भारत का पहला 150 करोड़ रू0 का 'ग्रीन बॉन्ड' बीएसई के बॉन्ड प्लेटफॉर्म पर हुआ अधिसूचित


गाजियाबाद। गाजियाबाद नगर निगम, जिसने निजी प्लेसमेंट के आधार पर बीएसई के बॉन्ड प्लेटाफॉर्म का उपयोग करते हुए म्युनिस्पिल बॉन्ड के माध्यम से 150 करोड़ रूपए जुटाए (50 करोड़ रूपए के ग्रीन शू विकल्प के साथ बेस इश्यू: 100 करोड़ रूपए) आज बीएसई एक्सचेंज पर लिस्ट हुआ व 31 मार्च 2021को उसका सब्सक्रिप्शन हुआ था।

इस करयोग्य  बॉन्ड की कूपन दर 8.1% प्रति वर्ष तय की गई थी और इंडिया रेटिंग्स ने इसकी रेंटिंग एए श्रेणी में की थी तथा ब्रिकवर्क्स द्वारा इसकी रेटिंग एए (सीई) की गई है। इसकी 10 साल की परिपक्वता है तथा ऋणमुक्ति के लिए अदायगी चरणबद्ध ढंग से होगी। इसके अतिरिक्त, नगर निगम को इन बॉन्डों लाने के लिए भारत सरकार से 19.5 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली है। नगर निगम ने पानी की आपूर्ति से संबंधित विभिन्न लक्ष्यों और उद्देश्यों को प्राप्त करने के उद्देश्य से साहिबाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के साथ एक समझौता किया है और पूंजी को आंशिक रूप से स्थानीय सीवेज और जल उपचार संयंत्र के उपयोग के लिए प्रस्तावित किया गया है, जिसकी लागत लगभग 239.33 करोड़ रुपये है।

8 अप्रैल 2021 को इस महत्वपूर्ण लिस्टिंग सेरेमनी का आयोजन दिल्ली के पंचसितारा होटल ओबेरॉय में किया गया जिसमें जन० वी० के० सिंह (सेवानिवृत), मा० राज्यमंत्री सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार, आशुतोष टंडन, नगर विकास मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, दुर्गा शंकर मिश्रा, सचिव, आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय, केशव वर्मा, सलाहकार, उत्तर प्रदेश सरकार, रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव, नगर विकास, उत्तर प्रदेश सरकार, आशा शर्मा, मा० महापौर गाज़ियाबाद नगर निगम, आशीष कुमार चौहान, एम्०डी० एवं सी०ई०ओ० बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, वरुण, ए०के०कैपिटल्स, अनुराग कुछल, सीनियर वाईस प्रेसिडेंट, एच०एफ०डी०सी० तथा महेंद्र सिंह तवर, नगर आयुक्त गाज़ियाबाद मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ राष्ट्रगान से किया गया।  

सभी अतिथियों का सम्मान कर, तदानुसार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज द्वारा विधिवत गोंग (घंटी) बजाकर गाज़ियाबाद नगर निगम को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट किया गया। इस अवसर के महत्व को रेखांकित  करते हुए, जन० वी० के० सिंह (सेवानिवृत), मा० राज्यमंत्री सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार, ने कहा “सबसे पहले तो मैं गाजियाबाद नगर निगम को देश का पहला ग्रीन बांड जारी करने के लिए बधाई देता हूँ। गाज़ियाबाद जो पहले गलत कारणों से जाना जाता था वो अब दिन प्रतिदिन विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भी दिल्ली को विभिन्न शहरों को जोड़ने के लिए जो कार्य कर रहा है उसमें गाज़ियाबाद एक केंद्र बिंदु बनके उभर रहा है।”


