गुरूद्वारा नाका हिंडोला में श्रद्धा के साथ मनाया गया साहिब श्री गुरु हरिगोबिन्द साहिब जी का प्रकाश पर्व

लखनऊ। आज 25.06.2021 दिन शुक्रवार को सायं मीरी पीरी के मालिक, बन्दी छोड़ दाता, साहिब सिखों के छठे गुरु साहिब श्री गुरु हरिगोबिन्द जी का प्रकाश पर्व (जन्मोत्सव) पर श्री गुरू सिंह सभा, ऐतिहासिक गुरूद्वारा नाका हिंडोला, लखनऊ में मुख्य ग्रन्थी ज्ञानी सुखदेव सिंह द्वारा श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी के चरणों में समूह मानवता के भले की अरदास करते हुए मनाया गया एवं बाबा बन्दा सिंह बहादुर जी के शहीद दिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित किये गये। हजूरी रागी भाई राजिन्दर सिंह ने अपनी मधुरवाणी में शबद कीर्तन-

                      पंज पिआले पंज पीर छठमु पीरु बैठा गुर भारी।।
                  अरजन काइिआ पलटि कै मूरति हरिगोबिन्द सवारी।।
 
गायन कर संगत को निहाल किया। ज्ञानी सुखदेव सिंह ने मीरी पीरी के मालिक, बन्दी छोड़ दाता साहिब श्री गुरु हरिगोबिन्द साहिब जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आपका जन्म श्री गुरु अरजन देव जी व माता गंगा जी के घर श्री अमृतसर में हुआ था। श्री गुरु अरजन देव जी की शहीदी के बाद आप गद्दी पर बैठे व दो तलवारें धारण की एक मीरी की और एक पीरी की। मीरी का मतलब बादशाहत, ताकत, शक्ति, भाव जो लोग दुनिया में जुल्म कर रहे है। मैं मीरी की तलवार पहन कर उन्हें जुल्म करने से रोकूंगा और पीरी का मतलब जो लोग पीर फकीर अधर्मी बनकर पाप कर रहे हैं, मै उनके पाप को प्रकट करुंगा व सच्चे धर्माथियों की रक्षा करुंगा।
 
 
जहाँ श्री गुरु अरजन देव जी ने श्री अमृतसर में हरिमन्दिर साहिब की सर्जना की जो भक्ति का प्रतीक है, वहाँ श्री गुरु हरिगोबिन्द साहिब जी ने ठीक हरिमन्दिर साहिब के सामने अकाल तख्त की सर्जना की जो शक्ति का प्रतीक है। गुरु जी ने दुनिया के भले के लिये पानी की कमी को देखकर जगह-जगह कुएं खुदवाये और ऊँच नीच के भेदभाव को खत्म किया। गुरु जी की दिन प्रतिदिन बढ़ती ताकत को देखकर जुल्म का शिकार हुए ईर्शालु सहन न कर सके व गुरु जी को ग्वालियर के किले में बन्द कर दिया। जहाँ जहाँगीर के सताये हुए 52 हिन्दू राजा भी कैद थे जिनका राजपाट जहाँगीर ने अपने कब्जे में कर लिया था, पर कुछ समय बाद जहाँगीर ने गुरु जी को मुक्त करने का आदेश दिया। गुरु जी ने कहा हम अकेले किले से बाहर नहीं जायेंगे।
 
अगर हमें रिहा करना है तो इन 52 हिन्दू राजाओं को भी रिहा करना होगा। जहाँगीर को गुरु जी की शर्त माननी पड़ी। इस तरह गुरु जीे उन 52 हिन्दू राजाओं को लेकर किले से बाहर निकले और उनका राजपाट वापस दिलवाया। तभी से गुरु जी को ‘‘बन्दी छोड़ दाता’’ भी कहा जाता है। सिमरन साधना परिवार के बच्चों ने भी शबद कीर्तन गायन किया। कार्यक्रम का संचालन स0 सतपाल सिंह मीत ने किया। लखनऊ गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी के अध्यक्ष स0 राजेन्द्र सिंह बग्गा ने नगरवासियों को को साहिब श्री गुरु हरिगोबिन्द साहिब जी का प्रकाश पर्व (प्रकाशोत्सव) की बधाई दी और बाबा बन्दा सिंह बहादुर जी के शहीद दिवस पर उन्हें अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये। हरमिन्दर सिंह टीटू, सतपाल सिंह मीत, हरविन्दरपाल सिंह नीटा की देखरेख में कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए मिस्से प्रसादे एवं लस्सी का लंगर वितरित किया गया। ऐतिहासिक गुरूद्वारा नाका हिंड®ला,लखनऊ में 400 लोगों को लगाई गई वैक्सीन दिनांक 26.06.2021 को भी वैक्सीन लगाना जारी रहेगा।

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