भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों शहरों व कस्बों में बाईपास बनाने की बनाई जाए कार्य योजना - केशव प्रसाद मौर्य



प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्रामीण सड़कों के रखरखाव ,नवीनीकरण व चौड़ीकरण आदि पर विशेष रूप से फोकस किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया है ।उन्होंने यह भी कहा कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों,शहरों ,कस्बों आदि में बाईपास बनाने की कार्य योजना बनाई जाए। केशव प्रसाद मौर्य आज राज्य सड़क प्रबंधन समिति की वर्चुअल बैठक में  अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए ।

बैठक में प्रबंधन समिति के सदस्यों से भी सड़क निर्माण कार्यों के बारे में सुझाव लिए गए । राज्य सड़क निधि के अंतर्गत वर्ष 2021 - 22 की कार्य योजना में प्राविधानित 3000 करोड़ रुपए की धनराशि में से 2200 सौ करोड़ रुपए की धनराशि चालू कार्यों पर व 800 करोड़ रुपए की धनराशि नवीन कार्यों पर व्यय किए जाने हेतु समिति द्वारा सर्वसम्मति से अनुमोदन प्रदान किया गया।

 समिति द्वारा यह निर्णय लिया गया कि राज्य सड़क निधि 3054 -मद में प्रावधानित 1500 करोड़ में से चालू  कार्य हेतु 1200 सौ करोड़ एवं नए कार्यों हेतु 300 करोड़ रुपए की धनराशि की जाएगी तथा राज्य सड़क निधि मद -5054 मे प्राविधानित 1500 करोड़ के सापेक्ष चालू कार्यों हेतु 1000 करोड़ एवं नए कार्यो  हेतु 500 करोड़ रुपए की धनराशि व्यय की जाएगी ।

श्री मौर्य ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए तथा मानक और गुणवत्ता का विशेष रुप से ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि साइट पर जहां कहीं भी कार्य संचालित हो रहे हो ,वहां पर कोविड-19 के तहत निर्धारित प्रोटोकॉल का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए ।वर्चुअल बैठक में कई सांसदों ,विधायकों व समिति के सदस्यों ने निर्माण कार्यों के बारे में अपने सुझाव रखे। उपमुख्यमंत्री ने सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि निर्धारित गाइडलाइन व नई तकनीकी के माध्यम से आवश्यक आवश्यकता के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी ।

 उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित समिति के सदस्यों द्वारा कोरोना संक्रमण से दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति कामना की गई तथा 2 मिनट का मौन रखा गया और श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।



Popular posts from this blog

स्वस्थ जीवन मंत्र : चैते गुड़ बैसाखे तेल, जेठ में पंथ आषाढ़ में बेल

त्वमेव माता च पिता त्वमेव,त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव!

राष्ट्रीयता और नागरिकता में अंतर