आशुतोष टंडन, नगर विकास मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भी अपने संबोधन में कहा “मा० मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्ग निर्देशन में उत्तर प्रदेश एक नया इतिहास बना रहा है। एक तरफ कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई है दूसरी तरफ निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। लखनऊ के बाद गाज़ियाबाद ने अपना म्युनिसिपल बांड जारी किया है जिसमें निवेशकों ने जो दिलचस्पी दिखाई है वो काबिले-तारीफ है। भविष्य में उत्तर प्रदेश के अन्य शहर भी अपने म्युनिसिपल बांड जारी करेंगें, ऐसी मैं उम्मीद करता हूँ।“ दुर्गा शंकर मिश्रा, सचिव, आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय ने कहा कि “उत्तर प्रदेश के शहर अब अन्य राज्यों के विकसित शहरों की श्रेणी में अपना नाम दर्ज करा रहे हैं। म्युनिसिपल बांड ना केवल बाज़ार से आपको धनराशि जुटाकर देता है बल्कि आपको स्वालंबी तथा परिपक्व भी बनाता है।

उत्तर प्रदेश अब हर क्षेत्र में अच्छा परफॉर्म कर रहा है चाहे वो स्वच्छता हो, चाहे प्रधान मंत्री आवास योजना हो या चाहे हाल ही में संचालित प्रधान मंत्री स्वनिधि योजना हो। कभी पीछे रहने वाला प्रदेश अब हर योजना में देश के प्रथम तीन प्रदेशों में अपना नाम दर्ज करा रहा है। म्युनिसिपल गवर्नेंस भी अब उत्तर प्रदेश में बदल रही है, जो एक अच्छा संकेत है।“ केशव वर्मा, सलाहकार, उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा “निविदा की तिथि में कुछ ही मिनटों में 40 बोलियां आई और इनसे कुल 401 करोड़ रुपये की सदस्यता आकर्षित हुई और वह भी 8.10% की बहुत प्रतिस्पर्धी कूपन दर के साथ अपने आप में काफी सराहनीय है। आने वाले समय में क्लस्टर्स में भी म्युनिसिपल बांड जारी होंगे। अहमदाबाद ओर अन्य शहर इस बात के प्रतीक हैं कि म्युनिसिपल बांड कैसे म्युनिसिपल गवर्नेंस को सुदृढ़ करते हैं। गाज़ियाबाद को पुन: बधाई।“

रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव, नगर विकास, उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा “गाज़ियाबाद ओर उत्तर प्रदेश के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है और इससे नगर निगम में वित्तीय अनुशासन लागू होगा जो नगर निगम को एक नयी दिशा में ले जाने का काम करेगा। पहले उत्तर प्रदेश एक विद्युत् डेफिसिट राज्य था जबकि आज विद्युत् सरप्लस राज्य है, पहले बीमारू राज्यों में नाम आता है, आज लगभग हर योजना में हम अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के कोविड मैनेजमेंट को पुरे देश ने सराहा है। म्युनिसिपल गवर्नेंस में भी अब उत्तर प्रदेश पहले से बेहतर कर रहा है। गाज़ियाबाद की पूरी टीम को देश का पहला ग्रीन म्युनिसिपल बांड जारी करने के लिए पुन: बधाई।“

आशा शर्मा, मा० महापौर गाज़ियाबाद नगर निगम ने कहा” देश का पहला ग्रीन म्युनिसिपल बांड जारी करना गाज़ियाबाद के लिए हर्ष का विषय है। गाज़ियाबाद नगर निगम हमारे देश के मा० प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं उत्तर प्रदेश के मा० मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा लिए गये हर संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। भविष्य में म्युनिसिपल गवर्नेंस को सुदृढ़ करने के लिए जो भी कदम उठाने होंगें हम उठाएंगे।“ बॉन्ड्स की लिस्टिंग के मौके पर, बॉम्बे स्टॉक के एमडी और सीईओ आशीषकुमार चौहान ने कहा, “मैं गाजियाबाद नगर निगम को सफलतापूर्वक राशि जुटाने के लिए बधाई देना चाहता हूं। बीएसई बॉन्ड प्लेटफॉर्म पर गाजियागाद नगर निगम ने बॉन्ड जारी करके 150 करोड़ सफलतापूर्वक जुटाए। इस बॉन्ड को लेकर ऑर्डर बुक कुछ ही मिनटों में चार गुना  से अधिक भर गई, जो गाजियाबाद नगर निगम को भारतीय बॉन्ड बाजार में एक विश्वसनीय इकाई के रूप में स्थापित करती है।


