गुरूद्वारा नाका हिंडोला में ज्येष्ठ माह का संक्रान्ति पर्व श्रद्धा-सत्कार के साथ मनाया गया

लखनऊ। शुक्रवार को ज्येष्ठ माह संक्रान्ति पर्व श्री गुरू सिंह सभा, ऐतिहासिक गुरूद्वारा नाका हिंडोला, लखनऊ में सरबत के भले की अरदास एवं शासन द्वारा जारी कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुसार बड़ी श्रद्धा एवं सत्कार के साथ मनाया गया। प्रातः का दीवान 6.00 बजे श्री सुखमनी साहिब जी के पाठ से प्रारम्भ हुआ जो 10.30 बजे तक चला जिसमें रागी जत्था भाई राजिन्दर सिंह ने अपनी मधुरवाणी में -

           हरि जेठ जुड़ंदा लोड़ीअै जिस अगै सभि निवंनि।।

           हरि सजण दावणि लगिआ किसै न देई बंनि ।।

शबद कीर्तन गायन कर संगत को निहाल किया। उसके उपरान्त मुख्य ग्रन्थी ज्ञानी सुखदेव सिंह ने ज्येष्ठ माह पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्री गुरूअर्जुन देव जी कहते हैं, इस माह में हमें परमपिता परमात्मा से जुड़ना चाहिये क्योंकि वह ही सर्वश्रेष्ठ है,सबसे ऊँचा है, उसी के आगे सभी सिर झुकाते हैं। उस प्रभु के आगे किसी की नहीं चलती, उसी का हुकुम सभी को मान्य होता है, वही जन्म देता है, वही मृत्यु देता है, वही सुख देता है, वही दुःख देता है। इसलिये सुख की प्राप्ति के लिये हमें प्रभु की आराधना करनी चाहिये। जैसे एक कमजोर बेल किसी बडे़ पेड़ के सहारे ऊँची उठ जाती है ऐसे ही बहुत से कमजोर व्यक्ति ‘वाहेगुरू’ का जाप (सिमरन) करके ताकतवर व धनवान हो जाते हैं।

दीवान की समाप्ति के उपरान्त लखनऊ गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह बग्गा ने आई साध संगतों को ज्येष्ठ माह संक्रान्ति पर्व की बधाई देते हुए नगरवासियों से अपील की शासन द्वारा जारी कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए घरों में गुरबाणी का पाठ कर त्योहारों को मनाएं। कार्यक्रम का संचालन सतपाल सिंह ‘‘मीत’’ ने किया। उसके उपरान्त मिष्ठान प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया गया।

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