिलों में आईसीयू और आइसोलेशन बेड्स की क्षमता दोगुनी किये जाने की आवश्यकता है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री यह व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। कानपुर में जीएसवीएम, रामा मेडिकल कॉलेज और नारायणा मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं में बढ़ोतरी की जाए। यह सभी हॉस्पिटल अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य करें। बेड्स में बढ़ोतरी की जाए, साथ ही सभी चिकित्सकीय सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रदेश में नियमानुसार कंटेनमेंट ज़ोन की व्यवस्था सख्ती से लागू की जाए। अब तक 46000 से अधिक कंटेनमेंट ज़ोन बनाये गए हैं। प्रत्येक जनपद में निगरानी समितियों के कार्याें की नियमित समीक्षा की जाए। इनकी सक्रियता अत्यंत आवश्यक है। सीएम हेल्पलाइन से निगरानी समितियों से नियमित संवाद किया जाए।

कोविड पर नियंत्रण के लिए यह महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाए कि सार्वजनिक स्थल पर भीड़ न हो। सामान का लेन-देन करने वाले लोग मास्क और ग्लव्स का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। धर्मस्थलों में 05 से अधिक लोग एक समय में न जाएं। स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फाॅगिंग के विशेष अभियान के बेहतर नतीजों के लिए इसे युद्धस्तर पर संचालित किया जाए। ग्रामीण और शहरी इलाकों में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फाॅगिंग की प्रभावी कार्रवाई की जाए।सभी जनपदों में क्वारन्टीन सेंटर का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जाए। विशेष रेलगाड़ियों के माध्यम से अन्य प्रदेशों से आने वाले लोगों को क्वारन्टीन सेंटर पहुंचा कर सभी की स्क्रीनिंग एवं आवश्यकतानुसार जांच की जाए। क्वारन्टीन सेंटर में लोगों के ठहरने तथा भोजन आदि की समुचित व्यवस्था की जाए। 

पंचायत चुनावों में संलग्न कार्मिकों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी प्रबंध किए जाएं। जिन महिलाओं के बच्चे छोटे हैं, यथासंभव उन्हें चुनाव ड्यूटी में न लगाया जाए। आरटीपीसीआर टेस्ट की संख्या में वृद्धि की जाए। इसके लिए सरकारी एवं अधिकृत निजी प्रयोगशालाएं पूरी क्षमता से कार्य करें। जनपद स्तर पर जिला प्रशासन द्वारा अधिकृत निजी प्रयोगशालाओं के माध्यम से भी आरटीपीसीआर टेस्ट कराए जाएं। इस सम्बन्ध में जिलाधिकारियों एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी गण परस्पर समन्वय स्थापित करते हुए कारगर रणनीति तैयार करें। कतिपय जनपदों से गेहूं क्रय को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई हैं। तत्काल इनका संज्ञान लिया जाए। कोविड काल में भी गेहूं क्रय की प्रक्रिया सतत जारी रखी जाए। क्रय केंद्रों पर किसानों की जरूरतों और सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। भुगतान में देरी न हो।

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