अब तक 771504 किसानों से कुल 37.63 लाख मी0टन गेहूँ की खरीद की गई

लखनऊ। रबी विपणन वर्ष 2021-22 में न्यूनतम समर्थन मूल्य योजनान्तर्गत 01 अप्रैल 2021 से गेहूँ खरीद की जा रही है। प्रदेश में खाद्य एवं रसद विभाग तथा अन्य क्रय एजेन्सियों के 5678 क्रय केन्द्र संचालित हैं, अब तक 771504 किसानों से कुल 37.63 लाख मी0टन गेहूँ, मूल्य रू-7431.27 करोड़ की खरीद की गई है, जबकि गतवर्ष पूरी क्रय अवधि में कुल 35.76 लाख मी0टन खरीद की गयी थी, इस प्रकार गतवर्ष से 1.87 लाख मी0टन अधिक खरीद हुई है।
 
एजेन्सीवार खरीद - खाद्य विभाग- 9.62 लाख मी0टन, पी0सी0एफ0-17.53 लाख मी0टन, पी0सी0यू0-4.55 लाख मी0टन, एस0एफ0सी0-0.825 लाख मी0टन, यू0पी0एस0एस0-3.16 लाख मी0टन, मण्डी परिषद-0.961 लाख मी0टन एवं भा0खा0नि0-0.981 लाख मी0टन, कुल 37.63 लाख मी0टन की खरीद की गयी है। इस वर्ष गेंहूँ की बिक्री हेतु खाद्य विभाग के पोर्टल पर 1481773 किसानों द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण कराया गया है जबकि गतवर्ष गेंहूँ खरीद हेतु कुल 794484 किसानों द्वारा अपना पंजीकरण कराया था। इस वर्ष किसानों द्वारा रिकार्ड पंजीकरण कराया गया है और अब तक 771504 पंजीकृत किसानों से गेंहूँ की खरीद कर न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना का लाभ प्रदान कराया गया है।
 
अधिक से अधिक किसानों को समर्थन मूल्य योजना का लाभ प्रदान किये जाने के उद्देश्य से क्रय केन्द्रों पर सप्ताह में 04 दिन (सोमवार से बृहस्पतिवार) एक कृषक से अधिकतम 50 कुन्तल गेंहूँ की खरीद किये जाने की व्यवस्था की गयी है तथा सप्ताह के शेष 02 दिवसों में (शुक्रवार व शनिवार) प्रति किसान 50 कुन्तल से अधिक गेंहूँ की खरीद की जा सकेगी। उक्त व्यवस्था दिनांक 31.05.2021 से प्रभावी होगी। क्रय केन्द्रों पर किसानों के बैठने के लिए छाया व पीने के पानी की समुचित व्यवस्था की गयी है तथा कोविड-19 महामारी के संक्रमण से बचाव हेतु साबुन, पानी व सैनेटाइजर इत्यादि की व्यवस्था की गयी है। कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराते हुये कृषक हित में खरीद की जा रही है। इस वर्ष गेहॅू का समर्थन मूल्य 1975 रू0 प्रति कुं0 निर्धारित किया गया है। खरीद 15 जून, 2021 तक जारी रहेगी।

Popular posts from this blog

स्वस्थ जीवन मंत्र : चैते गुड़ बैसाखे तेल, जेठ में पंथ आषाढ़ में बेल

त्वमेव माता च पिता त्वमेव,त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव!

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ गौरी रूपेण संस्थिता।  नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।