मैं योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूरे उत्तर प्रदेश प्रशासन को भी बधाई देना चाहूंगा। योगी आदित्यनाथ जी ने विकास व शहरी केंद्रों के लिए आधुनिक बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के साधन के रूप में बाजार आधारित ऋण की पद्धति को अपनाया है। उनकी ये नीतियां भविष्योन्मुख व  पारदर्शी हैं।  ग्रीन बॉन्ड बाजार में अपार संभावनाएं हैं। यह भारतीय नगरपालिकाओं को स्वच्छ और जलवायु की रक्षा करते हुए शहरी बुनियादी ढाँचे के राष्ट्रीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए धन जुटाने का एक आकर्षक अवसर है। बीएसई बॉन्ड प्लेटफॉर्म ने ऋण प्रतिभूतियों की नियुक्ति के लिए मूल्य खोज में पारदर्शिता और दक्षता लाने में मदद की है और यह प्लेटफॉर्म मूल रूप से बिना किसी रूकावट के सुगम स​ब्स्क्रिप्शन  को संभव बनाता है। "इशू की सफलता और भारत में म्यूनिस्पिल बांड के की संभावनाओं के संदर्भ में ए.के. मित्तल, एमडी व सीईओ, ए. के. कैपिटल ने कहा, “भारत के पहले ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड को 150  करोड़ रुपये के म्यूनिसिपल बॉन्ड स्पेस में ऐतिहासिक कम दरों पर संभव बनाने के लिए गाजियाबाद नगर निगम को बधाई।

हम, ए.के. कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड, इस इशू के साथ मर्चेंट बैंकर के रूप में जुड़े होने पर गर्व महसूस करते हैं। गाजियाबाद नगर निगम बांड मजबूत संरचित भुगतान तंत्र द्वारा समर्थित हैं, जो इसे एए समूह रेटिंग के योग्य बनाता है। इसलिए यह निवेशकों के लिए एक आकर्षक रिटर्न के साथ यह एक अच्छा और सुरक्षित निवेश है। हम भारतीय नगरपालिका बॉन्ड बाजार में तेजी से विकास होता देख रहे हैं जिसमें नवीन संरचनाएं और निवेशकों की भागीदारी का विस्तार हो रहा है। लखनऊ नगर पालिका और गाजियाबाद नगर पालिका बांड जारी करने की सफलता के बाद हम उम्मीद करते हैं कि और अधिक यूएलबी ग्रीन बॉन्ड जरिए धन जुटाने के लिए ऋण बाजारों  में संभावनाओं को टटोलेंगे।''

गाजियाबाद नगर निगम के नगर आयुक्त, महेंद्र सिंह तवर ने कहा, “यह एक महत्वपूर्ण अवसर है और पूंजी जुटाने से न केवल वित्तीय अनुशासन लागू होगा, बल्कि निगम को भविष्य में एक बड़ी निधि जुटाने का मौका मिलेगा। यह नगरपालिका बांडों में बाजार के विश्वास और उत्तर प्रदेश राज्य में सुशासन का प्रतिबिंब है। इस धनराशि का उपयोग सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से शुद्ध किये हुए पानी को पाइप लाइन बिछाकर साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र की इकाईओं को पानी उपलब्ध कराने के लिए किया जायेगा, जिसका MoU हो चूका है।” इस बॉन्ड इशू के लिए लिए ए.के.कैपिटल सर्विसिस लिमिटेड व एचडीएफसी बैंक मर्चेंट बैंकर्स हैं।

Popular posts from this blog

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आॅनलाईन ट्रांसफर सिस्टम विकसित किये जाने की प्रगति की समीक्षा बैठक की गई संपन्न

स्वस्थ जीवन मंत्र : चैते गुड़ बैसाखे तेल, जेठ में पंथ आषाढ़ में बेल

एकेटीयू में ऑफलाइन परीक्षा को ऑनलाइन कराए जाने के संबंध में कुलपति को सौंपा गया ज्ञापन